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शिमला ! सरकार गोसदनों में बेसहारा पशुओं की मदद के लिए सोमवार से अपनी योजना शुरू करने जा रही है। सरकार 500-500 रुपए की राशि के हिसाब से गोसदनों में बेसहारा पशुओं के लिए पैसे देगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं। हाल ही में कैबिनेट में इस योजना का ऐलान किया था, जिस पर एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई। प्रदेश में 182 गोसदनों मेें रखी गई 36 हजार 311 बेसहारा पशुओं के पालन पोषण के लिए प्रति गाय 500 रुपए प्रति प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा सरकार की ओर से यह शर्त भी रखी गई है कि प्रोत्साहन राशि उसे ही दी जाएगी, जहां गो सदन में कम से कम 30 बेसहारा पशु होंगे। सदन के अकाउंट में पैसे आने के बाद गोसदन संचालक इसे पशुओं के चारे और गौसदन से संबंधित कार्यों पर खर्च कर सकेंगे। प्रदेश में इस समय 30 हजार से ज्यादा सड़कों पर घूम रहे हैं। कई जगह तो ये सड़क दुर्घटनाओं का भी कारण बन रहे हैं और कई जगह ये किसानों-बागबानों की फसल को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनसे निजात पाने के लिए सरकार ने इन्हें पालने वाले गोसदनों को प्रात्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। बताया जाता है कि प्रदेश के सभी जिलों में बेसहारा पशुओं की संख्या 36 हजार 311 है। इसमें कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा 11 हजार 223 बेसहारा पशु है। शिमला में 5560, कुल्लू में 3867, मंडी में 3095, ऊना में 2492, सोलन में 2990, सिरमौर में 609, किन्नौर में 1007, हमीरपुर में 2827 और बिलासपुर में 2059 बेसहारा पशु हैं, जिनसे लोग परेशान हैं। प्रदेश में सरकार ने गोवंश कल्याण बोर्ड भी बनाया है। इसके माध्यम से कई क्षेत्रों में नए गोसदनों के निर्माण की योजना है। इसमें कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर, शिमला प्रमुख हैं जहां पर जमीन भी देखी जा चुकी है। इनके लिए पैसे का भी प्रबंध है। कुछ मामले जमीन के फोरेस्ट क्लीयरेंस के लिए भेजे गए हैं, जल्दी ही इनके सुलझने के साथ यहां गोवंश कल्याण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
शिमला ! सरकार गोसदनों में बेसहारा पशुओं की मदद के लिए सोमवार से अपनी योजना शुरू करने जा रही है। सरकार 500-500 रुपए की राशि के हिसाब से गोसदनों में बेसहारा पशुओं के लिए पैसे देगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं। हाल ही में कैबिनेट में इस योजना का ऐलान किया था, जिस पर एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई। प्रदेश में 182 गोसदनों मेें रखी गई 36 हजार 311 बेसहारा पशुओं के पालन पोषण के लिए प्रति गाय 500 रुपए प्रति प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा सरकार की ओर से यह शर्त भी रखी गई है कि प्रोत्साहन राशि उसे ही दी जाएगी, जहां गो सदन में कम से कम 30 बेसहारा पशु होंगे।
सदन के अकाउंट में पैसे आने के बाद गोसदन संचालक इसे पशुओं के चारे और गौसदन से संबंधित कार्यों पर खर्च कर सकेंगे। प्रदेश में इस समय 30 हजार से ज्यादा सड़कों पर घूम रहे हैं। कई जगह तो ये सड़क दुर्घटनाओं का भी कारण बन रहे हैं और कई जगह ये किसानों-बागबानों की फसल को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनसे निजात पाने के लिए सरकार ने इन्हें पालने वाले गोसदनों को प्रात्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। बताया जाता है कि प्रदेश के सभी जिलों में बेसहारा पशुओं की संख्या 36 हजार 311 है। इसमें कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा 11 हजार 223 बेसहारा पशु है। शिमला में 5560, कुल्लू में 3867, मंडी में 3095, ऊना में 2492, सोलन में 2990, सिरमौर में 609, किन्नौर में 1007, हमीरपुर में 2827 और बिलासपुर में 2059 बेसहारा पशु हैं, जिनसे लोग परेशान हैं।
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प्रदेश में सरकार ने गोवंश कल्याण बोर्ड भी बनाया है। इसके माध्यम से कई क्षेत्रों में नए गोसदनों के निर्माण की योजना है। इसमें कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर, शिमला प्रमुख हैं जहां पर जमीन भी देखी जा चुकी है। इनके लिए पैसे का भी प्रबंध है। कुछ मामले जमीन के फोरेस्ट क्लीयरेंस के लिए भेजे गए हैं, जल्दी ही इनके सुलझने के साथ यहां गोवंश कल्याण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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