
- विज्ञापन (Article Top Ad) -
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां रिज पर स्थित हिमाचल निर्माता और प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डाॅ. वाई एस परमार की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पाजंलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि डाॅ. परमार न केवल एक राजनीतिज्ञ थे, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति थे जिनका जीवन मूल्य पर आधारित था। वह पहाड़ी क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से भली भांति परिचित थे और प्रदेश में कृषि और बागवानी क्षेत्र पर अधिक ध्यान देकर विकास का मार्ग प्रशस्त करने के पक्षधर रहे। डाॅ. परमार की महानता उनकी सादगी थी और जब उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा तो उन्होंने सरकारी वाहन छोड़ दिया और सार्वजनिक परिवहन से अपने गांव लौटे। राज्यपाल ने कहा कि डाॅ. परमार हिमाचली संस्कृति और जीवन शैली प्रति हमेशा गौरवान्वित रहे और प्रदेश की आवश्यकताओं को अच्छी तरह समझते थे। उन्होंने कहा कि हमें डाॅ. परमार के जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए और कृषि और बागवानी क्षेत्रों में अधिक कार्य कर और पिछड़े क्षेत्रों की प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जल शक्ति, राजस्व और बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, शहरी विकास, शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री सुरेश भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधायक, महापौर सत्या कौंडल, उपायुक्त शिमला अमित कश्यप, निदेशक सूचना और जन संपर्क हरबंस ब्रसकोन, नगर निगम शिमला के पार्षद और क्षेत्र के लोगों ने भी इस अवसर पर डाॅ. परमार को श्रद्धांजलि दी। सूचना और जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने इस अवसर पर देशभक्ति के भजन सुनाए।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां रिज पर स्थित हिमाचल निर्माता और प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डाॅ. वाई एस परमार की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पाजंलि अर्पित की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि डाॅ. परमार न केवल एक राजनीतिज्ञ थे, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति थे जिनका जीवन मूल्य पर आधारित था। वह पहाड़ी क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से भली भांति परिचित थे और प्रदेश में कृषि और बागवानी क्षेत्र पर अधिक ध्यान देकर विकास का मार्ग प्रशस्त करने के पक्षधर रहे। डाॅ. परमार की महानता उनकी सादगी थी और जब उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा तो उन्होंने सरकारी वाहन छोड़ दिया और सार्वजनिक परिवहन से अपने गांव लौटे।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
राज्यपाल ने कहा कि डाॅ. परमार हिमाचली संस्कृति और जीवन शैली प्रति हमेशा गौरवान्वित रहे और प्रदेश की आवश्यकताओं को अच्छी तरह समझते थे। उन्होंने कहा कि हमें डाॅ. परमार के जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए और कृषि और बागवानी क्षेत्रों में अधिक कार्य कर और पिछड़े क्षेत्रों की प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जल शक्ति, राजस्व और बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, शहरी विकास, शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री सुरेश भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधायक, महापौर सत्या कौंडल, उपायुक्त शिमला अमित कश्यप, निदेशक सूचना और जन संपर्क हरबंस ब्रसकोन, नगर निगम शिमला के पार्षद और क्षेत्र के लोगों ने भी इस अवसर पर डाॅ. परमार को श्रद्धांजलि दी।
सूचना और जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने इस अवसर पर देशभक्ति के भजन सुनाए।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -