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हिमाचल प्रदेश के 68 सरकारी स्कूल और नौ डिग्री कालेज हाईटेक बनेंगे। दरअसल सरकार के आदेशों के बाद शिक्षा विभाग ने प्रोपोजल अप्रूव करने के लिए भेज दिया है। स्वर्ण जयंती योजना के तहत शिक्षा विभाग ने सरकार को हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्कूल का चयन कर उनकी अंतिम मंजूरी मांगी है, उसमें से नौ डिग्री कालेजों के नाम भी उस में से है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में शिक्षा विभाग के लिए 8016 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। प्रारंभिक स्कूलों में एनरोलमेंट बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वर्ण जयंती विद्यालय योजना की घोषणा की थी। इनमें बेहतर टॉयलट, बिजली, पंखों की व्यवस्था, स्मार्ट कक्षा, फर्नीचर, पानी, पुस्तकालय, खेलकूद सुविधा शामिल है। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार होगी। इस योजना के लिए 15 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। योजना में ऐसे 68 स्कूलों को हाईटेक बनाने की योजना है, जहां पर सालों से कोई सुविधा नहीं मिल पाई है। अहम यह है कि स्वर्ण विद्यालय योजना के तहत शर्त रखी गई है कि इस योजना के तहत उन्हीं विद्यालयों को चुना जाएगा, जहां पर छात्रों की संख्या 500 से अधिक होगी। इन स्कूलों का नवीकरण किया जाएगा। योजना के लिए 30 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया। नौ कालेजों को उत्कृष्ट कालेजों के तौर पर तैयार करने के लिए भी शिक्षा विभाग ने प्रोपोजल तैयार कर सरकार को भेजा है। बताया जा रहा है कि इस साल ही पुराने स्कूल-कालेजों के विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। इसी माह सरकार से अप्रूव मिलने के बाद स्वर्ण जंयती योजना के तहत चयन किए गए स्कूलों का विकास करना शुरू हो जाएगा। भवन निर्माण से लेकर क्लास रूम में छात्रों को आईसीटी लैब से लेकर स्मार्ट तरीके से स्टडी करवाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के 68 सरकारी स्कूल और नौ डिग्री कालेज हाईटेक बनेंगे। दरअसल सरकार के आदेशों के बाद शिक्षा विभाग ने प्रोपोजल अप्रूव करने के लिए भेज दिया है। स्वर्ण जयंती योजना के तहत शिक्षा विभाग ने सरकार को हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्कूल का चयन कर उनकी अंतिम मंजूरी मांगी है, उसमें से नौ डिग्री कालेजों के नाम भी उस में से है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में शिक्षा विभाग के लिए 8016 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। प्रारंभिक स्कूलों में एनरोलमेंट बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वर्ण जयंती विद्यालय योजना की घोषणा की थी।
इनमें बेहतर टॉयलट, बिजली, पंखों की व्यवस्था, स्मार्ट कक्षा, फर्नीचर, पानी, पुस्तकालय, खेलकूद सुविधा शामिल है। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार होगी। इस योजना के लिए 15 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। योजना में ऐसे 68 स्कूलों को हाईटेक बनाने की योजना है, जहां पर सालों से कोई सुविधा नहीं मिल पाई है।
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अहम यह है कि स्वर्ण विद्यालय योजना के तहत शर्त रखी गई है कि इस योजना के तहत उन्हीं विद्यालयों को चुना जाएगा, जहां पर छात्रों की संख्या 500 से अधिक होगी। इन स्कूलों का नवीकरण किया जाएगा। योजना के लिए 30 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया। नौ कालेजों को उत्कृष्ट कालेजों के तौर पर तैयार करने के लिए भी शिक्षा विभाग ने प्रोपोजल तैयार कर सरकार को भेजा है। बताया जा रहा है कि इस साल ही पुराने स्कूल-कालेजों के विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। इसी माह सरकार से अप्रूव मिलने के बाद स्वर्ण जंयती योजना के तहत चयन किए गए स्कूलों का विकास करना शुरू हो जाएगा। भवन निर्माण से लेकर क्लास रूम में छात्रों को आईसीटी लैब से लेकर स्मार्ट तरीके से स्टडी करवाई जाएगी।
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