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चम्बा 20 फरवरी (सलूणी) [ शिवानी ] ! हिमाचल प्रदेश की सुरम्य वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में आज से तीन दिवसीय “विंटर लेक फेस्टिवल” का भव्य शुभारंभ हुआ। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा जिला के सलूणी उपमंडल में स्थित यह रमणीय स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहले ही प्रसिद्ध है, और अब इस महोत्सव के आयोजन से इसकी पहचान और भी व्यापक होने जा रही है। प्रकृति और आस्था का अनोखा संगमचंबा की पहाड़ियों के बीच, चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय के किनारे और माता भद्रकाली भलेई मंदिर के चरणों में बसी यह मनमोहक झील सैलानियों को स्वर्ग जैसा अनुभव कराती है। चारों ओर हरियाली से ढकी पर्वत श्रृंखलाएँ, नीले पानी की लहरें और उन पर तैरती नौकाएँ — यह दृश्य हर आगंतुक के मन में बस जाता है। लेजर शो में भगवान शंकर की अद्भुत झलक फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की भव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। स्थानीय संस्कृति और व्यंजनों की महक तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारोबारियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।बाहर से आए पर्यटकों ने बताया कि वे डलहौजी घूमने आए थे, लेकिन तलेरू में आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। यहां पहुंचकर उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से बाहर से आने वाले सैलानियों को और अधिक मनोरंजन व सांस्कृतिक अनुभव मिलते हैं। उन्होंने चंबा को बेहद सुंदर पर्यटन स्थल बताते हुए यहां के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की।एसडीएम सलूणी ने बताया कि यह तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक ही सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों का भी रुख करें। रोजगार का सशक्त माध्यम तलेरू वोटिंग पॉइंट केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र ही नहीं, बल्कि सैकड़ों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम भी बन चुका है। यहां चाय की दुकानें, फास्ट फूड स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
चम्बा 20 फरवरी (सलूणी) [ शिवानी ] ! हिमाचल प्रदेश की सुरम्य वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में आज से तीन दिवसीय “विंटर लेक फेस्टिवल” का भव्य शुभारंभ हुआ। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा जिला के सलूणी उपमंडल में स्थित यह रमणीय स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहले ही प्रसिद्ध है, और अब इस महोत्सव के आयोजन से इसकी पहचान और भी व्यापक होने जा रही है।
प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम
चंबा की पहाड़ियों के बीच, चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय के किनारे और माता भद्रकाली भलेई मंदिर के चरणों में बसी यह मनमोहक झील सैलानियों को स्वर्ग जैसा अनुभव कराती है। चारों ओर हरियाली से ढकी पर्वत श्रृंखलाएँ, नीले पानी की लहरें और उन पर तैरती नौकाएँ — यह दृश्य हर आगंतुक के मन में बस जाता है।
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लेजर शो में भगवान शंकर की अद्भुत झलक फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की भव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं।
स्थानीय संस्कृति और व्यंजनों की महक तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारोबारियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
बाहर से आए पर्यटकों ने बताया कि वे डलहौजी घूमने आए थे, लेकिन तलेरू में आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। यहां पहुंचकर उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से बाहर से आने वाले सैलानियों को और अधिक मनोरंजन व सांस्कृतिक अनुभव मिलते हैं। उन्होंने चंबा को बेहद सुंदर पर्यटन स्थल बताते हुए यहां के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की।
एसडीएम सलूणी ने बताया कि यह तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक ही सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों का भी रुख करें।
रोजगार का सशक्त माध्यम तलेरू वोटिंग पॉइंट केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र ही नहीं, बल्कि सैकड़ों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम भी बन चुका है। यहां चाय की दुकानें, फास्ट फूड स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
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