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चम्बा ! बिजली के निजीकरण के फैसले से जेई एसोसिएशन चंबा जोन ने नाराजगी जाहिर की है। जेई एसोसिएशन चंबा जोन सचिव अजय भारद्धाज ने बताया कि जहां कोरोना संक्रमण से पूरा देश संर्घष कर रहा है ऐसे में बिजली बोर्ड के कर्मचारी 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवा रहा है। बिजली बोर्ड का हर कर्मचारी कोरोना लड़ाई में सरकार के साथ हर कदम साथ निभा रहा है। लेकिन ऐसे संकट के समय में केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने बीते 17 अप्रैल को बिजली संशोधन अधिनियम 2020 का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। ड्राफ्ट के अनुसार देश के सभी राज्यों को अपना सुझाव देने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार बिजली वितरण प्रणाली का निजीकरण करना चाहता है। ऐसे में बिजली कर्मचारियों, इंजीनियर, किसान समेत गरीब उपभोक्ताओं को आने वाले समय में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पूरा देश जहां कोरोनावायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है। ऐसे में बिजली वितरण के निजीकरण का ड्राफ्ट जारी करने से बिजली कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। मौजूदा समय में केंद्र व प्रदेश सरकार का एक ही लक्ष्य है कि कोरोना महामारी को कैसे मिटाया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि प्रदेश सरकार कर्मचारी व उपभोक्ता विरोधी संशोधित अधिनियम 2020 के प्राप्त के पक्ष में सहमति न दें।
चम्बा ! बिजली के निजीकरण के फैसले से जेई एसोसिएशन चंबा जोन ने नाराजगी जाहिर की है। जेई एसोसिएशन चंबा जोन सचिव अजय भारद्धाज ने बताया कि जहां कोरोना संक्रमण से पूरा देश संर्घष कर रहा है ऐसे में बिजली बोर्ड के कर्मचारी 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवा रहा है।
बिजली बोर्ड का हर कर्मचारी कोरोना लड़ाई में सरकार के साथ हर कदम साथ निभा रहा है। लेकिन ऐसे संकट के समय में केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने बीते 17 अप्रैल को बिजली संशोधन अधिनियम 2020 का ड्राफ्ट तैयार किया गया है।
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ड्राफ्ट के अनुसार देश के सभी राज्यों को अपना सुझाव देने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार बिजली वितरण प्रणाली का निजीकरण करना चाहता है। ऐसे में बिजली कर्मचारियों, इंजीनियर, किसान समेत गरीब उपभोक्ताओं को आने वाले समय में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि पूरा देश जहां कोरोनावायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है। ऐसे में बिजली वितरण के निजीकरण का ड्राफ्ट जारी करने से बिजली कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। मौजूदा समय में केंद्र व प्रदेश सरकार का एक ही लक्ष्य है कि कोरोना महामारी को कैसे मिटाया जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि प्रदेश सरकार कर्मचारी व उपभोक्ता विरोधी संशोधित अधिनियम 2020 के प्राप्त के पक्ष में सहमति न दें।
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