

सैलानी व कामगार कई किलोमीटर सामान उठाकर चलने को मजबूर....
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कुल्लू , [ मनाली ] , 29 अगस्त [ विशाल सूद ] - पर्यटन नगरी मनाली मे हालांकि पिछले दो दिन कोई बारीश नहीं हुई पर जनजीवन अभी भी पटरी पर पूरी तरह से नहीं लौट पाया हैँ। मनाली से कुल्लू लेफ्ट और राइट बैंक दोनों ओर से अभी भी यातायात के लिए बंद हैँ, राइट बैंक के अभी जल्द खुलने की उम्मीद कम हैँ पर राइट बैंक चचोगा गाँव के पास आज शाम या कल दिन को खुलने की पूरी उम्मीद हैँ, पीडब्ल्यूडी की जेसीबी सड़क को खोलने के लिए मौक़े पर लगी हुई हैँ, जैसे ही इस पैच को यातायात के लिए वहाल कर लिया जायेगा, मनाली से कुल्लू यातायात के लिए वहाल हो जायेगा। इससे मनाली वासी समेत सैलानियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी, यहाँ के स्थानीय वासियों का कहना हैँ की चचोगा में इस स्थान पर प्रशासन को फ्लाईओवर बनाकर या पक्का कंक्रीट का बेस बनाकर मार्ग निकालना चाहिये। ताकी हर साल सड़क टूटने की यह दिक्कत ना रहे। इस रोड के अभी खुलते ही रोजमर्रा की वस्तुए भी मनाली तक आसानी से पहुंच जाएगी, हाल फिलहाल सैलानी यहाँ से अपने गंत्वय के लिए अपना सामान उठाकर चलने के लिए मजबूर हैँ, साथ में रोजमर्रा की वस्तुए भी गाड़ियों के बजाये पीठ पर उठाकर मनाली पहुंचाई जा रही हैँ।
कुल्लू , [ मनाली ] , 29 अगस्त [ विशाल सूद ] - पर्यटन नगरी मनाली मे हालांकि पिछले दो दिन कोई बारीश नहीं हुई पर जनजीवन अभी भी पटरी पर पूरी तरह से नहीं लौट पाया हैँ। मनाली से कुल्लू लेफ्ट और राइट बैंक दोनों ओर से अभी भी यातायात के लिए बंद हैँ, राइट बैंक के अभी जल्द खुलने की उम्मीद कम हैँ पर राइट बैंक चचोगा गाँव के पास आज शाम या कल दिन को खुलने की पूरी उम्मीद हैँ, पीडब्ल्यूडी की जेसीबी सड़क को खोलने के लिए मौक़े पर लगी हुई हैँ, जैसे ही इस पैच को यातायात के लिए वहाल कर लिया जायेगा, मनाली से कुल्लू यातायात के लिए वहाल हो जायेगा।
इससे मनाली वासी समेत सैलानियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी, यहाँ के स्थानीय वासियों का कहना हैँ की चचोगा में इस स्थान पर प्रशासन को फ्लाईओवर बनाकर या पक्का कंक्रीट का बेस बनाकर मार्ग निकालना चाहिये। ताकी हर साल सड़क टूटने की यह दिक्कत ना रहे।
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इस रोड के अभी खुलते ही रोजमर्रा की वस्तुए भी मनाली तक आसानी से पहुंच जाएगी, हाल फिलहाल सैलानी यहाँ से अपने गंत्वय के लिए अपना सामान उठाकर चलने के लिए मजबूर हैँ, साथ में रोजमर्रा की वस्तुए भी गाड़ियों के बजाये पीठ पर उठाकर मनाली पहुंचाई जा रही हैँ।
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