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हमीरपुर, 29 अगस्त : प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि इससे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति प्रदेश के लिए नहीं हो सकती है कि एक तरफ प्राकृतिक आपदा से राज्य में चारों तरफ तबाही हुई है, सैकड़ों घर उजड़े हैं और असंख्य परिवार बेसहारा हुए हैं, लेकिन दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जनता के आँसू पोंछने की बजाय चार्टर्ड प्लेन और फाइव स्टार होटलों में शाही ठाट-बाट का मज़ा ले रहे हैं। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने सीधा वार करते हुए कहा कि जब पूरा प्रदेश प्राकृतिक आपदा की मार से त्राहि-त्राहि कर रहा था, तब मुख्यमंत्री अपने “आकाओं” को खुश करने के लिए दिल्ली और पटना की उड़ान भर रहे थे। विधानसभा सत्र छोड़कर दिल्ली, फिर चार्टर्ड प्लेन से पटना और रात को वापस दिल्ली लौटना—ये सब उस समय हो रहा था जब प्रदेशवासी मदद की आस लगाए बैठे थे। राजेंद्र राणा ने सवाल उठाया कि आखिर इन चार्टर्ड प्लेन के खर्चे का बोझ कौन उठा रहा है? उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का पूरा हक है कि यह खर्च मुख्यमंत्री अपनी जेब से कर रहे हैं या पार्टी उन्हें यह सुविधा दे रही है या फिर कोई उद्योगपति-मित्र इस ऐशो-आराम की कीमत चुका रहा है? उन्होंने कहा कि मणिमहेश में हजारों लोग फंसे हुए हैं, प्रदेश में मौत और मलबे का आलम है, लेकिन मुख्यमंत्री जनता की चिंता करने की बजाय शिमला से हेलीकॉप्टर, चंडीगढ़ से चार्टर्ड प्लेन और दिल्ली से पटना की सैर-सपाटे में मशगूल हैं। राणा ने तंज कसते हुए कहा—“पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री देखने को मिला है जो हिमाचल भवन के मुख्यमंत्री स्वीट में ठहरने की बजाय दिल्ली और चंडीगढ़ में फाइव स्टार होटलों में रातें गुजारता है। प्रदेश को कर्ज की दलदल में धकेलकर मुख्यमंत्री शाही शौक पूरे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश आपदा से जूझ रहा हो, और उस वक्त प्रदेश का मुखिया जनता को बेसहारा छोड़कर राजनीतिक आकाओं की चापलूसी और चार्टर्ड प्लेन की उड़ान भरता रहे—तो यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि मुख्यमंत्री की संवेदनहीनता का सबूत भी है।
हमीरपुर, 29 अगस्त : प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि इससे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति प्रदेश के लिए नहीं हो सकती है कि एक तरफ प्राकृतिक आपदा से राज्य में चारों तरफ तबाही हुई है, सैकड़ों घर उजड़े हैं और असंख्य परिवार बेसहारा हुए हैं, लेकिन दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जनता के आँसू पोंछने की बजाय चार्टर्ड प्लेन और फाइव स्टार होटलों में शाही ठाट-बाट का मज़ा ले रहे हैं।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने सीधा वार करते हुए कहा कि जब पूरा प्रदेश प्राकृतिक आपदा की मार से त्राहि-त्राहि कर रहा था, तब मुख्यमंत्री अपने “आकाओं” को खुश करने के लिए दिल्ली और पटना की उड़ान भर रहे थे। विधानसभा सत्र छोड़कर दिल्ली, फिर चार्टर्ड प्लेन से पटना और रात को वापस दिल्ली लौटना—ये सब उस समय हो रहा था जब प्रदेशवासी मदद की आस लगाए बैठे थे।
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राजेंद्र राणा ने सवाल उठाया कि आखिर इन चार्टर्ड प्लेन के खर्चे का बोझ कौन उठा रहा है? उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का पूरा हक है कि यह खर्च मुख्यमंत्री अपनी जेब से कर रहे हैं या पार्टी उन्हें यह सुविधा दे रही है या फिर कोई उद्योगपति-मित्र इस ऐशो-आराम की कीमत चुका रहा है?
उन्होंने कहा कि मणिमहेश में हजारों लोग फंसे हुए हैं, प्रदेश में मौत और मलबे का आलम है, लेकिन मुख्यमंत्री जनता की चिंता करने की बजाय शिमला से हेलीकॉप्टर, चंडीगढ़ से चार्टर्ड प्लेन और दिल्ली से पटना की सैर-सपाटे में मशगूल हैं।
राणा ने तंज कसते हुए कहा—“पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री देखने को मिला है जो हिमाचल भवन के मुख्यमंत्री स्वीट में ठहरने की बजाय दिल्ली और चंडीगढ़ में फाइव स्टार होटलों में रातें गुजारता है। प्रदेश को कर्ज की दलदल में धकेलकर मुख्यमंत्री शाही शौक पूरे कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश आपदा से जूझ रहा हो, और उस वक्त प्रदेश का मुखिया जनता को बेसहारा छोड़कर राजनीतिक आकाओं की चापलूसी और चार्टर्ड प्लेन की उड़ान भरता रहे—तो यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि मुख्यमंत्री की संवेदनहीनता का सबूत भी है।
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