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शिमला ! प्रदेश सरकार के बेतुके फैसलों पर भले ही बड़े नाम केवल बयानबाजी तक सीमित रहे वही सरकार के खिलाफ कांग्रेस के पार्षद व व्यपारमण्डल के प्रधान सरदार इंद्रजीत सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के फैसले को चुनौती दी जिसमे सरकार द्वारा सोलन और सिरमौर के कोरोना मरीजों को शिमला स्थित दीनदयाल हस्पताल (कोविड सेंटर) शिमला में लाये जाने की अधिसूचना जारी की गई थी । दीनदयाल हस्पताल जो की शहर के मध्य में स्तिथ है और पहले ही इसे कोविड सेंटर बनाने का चौतरफा विरोध शहरवासियों द्वारा किया जा रहा था वही सरकार ने एक कदम आगे रखते हुए न केवल जिला शिमला के कोरोना मरीजों के इलाज के लिए डेडिकेटिड हस्पताल बना डाला अपितु जिला सिरमौर और जिला सोलन (जहाँ पर कोरोना बहुत अधिक फैल रहा है ) के मरीजों को भी यहां लाने की अनुमति दे डाली । शहर के बीचों बीच स्तिथ हस्पताल में इस महामारी के मरीजों को लाने के फैसले से सभी वर्गों में नाराजगी थी व महामारी के शहर में फैलाने की आशंका के कारण सभी अपने अपने तरीके से फैसले का विरोध भी कर रहे थे । माननीय न्यायालय में इन्द्र द्वारा दायर जनहित याचिका में न्यायलय ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है और कहा गया है की सोलन व सिरमौर जिला के कोरोना मरीजो को तब तक शिमला डीडीयू शिफ्ट नही किया जा सकता जब तक दोनों जिला हस्पतालों में इतनी भीड़ नही हो जाती की वहां उनका इलाज सम्भव न हो । डीडीयू में भी पूरी तरह से कोविड मरीजो के इलाज हेतु सारी सुविधाएं उपलब्ध नही है जिस कारण वहां से भी मरीजो को आईजीएमसी शिफ्ट किया जाता रहा है । एक अन्य आदेश में हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा डीडीयू में एनेस्थीसिया के रिक्त पद को भरने के लिए रामपुर हस्पताल से तबादले के आदेश भी जारी किये गए है यह याचिका भी इन्द्र जीत द्वारा की गई थी । शहर की जनता नेकांग्रेस पार्षद व व्यपारमण्डल अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का धन्यवाद व आभार प्रकटकिया है।
शिमला ! प्रदेश सरकार के बेतुके फैसलों पर भले ही बड़े नाम केवल बयानबाजी तक सीमित रहे वही सरकार के खिलाफ कांग्रेस के पार्षद व व्यपारमण्डल के प्रधान सरदार इंद्रजीत सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के फैसले को चुनौती दी जिसमे सरकार द्वारा सोलन और सिरमौर के कोरोना मरीजों को शिमला स्थित दीनदयाल हस्पताल (कोविड सेंटर) शिमला में लाये जाने की अधिसूचना जारी की गई थी ।
दीनदयाल हस्पताल जो की शहर के मध्य में स्तिथ है और पहले ही इसे कोविड सेंटर बनाने का चौतरफा विरोध शहरवासियों द्वारा किया जा रहा था वही सरकार ने एक कदम आगे रखते हुए न केवल जिला शिमला के कोरोना मरीजों के इलाज के लिए डेडिकेटिड हस्पताल बना डाला अपितु जिला सिरमौर और जिला सोलन (जहाँ पर कोरोना बहुत अधिक फैल रहा है ) के मरीजों को भी यहां लाने की अनुमति दे डाली । शहर के बीचों बीच स्तिथ हस्पताल में इस महामारी के मरीजों को लाने के फैसले से सभी वर्गों में नाराजगी थी व महामारी के शहर में फैलाने की आशंका के कारण सभी अपने अपने तरीके से फैसले का विरोध भी कर रहे थे ।
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माननीय न्यायालय में इन्द्र द्वारा दायर जनहित याचिका में न्यायलय ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है और कहा गया है की सोलन व सिरमौर जिला के कोरोना मरीजो को तब तक शिमला डीडीयू शिफ्ट नही किया जा सकता जब तक दोनों जिला हस्पतालों में इतनी भीड़ नही हो जाती की वहां उनका इलाज सम्भव न हो । डीडीयू में भी पूरी तरह से कोविड मरीजो के इलाज हेतु सारी सुविधाएं उपलब्ध नही है जिस कारण वहां से भी मरीजो को आईजीएमसी शिफ्ट किया जाता रहा है ।
एक अन्य आदेश में हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा डीडीयू में एनेस्थीसिया के रिक्त पद को भरने के लिए रामपुर हस्पताल से तबादले के आदेश भी जारी किये गए है यह याचिका भी इन्द्र जीत द्वारा की गई थी । शहर की जनता नेकांग्रेस पार्षद व व्यपारमण्डल अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह का धन्यवाद व आभार प्रकटकिया है।
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