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चम्बा , 23 फरवरी [ शिवानी ] ! एक बार फिर से जिला चम्बा के अंतर्गत पड़ने वाली चार पंचायते जिनमें आयल, भलोड़ी, बणतर और चीह के लोगों ने उन्हें जिला परिषद वार्ड सनवाल से हटाकर दोबारा सनूह वार्ड में शामिल किए जाने के निर्णय पर कड़ा विरोध जताया है और इस संबंध में चारों पंचायतों के ग्रामीणों की प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त चम्बा को एक मांग पत्र सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना ने की। उन्होंने बताया कि इन पंचायतों का पुनर्गठन उनकी सुविधा के विरुद्ध है। इन पंचायतों से चुराह तहसील मुख्यालय की दूरी मात्र 10 किलोमीटर है। इसके विपरीत, जिस सनूह वार्ड में उन्हें जोड़ा जा रहा है, उसकी दूरी 40 किलोमीटर से भी अधिक है। पहले यह पंचायतें डलहौजी विधानसभा क्षेत्र और सनूह वार्ड का हिस्सा थीं, जिससे विकास कार्य ठप्प पड़े थे। दूरी अधिक होने के कारण प्रशासनिक कार्यों में भारी कठिनाई होती थी। पूर्व में जनता के आग्रह पर ही सरकार ने इन्हें चुराह विधानसभा और सनवाल वार्ड के साथ जोड़ा गया था ताकि प्रशासनिक सुगमता बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें दोबारा सनूह वार्ड के साथ जोड़ा जाता है, तो यह इन चार पंचायतों के लोगों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने उपायुक्त से विनम्र प्रार्थना की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को बदला जाए और उनकी समस्या का उचित समाधान किया जाए।
चम्बा , 23 फरवरी [ शिवानी ] ! एक बार फिर से जिला चम्बा के अंतर्गत पड़ने वाली चार पंचायते जिनमें आयल, भलोड़ी, बणतर और चीह के लोगों ने उन्हें जिला परिषद वार्ड सनवाल से हटाकर दोबारा सनूह वार्ड में शामिल किए जाने के निर्णय पर कड़ा विरोध जताया है और इस संबंध में चारों पंचायतों के ग्रामीणों की प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त चम्बा को एक मांग पत्र सौंपा है।
प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना ने की। उन्होंने बताया कि इन पंचायतों का पुनर्गठन उनकी सुविधा के विरुद्ध है। इन पंचायतों से चुराह तहसील मुख्यालय की दूरी मात्र 10 किलोमीटर है। इसके विपरीत, जिस सनूह वार्ड में उन्हें जोड़ा जा रहा है, उसकी दूरी 40 किलोमीटर से भी अधिक है।
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पहले यह पंचायतें डलहौजी विधानसभा क्षेत्र और सनूह वार्ड का हिस्सा थीं, जिससे विकास कार्य ठप्प पड़े थे। दूरी अधिक होने के कारण प्रशासनिक कार्यों में भारी कठिनाई होती थी। पूर्व में जनता के आग्रह पर ही सरकार ने इन्हें चुराह विधानसभा और सनवाल वार्ड के साथ जोड़ा गया था ताकि प्रशासनिक सुगमता बनी रहे।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें दोबारा सनूह वार्ड के साथ जोड़ा जाता है, तो यह इन चार पंचायतों के लोगों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने उपायुक्त से विनम्र प्रार्थना की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को बदला जाए और उनकी समस्या का उचित समाधान किया जाए।
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