राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने की समापन समारोह की अध्यक्षता पारंपरिक पगड़ी पहनकर की राज माधव राय की पूजा, उसके बाद जलेब में हुए शामिल शहर के अधिकतर भागों से होकर गुजरी अंतिम जलेब, पड्डल में जाकर हुआ समापन पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष और अन्य विधायक भी विशेष रूप से रहे मौजूद
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मंडी , 22 फरवरी [ विशाल सूद ] ! बीते एक सप्ताह से जारी छोटी काशी का भव्य देव समागम रविवार को तीसरी एवं अंतिम शाही जलेब के साथ संपन्न हो गया। समापन समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने की। उनके साथ पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य विधायक विशेष रूप से मौजूद रहे। सर्वप्रथम राज्यपाल को पारंपरिक पगड़ी पहनाई गई। इसके बाद उन्होंने राज माधव राय मंदिर में जाकर विधिवत पूजा अर्चना की। उपरांत इसके राज माधव राय की पालकी के साथ महोत्सव की तीसरी एवं अंतिम शाही जलेब की शुरूआत हुई। अंतिम जलेब राज माधव राय मंदिर से शुरू होकर चौहटा बाजार, मोती बाजार, समखेतर और बाबा भूतनाथ मंदिर से होती हुई पड्डल मैदान में जाकर संपन्न हुई। अंतिम जलेब में भी देवलू अपने देवी-देवताओं के साथ झूमते-नाचते और गाते हुए शामिल हुए। लोगों में जलेब को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग इस भव्य और अलौकिक नजारे को देखने के लिए मौजूद रहे। पड्डल मैदान में जलेब के पहुंचने के साथ ही राज्यपाल ने शिवरात्रि ध्वज उतारकर इसके विधिवत समापन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छोटी काशी से नाम से विख्यात मंडी शहर अपनी स्थापना के 500वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है, जोकि इस नगर के स्मृद्धशाली इतिहास की विरासत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भगवान शिव की साधना कभी भंग नहीं होती वैसे ही छोटी काशी मंडी की 500 वर्षों की अनवरत साधना भंग नहीं हुई है, ये हमेशा चल रही है और आगे भी चलती रहेगी। उन्होंने इसके लिए मंडी के लोगों को बधाई दी। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति और सभ्यता को कायम रखने का आहवान भी किया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने केंद्र सरकार द्वारा एआई के क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए कहा कि अगर एआई के माध्यम से पशुओं का उपचार हो सकता है तो आने वाले समय में इसके माध्यम से प्राकृतिक संपदा को भी सुरक्षित रखने में काफी मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इस नई तकनीक का लाभ निश्चित रूप से हिमाचल जैसे राज्य को भी मिलेगा और केंद्र सरकार की तरफ से इस पर जो भी योजना बनाई जाएगी उसमें हिमाचल का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा। महोत्सव के समापन पर राज्यपाल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। उन्होंने बेहतरीन आयोजन के लिए डीसी मंडी अपूर्व देवगन सहित समस्त जिला प्रशासन की प्रशंसा की और सभी को इसके लिए बधाई दी। इस मौके पर मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा, धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर, करसोग के विधायक दीपराज भंथल और सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
मंडी , 22 फरवरी [ विशाल सूद ] ! बीते एक सप्ताह से जारी छोटी काशी का भव्य देव समागम रविवार को तीसरी एवं अंतिम शाही जलेब के साथ संपन्न हो गया। समापन समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने की। उनके साथ पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य विधायक विशेष रूप से मौजूद रहे। सर्वप्रथम राज्यपाल को पारंपरिक पगड़ी पहनाई गई।
इसके बाद उन्होंने राज माधव राय मंदिर में जाकर विधिवत पूजा अर्चना की। उपरांत इसके राज माधव राय की पालकी के साथ महोत्सव की तीसरी एवं अंतिम शाही जलेब की शुरूआत हुई। अंतिम जलेब राज माधव राय मंदिर से शुरू होकर चौहटा बाजार, मोती बाजार, समखेतर और बाबा भूतनाथ मंदिर से होती हुई पड्डल मैदान में जाकर संपन्न हुई।
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अंतिम जलेब में भी देवलू अपने देवी-देवताओं के साथ झूमते-नाचते और गाते हुए शामिल हुए। लोगों में जलेब को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग इस भव्य और अलौकिक नजारे को देखने के लिए मौजूद रहे। पड्डल मैदान में जलेब के पहुंचने के साथ ही राज्यपाल ने शिवरात्रि ध्वज उतारकर इसके विधिवत समापन की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि छोटी काशी से नाम से विख्यात मंडी शहर अपनी स्थापना के 500वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है, जोकि इस नगर के स्मृद्धशाली इतिहास की विरासत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भगवान शिव की साधना कभी भंग नहीं होती वैसे ही छोटी काशी मंडी की 500 वर्षों की अनवरत साधना भंग नहीं हुई है, ये हमेशा चल रही है और आगे भी चलती रहेगी। उन्होंने इसके लिए मंडी के लोगों को बधाई दी। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति और सभ्यता को कायम रखने का आहवान भी किया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने केंद्र सरकार द्वारा एआई के क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए कहा कि अगर एआई के माध्यम से पशुओं का उपचार हो सकता है तो आने वाले समय में इसके माध्यम से प्राकृतिक संपदा को भी सुरक्षित रखने में काफी मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इस नई तकनीक का लाभ निश्चित रूप से हिमाचल जैसे राज्य को भी मिलेगा और केंद्र सरकार की तरफ से इस पर जो भी योजना बनाई जाएगी उसमें हिमाचल का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा।
महोत्सव के समापन पर राज्यपाल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। उन्होंने बेहतरीन आयोजन के लिए डीसी मंडी अपूर्व देवगन सहित समस्त जिला प्रशासन की प्रशंसा की और सभी को इसके लिए बधाई दी। इस मौके पर मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा, धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर, करसोग के विधायक दीपराज भंथल और सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
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