मुख्य अतिथि विधायक भवानी सिंह पठानिया ने किसानों को जैविक और आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी दी अम्बेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों और युवाओं को नवाचार और स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराया गया कृषि विभाग और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञों ने किसानों को फसल सुरक्षा, जल संरक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी
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धर्मशाला , 07 जनवरी [ विशाल सूद ] ! विधानसभा फतेहपुर में आज बागवानी कौशल विकास एवं जागरूकता अभियान आयोजित किया गया, जिसमें किसानों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें स्वयं सहायता समूह और विभिन्न विभागों द्वारा तैयार उत्पाद और जैविक खेती से जुड़े नवाचार प्रदर्शित किए गए। मुख्य अतिथि विधायक भवानी सिंह पठानिया ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों से उत्पादों की जानकारी ली। अम्बेडकर भवन, फतेहपुर में आयोजित इस अभियान में किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जैविक कीटनाशकों और रसायन मुक्त उत्पादन के लाभों के बारे में जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में किसानों ने अपने उत्पाद और आधुनिक बागवानी तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिससे अन्य किसानों और युवा वर्ग को सीखने का अवसर मिला। विधायक भवानी सिंह पठानिया मुख्य अतिथि ने कहा आज के इस बागवानी कौशल विकास और जागरूकता अभियान में हम किसानों को जैविक और आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण और नई तकनीकों से अवगत करा रहे हैं। प्रदर्शनी में किसानों द्वारा तैयार उत्पादों और नवाचारों को देखकर बहुत अच्छा लगा। हमारा उद्देश्य है कि किसान सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं, जैविक खेती अपनाएं और अपने व्यवसाय को अधिक लाभकारी और स्थायी बनाएं। युवा वर्ग को स्वरोजगार के अवसरों के लिए प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है। कृषि विभाग, पालमपुर के उप निदेशक कुलदीप धीमान ने किसानों को कहा कि विभाग से मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता का सही इस्तेमाल कर किसान अपनी फसल और आय दोनों को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि यदि किसी फसल में बीमारी या नुकसान की संभावना हो, तो किसान तुरंत विभाग से संपर्क करें और विशेषज्ञ सहायता प्राप्त करें। डॉ. विपन गुलेरिया, एसोसिएट डायरेक्टर (आर एंड ई), क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जच्छ ने किसानों को बताया कि नियमित प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन लेने से बागवानी क्षेत्र में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार आता है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्राप्त जानकारी को अपनाकर किसान अपने व्यवसाय को अधिक लाभकारी और मजबूत बना सकते हैं। हम चाहते हैं कि किसान नियमित प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन लें। प्रदर्शनी में दिखाई गई नई तकनीकियों और जैविक खेती के अनुभवों से किसान अपने बागवानी व्यवसाय को अधिक लाभकारी और मजबूत बना सकते हैं।
धर्मशाला , 07 जनवरी [ विशाल सूद ] ! विधानसभा फतेहपुर में आज बागवानी कौशल विकास एवं जागरूकता अभियान आयोजित किया गया, जिसमें किसानों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें स्वयं सहायता समूह और विभिन्न विभागों द्वारा तैयार उत्पाद और जैविक खेती से जुड़े नवाचार प्रदर्शित किए गए।
मुख्य अतिथि विधायक भवानी सिंह पठानिया ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों से उत्पादों की जानकारी ली। अम्बेडकर भवन, फतेहपुर में आयोजित इस अभियान में किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जैविक कीटनाशकों और रसायन मुक्त उत्पादन के लाभों के बारे में जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में किसानों ने अपने उत्पाद और आधुनिक बागवानी तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिससे अन्य किसानों और युवा वर्ग को सीखने का अवसर मिला।
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विधायक भवानी सिंह पठानिया मुख्य अतिथि ने कहा आज के इस बागवानी कौशल विकास और जागरूकता अभियान में हम किसानों को जैविक और आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण और नई तकनीकों से अवगत करा रहे हैं। प्रदर्शनी में किसानों द्वारा तैयार उत्पादों और नवाचारों को देखकर बहुत अच्छा लगा। हमारा उद्देश्य है कि किसान सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं, जैविक खेती अपनाएं और अपने व्यवसाय को अधिक लाभकारी और स्थायी बनाएं। युवा वर्ग को स्वरोजगार के अवसरों के लिए प्रोत्साहित करना हमारी प्राथमिकता है।
कृषि विभाग, पालमपुर के उप निदेशक कुलदीप धीमान ने किसानों को कहा कि विभाग से मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता का सही इस्तेमाल कर किसान अपनी फसल और आय दोनों को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि यदि किसी फसल में बीमारी या नुकसान की संभावना हो, तो किसान तुरंत विभाग से संपर्क करें और विशेषज्ञ सहायता प्राप्त करें।
डॉ. विपन गुलेरिया, एसोसिएट डायरेक्टर (आर एंड ई), क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जच्छ ने किसानों को बताया कि नियमित प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन लेने से बागवानी क्षेत्र में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार आता है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्राप्त जानकारी को अपनाकर किसान अपने व्यवसाय को अधिक लाभकारी और मजबूत बना सकते हैं।
हम चाहते हैं कि किसान नियमित प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन लें। प्रदर्शनी में दिखाई गई नई तकनीकियों और जैविक खेती के अनुभवों से किसान अपने बागवानी व्यवसाय को अधिक लाभकारी और मजबूत बना सकते हैं।
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