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चम्बा ! चम्बा जिला में सड़कों की हालत बहुत ही खराब है। यहां की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि पहाड़ियों पर रास्ते में सफर करना खतरे से खाली नहीं है ।यहां की ऊंची ढलान दार सड़क की वजह से यहां अक्सर हर साल हादसे होते रहते हैं जिसमें दर्जनों लोग अपनी बेशकीमती जान गवा देते हैं ।जिसकी मुख्य वजह वहां पर पैराफिट या क्रेशबेरियर का ना होना है हालांकि पुलिस द्वारा ड्राइवर की लापरवाही कहकर इसमें केस बना दिया जाता है। चंबा जिला के मंजीर से सलूणी तक के मार्ग की बात करें तो ही रास्ता इतना खतरनाक है कि यहां पर अक्सर कोई हादसा होता रहता है। सड़क से नीचे पहाड़ियां इतनी गहरी है की गलती से भी कोई गाड़ी अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे गिरती है तो करीब 1 किलोमीटर तक वह गाड़ी नीचे जा सकती है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां किसी को बचना कैसे मुमकिन हो सकता है। कई बार लोग प्रशासन से यहां पर पैराफिट या क्रैश बैरियर लगाने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी भी बहुत सी ऐसी जगह है जहां पर इनका न होना लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। यहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि मंजीर से सलूणी तक के मार्ग पर सफर करना हो तो उन्हें काफी डर लगता है क्योंकि रास्ते में ना तो सड़क के किनारे ना तो कोई पैराफिट है और ना ही कोई क्रैश बैरियर लगा हुआ है जिसकी वजह से यहां हमेशा ही दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है ।उन्होंने बताया कि अगर कोई यहां हादसा होता है तो उसका बच पाना मुश्किल ही लगता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है सड़क के किनारे पर क्रेशबेरियर व पैराफिट लगाए जाए ताकि यहां होने वाली घटनाओं को कम किया जा सके।
चम्बा ! चम्बा जिला में सड़कों की हालत बहुत ही खराब है। यहां की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि पहाड़ियों पर रास्ते में सफर करना खतरे से खाली नहीं है ।यहां की ऊंची ढलान दार सड़क की वजह से यहां अक्सर हर साल हादसे होते रहते हैं जिसमें दर्जनों लोग अपनी बेशकीमती जान गवा देते हैं ।जिसकी मुख्य वजह वहां पर पैराफिट या क्रेशबेरियर का ना होना है हालांकि पुलिस द्वारा ड्राइवर की लापरवाही कहकर इसमें केस बना दिया जाता है। चंबा जिला के मंजीर से सलूणी तक के मार्ग की बात करें तो ही रास्ता इतना खतरनाक है कि यहां पर अक्सर कोई हादसा होता रहता है।
सड़क से नीचे पहाड़ियां इतनी गहरी है की गलती से भी कोई गाड़ी अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे गिरती है तो करीब 1 किलोमीटर तक वह गाड़ी नीचे जा सकती है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां किसी को बचना कैसे मुमकिन हो सकता है। कई बार लोग प्रशासन से यहां पर पैराफिट या क्रैश बैरियर लगाने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी भी बहुत सी ऐसी जगह है जहां पर इनका न होना लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है।
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यहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि मंजीर से सलूणी तक के मार्ग पर सफर करना हो तो उन्हें काफी डर लगता है क्योंकि रास्ते में ना तो सड़क के किनारे ना तो कोई पैराफिट है और ना ही कोई क्रैश बैरियर लगा हुआ है जिसकी वजह से यहां हमेशा ही दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है ।उन्होंने बताया कि अगर कोई यहां हादसा होता है तो उसका बच पाना मुश्किल ही लगता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है सड़क के किनारे पर क्रेशबेरियर व पैराफिट लगाए जाए ताकि यहां होने वाली घटनाओं को कम किया जा सके।
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