*शीला देवी केस के अनुरूप कॉन्ट्रैक्ट सेवा का पेंशन लाभ यथावत रखने की मांग* सुनील जरियाल जिला अध्यक्ष न्यू पेंशन योजना कर्मचारी महासंघ चम्बा
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चम्बा , 22 जनवरी [ शिवानी ] ! न्यू पेंशन योजना कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल ने समस्त महासंघ की ओर से माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय सुखविंदर सिंह सुक्खू से अपील की है कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सेवा को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के लिए गिने जाने संबंधी विषय पर वित्त विभाग द्वारा स्पष्ट एवं लिखित आदेश शीघ्र जारी किए जाएँ। जरियाल ने कहा कि कांगड़ा ट्रेजरी द्वारा वित्त विभाग से ली गई क्लेरिफिकेशन के कारण प्रदेश के हजारों कर्मचारियों में भारी निराशा और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अस्पष्ट आदेशों और परस्पर विरोधी व्याख्याओं के चलते कर्मचारियों के पेंशन मामलों को वापस किया जा रहा है, जिससे सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों दोनों में दुविधा बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि शीला देवी केस की तर्ज पर जिन कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट सेवा को पेंशन हेतु क्वालिफाइंग सर्विस मानने का लाभ दिया गया है, उसे प्रदेश सरकार द्वारा यथावत रखा जाए। यह निर्णय न केवल न्यायसंगत है बल्कि सरकार द्वारा पूर्व में लागू किए गए आदेशों की निरंतरता भी सुनिश्चित करता है। सुनील जरियाल ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन बहाल कर लाखों कर्मचारियों के दिल जीते थे और इसके बाद 10 वर्ष से कम नियमित सेवा वाले कर्मचारियों की कॉन्ट्रैक्ट सेवा जोड़कर उन्हें OPS का लाभ देकर दूसरी बार कर्मचारियों व उनके परिवारों में अपनी विशेष पहचान बनाई थी। लेकिन अब सेवा एवं भर्ती अधिनियम 2024 लाकर उन्हीं लाभों को सीमित करना कर्मचारियों की उम्मीदों को तोड़ने वाला कदम साबित हो रहा है।जरियाल ने कहा कि एक बार लागू किए गए निर्णय को कुछ ही महीनों में पलटना सरकार की छवि को नुकसान पहुँचा रहा है और कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा रहा है। कॉन्ट्रैक्ट सेवा गिने जाने के बाद सैकड़ों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिला था, जिससे उनके परिवारों में आर्थिक स्थिरता आई थी। इसी भरोसे पर अनेक कर्मचारियों ने सरकारी शेयर की राशि ब्याज सहित जमा करवाई, कई कर्मचारियों ने इसके लिए ऋण लेकर लाखों रुपये जमा किए, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनकी पेंशन स्वीकृत नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि कई पेंशन मामलों को विभाग और एजी कार्यालय द्वारा अधिनियम का हवाला देकर लौटाया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर न्यायालयों द्वारा याचिकाकर्ताओं को लाभ देने के आदेश भी साथ-साथ चल रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल ने पुनः मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक एवं त्वरित निर्णय लें, कॉन्ट्रैक्ट सेवा के लाभ को यथावत रखने के आदेश जारी करें तथा लंबित पेंशन मामलों को शीघ्र स्वीकृत करने हेतु संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दें, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।
चम्बा , 22 जनवरी [ शिवानी ] ! न्यू पेंशन योजना कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल ने समस्त महासंघ की ओर से माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय सुखविंदर सिंह सुक्खू से अपील की है कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सेवा को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के लिए गिने जाने संबंधी विषय पर वित्त विभाग द्वारा स्पष्ट एवं लिखित आदेश शीघ्र जारी किए जाएँ।
जरियाल ने कहा कि कांगड़ा ट्रेजरी द्वारा वित्त विभाग से ली गई क्लेरिफिकेशन के कारण प्रदेश के हजारों कर्मचारियों में भारी निराशा और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अस्पष्ट आदेशों और परस्पर विरोधी व्याख्याओं के चलते कर्मचारियों के पेंशन मामलों को वापस किया जा रहा है, जिससे सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों दोनों में दुविधा बनी हुई है।
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उन्होंने मांग की कि शीला देवी केस की तर्ज पर जिन कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट सेवा को पेंशन हेतु क्वालिफाइंग सर्विस मानने का लाभ दिया गया है, उसे प्रदेश सरकार द्वारा यथावत रखा जाए। यह निर्णय न केवल न्यायसंगत है बल्कि सरकार द्वारा पूर्व में लागू किए गए आदेशों की निरंतरता भी सुनिश्चित करता है।
सुनील जरियाल ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन बहाल कर लाखों कर्मचारियों के दिल जीते थे और इसके बाद 10 वर्ष से कम नियमित सेवा वाले कर्मचारियों की कॉन्ट्रैक्ट सेवा जोड़कर उन्हें OPS का लाभ देकर दूसरी बार कर्मचारियों व उनके परिवारों में अपनी विशेष पहचान बनाई थी।
लेकिन अब सेवा एवं भर्ती अधिनियम 2024 लाकर उन्हीं लाभों को सीमित करना कर्मचारियों की उम्मीदों को तोड़ने वाला कदम साबित हो रहा है।
जरियाल ने कहा कि एक बार लागू किए गए निर्णय को कुछ ही महीनों में पलटना सरकार की छवि को नुकसान पहुँचा रहा है और कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा रहा है।
कॉन्ट्रैक्ट सेवा गिने जाने के बाद सैकड़ों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिला था, जिससे उनके परिवारों में आर्थिक स्थिरता आई थी। इसी भरोसे पर अनेक कर्मचारियों ने सरकारी शेयर की राशि ब्याज सहित जमा करवाई, कई कर्मचारियों ने इसके लिए ऋण लेकर लाखों रुपये जमा किए, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनकी पेंशन स्वीकृत नहीं हो पाई है।
उन्होंने बताया कि कई पेंशन मामलों को विभाग और एजी कार्यालय द्वारा अधिनियम का हवाला देकर लौटाया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर न्यायालयों द्वारा याचिकाकर्ताओं को लाभ देने के आदेश भी साथ-साथ चल रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल ने पुनः मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक एवं त्वरित निर्णय लें, कॉन्ट्रैक्ट सेवा के लाभ को यथावत रखने के आदेश जारी करें तथा लंबित पेंशन मामलों को शीघ्र स्वीकृत करने हेतु संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दें, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।
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