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करसोग ! कोरोना वायरस संक्रमण से जूझते और लॉकडाउन की स्थिति में प्रवासियों अस्पताल में रह रहे मरीजों के साथ उनके अटेंडेंट्स तथा गरीबों और जरूरत मंदों तक खाना पहुंचाने का काम संभाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करसोग में अभियान चलाया है ।कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ करसोग और सेवा भारती इकाई करसोग भी मैदान में उतर आए हैं। संघ के स्वयं सेवक करसोग के कार्यकर्ता अलग-अलग हिस्सों में जरुरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने में जुटे हुए हैं, इसके चलते आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करसोग की बस्ती ममेल के स्वयंसेवकों के द्वारा गांव के सभी लोगों के साथ मिलकर रोटियां एकत्रित की की गई इसमें लगभग 200 लोगों की भोजन व्यवस्था भी की गई तथा नागरिक चिकित्सालय करसोग में भी दूर दूर से आ रहे मरीजों तथा उनके साथ आए अटेंडेंट को भी भोजन का इंतजाम किया गया इसमें से बहुत से चिकित्सालय के कर्मचारी भी है जिनकी भोजन व्यवस्था स्थानीय भोजनालय व इर्द गिर्द के होटलों के ऊपर पूरी तरह से निर्भर होती थी उनकी इस विपदा के समय में स्वयंसेवकों के द्वारा भोजन व्यवस्था की जा रही है इसके साथ साथ स्वयंसेवकों ने निर्माणाधीन आईटीआई करसोग में रह रहे प्रवासियों को भी भोजन व्यवस्था उपलब्ध करवा दी गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करसोग का मानना है कि लॉकडाउन वाले स्थानों पर कमजोर तबके के लोगों को राशन आदि की दिक्कत हो सकती है। ऐसे में मानवता का तकाजा है कि ऐसे जरूरतमंदों तक दैनिक जरूरत की वस्तुएं पहुंचाई जाएगी। जिससे लॉकडाउन की स्थिति में भी भोजन सामग्री के अभाव में कोई भूखा न रहने पाए।
करसोग ! कोरोना वायरस संक्रमण से जूझते और लॉकडाउन की स्थिति में प्रवासियों अस्पताल में रह रहे मरीजों के साथ उनके अटेंडेंट्स तथा गरीबों और जरूरत मंदों तक खाना पहुंचाने का काम संभाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करसोग में अभियान चलाया है ।कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ करसोग और सेवा भारती इकाई करसोग भी मैदान में उतर आए हैं।
संघ के स्वयं सेवक करसोग के कार्यकर्ता अलग-अलग हिस्सों में जरुरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने में जुटे हुए हैं, इसके चलते आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करसोग की बस्ती ममेल के स्वयंसेवकों के द्वारा गांव के सभी लोगों के साथ मिलकर रोटियां एकत्रित की की गई इसमें लगभग 200 लोगों की भोजन व्यवस्था भी की गई तथा नागरिक चिकित्सालय करसोग में भी दूर दूर से आ रहे मरीजों तथा उनके साथ आए अटेंडेंट को भी भोजन का इंतजाम किया गया इसमें से बहुत से चिकित्सालय के कर्मचारी भी है जिनकी भोजन व्यवस्था स्थानीय भोजनालय व इर्द गिर्द के होटलों के ऊपर पूरी तरह से निर्भर होती थी उनकी इस विपदा के समय में स्वयंसेवकों के द्वारा भोजन व्यवस्था की जा रही है इसके साथ साथ स्वयंसेवकों ने निर्माणाधीन आईटीआई करसोग में रह रहे प्रवासियों को भी भोजन व्यवस्था उपलब्ध करवा दी गई है।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करसोग का मानना है कि लॉकडाउन वाले स्थानों पर कमजोर तबके के लोगों को राशन आदि की दिक्कत हो सकती है। ऐसे में मानवता का तकाजा है कि ऐसे जरूरतमंदों तक दैनिक जरूरत की वस्तुएं पहुंचाई जाएगी। जिससे लॉकडाउन की स्थिति में भी भोजन सामग्री के अभाव में कोई भूखा न रहने पाए।
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