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बददी ! बददी कैलाश विहार-हाऊसिंग बोर्ड फेस तीन रोड पर कुछ दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक बैल का न केवल बददी के स्थानीय लोगों ने ईलाज करवाया बल्कि उसको दवा दिलाकर गौशाला भी छोडा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलांवाली शमशान घाट के बाहर एक बैल कई दिनों से तडप रहा था और उठ भी नहीं पा रहा था। जहां उसके पूरे शरीर पर मक्खियों का वास था वहीं कभी भी वो दम तोड सकता था क्योंकि न तो उसके लिए चारे की व्यवस्था और न ही पानी की। इतने में सामाजिक संस्था अमित सिंगला सोशली वैल्फेयर सोसाईटी के अध्यक्ष सुमित सिंगला वहां से निकल और उन्होने तुरंत इस बेजुबान जानवर को बचाने का अभियान शुरु किया। कई लोगों का इसमें सहयोग लिया गया। इतने बडे बैल को उठाना व पकडना संभव नहीं था। सिंगला ने अपनी सोसाईटी की पूरी टीम को इस काम में झोंका। उसके बाद बददी पशु औषधालय से कर्मचारियों ने इसको दवा दी। इसके बाद अगला मिशन था इसको वहां से उठाकर सुरक्षित स्थान यानि गौशाल पहुंचाना। सुमित सिंगला ने बताया कि हमने इसे बाद हैड्रा क्रेन मंगवाकर घायल बैल को गौशाला पहुंचाया। वहीं दूसरी ओर शिवपुरी धाम के अध्यक्ष बेअंत ठाकुर ने कहा कि अपने लिए तो हर कोई जीता है लेकिन दर्द से तडपते किसी बेजुबान जानवर को दवाई दिलाना और फिर उसको के्रन से गाडी में लदवाकर गौशाला पहुंचाना हर किसी के बात की नहीं है। हजारों लोग वहां से गुजरते हैं लेकिन अमित सिंगला सोशल वैल्फेयर सोसाईटी के पदाधिकारियों ने जो नेेक काम किया है वो उनकी सच्ची समाज सेवा को दर्शाता है। कैपश्न-कैलाश विहार रोड पर दर्द से तडपते बैल को गौशाला पहुंचाने में जुटे अमित सिंगला सोशल वैल्फेयर सोसाईटी के सदस्य।
बददी ! बददी कैलाश विहार-हाऊसिंग बोर्ड फेस तीन रोड पर कुछ दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक बैल का न केवल बददी के स्थानीय लोगों ने ईलाज करवाया बल्कि उसको दवा दिलाकर गौशाला भी छोडा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलांवाली शमशान घाट के बाहर एक बैल कई दिनों से तडप रहा था और उठ भी नहीं पा रहा था। जहां उसके पूरे शरीर पर मक्खियों का वास था वहीं कभी भी वो दम तोड सकता था क्योंकि न तो उसके लिए चारे की व्यवस्था और न ही पानी की। इतने में सामाजिक संस्था अमित सिंगला सोशली वैल्फेयर सोसाईटी के अध्यक्ष सुमित सिंगला वहां से निकल और उन्होने तुरंत इस बेजुबान जानवर को बचाने का अभियान शुरु किया। कई लोगों का इसमें सहयोग लिया गया। इतने बडे बैल को उठाना व पकडना संभव नहीं था। सिंगला ने अपनी सोसाईटी की पूरी टीम को इस काम में झोंका।
उसके बाद बददी पशु औषधालय से कर्मचारियों ने इसको दवा दी। इसके बाद अगला मिशन था इसको वहां से उठाकर सुरक्षित स्थान यानि गौशाल पहुंचाना। सुमित सिंगला ने बताया कि हमने इसे बाद हैड्रा क्रेन मंगवाकर घायल बैल को गौशाला पहुंचाया। वहीं दूसरी ओर शिवपुरी धाम के अध्यक्ष बेअंत ठाकुर ने कहा कि अपने लिए तो हर कोई जीता है लेकिन दर्द से तडपते किसी बेजुबान जानवर को दवाई दिलाना और फिर उसको के्रन से गाडी में लदवाकर गौशाला पहुंचाना हर किसी के बात की नहीं है। हजारों लोग वहां से गुजरते हैं लेकिन अमित सिंगला सोशल वैल्फेयर सोसाईटी के पदाधिकारियों ने जो नेेक काम किया है वो उनकी सच्ची समाज सेवा को दर्शाता है।
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