डे-बोर्डिंग स्कूल से लेकर महिला मंडल भवन तक, करोट पंचायत को विकास की सौगात
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हमीरपुर , 22 फरवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! नाचते-गाते और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच करोट पंचायत के विभिन्न गाँवों खिड़की, निहारी और सरघून में विधायक का भव्य स्वागत-अभिनंदन किया गया। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह रविवार को “विधायक घर-द्वार” कार्यक्रम के तहत करोट पंचायत पहुँचे, जहाँ ग्रामीणों ने फूलमालाओं, शाल और टोपी पहनाकर उनका सम्मान किया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से अपना स्नेह प्रकट किया। कार्यक्रम के दौरान विधायक ने अलग-अलग स्थानों पर जनसभाएँ कर ग्रामीणों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि करोट पंचायत के विकास के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी गई है। उन्होंने विशेष रूप से डे-बोर्डिंग स्कूल की सौगात का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को सशक्त करने का माध्यम भी बनेगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही किसी भी समाज की वास्तविक पूंजी होती है और करोट पंचायत को यह सौगात इसी सोच के साथ दी गई है। विधायक ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। रास्तों के निर्माण, डंगे और रेलिंग लगाने के लिए राशि जारी की जा चुकी है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के दुर्गम हिस्सों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना उनकी प्राथमिकता रही है, ताकि विकास की धारा हर घर तक पहुँचे। महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए विधायक ने घोषणा की कि करोट पंचायत में महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है और शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि महिला मंडल समाज की रीढ़ हैं और उनके लिए एक समर्पित भवन सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देगा। यह भवन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सामूहिक गतिविधियों के लिए मंच प्रदान करेगा। जनसभाओं के दौरान ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं को विधायक के समक्ष रखा। विधायक ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की बात भी कही, ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि “विधायक घर-द्वार” कार्यक्रम का उद्देश्य ही यही है कि जनप्रतिनिधि सीधे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएँ सुनें और मौके पर समाधान की दिशा में कदम उठाएँ। विधायक ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने करोट पंचायत के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो प्यार, स्नेह और सम्मान उन्हें मिला है, वह उन्हें और अधिक सेवा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी विकास कार्यों की गति और तेज की जाएगी तथा करोट पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने एक बार फिर तालियों और नारों के साथ विधायक का अभिनंदन किया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर सकारात्मक वातावरण है और जनता व जनप्रतिनिधि के बीच संवाद और विश्वास की मजबूत कड़ी स्थापित हो रही है। करोट पंचायत में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल स्वागत का अवसर बना, बल्कि विकास, संवाद और जनसहभागिता का प्रतीक भी साबित हुआ।
हमीरपुर , 22 फरवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! नाचते-गाते और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच करोट पंचायत के विभिन्न गाँवों खिड़की, निहारी और सरघून में विधायक का भव्य स्वागत-अभिनंदन किया गया। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह रविवार को “विधायक घर-द्वार” कार्यक्रम के तहत करोट पंचायत पहुँचे, जहाँ ग्रामीणों ने फूलमालाओं, शाल और टोपी पहनाकर उनका सम्मान किया। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से अपना स्नेह प्रकट किया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने अलग-अलग स्थानों पर जनसभाएँ कर ग्रामीणों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि करोट पंचायत के विकास के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी गई है। उन्होंने विशेष रूप से डे-बोर्डिंग स्कूल की सौगात का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को सशक्त करने का माध्यम भी बनेगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही किसी भी समाज की वास्तविक पूंजी होती है और करोट पंचायत को यह सौगात इसी सोच के साथ दी गई है।
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विधायक ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। रास्तों के निर्माण, डंगे और रेलिंग लगाने के लिए राशि जारी की जा चुकी है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के दुर्गम हिस्सों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना उनकी प्राथमिकता रही है, ताकि विकास की धारा हर घर तक पहुँचे।
महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए विधायक ने घोषणा की कि करोट पंचायत में महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है और शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि महिला मंडल समाज की रीढ़ हैं और उनके लिए एक समर्पित भवन सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देगा। यह भवन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सामूहिक गतिविधियों के लिए मंच प्रदान करेगा।
जनसभाओं के दौरान ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं को विधायक के समक्ष रखा। विधायक ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की बात भी कही, ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि “विधायक घर-द्वार” कार्यक्रम का उद्देश्य ही यही है कि जनप्रतिनिधि सीधे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएँ सुनें और मौके पर समाधान की दिशा में कदम उठाएँ।
विधायक ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने करोट पंचायत के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो प्यार, स्नेह और सम्मान उन्हें मिला है, वह उन्हें और अधिक सेवा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी विकास कार्यों की गति और तेज की जाएगी तथा करोट पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने एक बार फिर तालियों और नारों के साथ विधायक का अभिनंदन किया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर सकारात्मक वातावरण है और जनता व जनप्रतिनिधि के बीच संवाद और विश्वास की मजबूत कड़ी स्थापित हो रही है। करोट पंचायत में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल स्वागत का अवसर बना, बल्कि विकास, संवाद और जनसहभागिता का प्रतीक भी साबित हुआ।
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