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चम्बा , 10 फरवरी [ शिवानी ] ! चिकित्सा शिक्षा और रोगी सेवाओं में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा के प्रबंधन ने आज परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्थिति और अस्पताल परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ समय से स्वच्छता व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और इसे और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। अस्पताल के बाहर निजी गाड़ियों के कारण होने वाली भीड़ को देखते हुए, प्रबंधन ने सभी निजी वाहनों को हटवा दिया है ताकि एम्बुलेंस और मरीजों की आवाजाही सुगम हो सके। अस्पताल में जल्द ही एक एआरटी सेंटर और कैंसर केयर सेंटर शुरू होने जा रहा है। इस सेंटर के शुरू होने से जिले के लगभग 180 एचआईवी मरीजों को उपचार के लिए टांडा नहीं जाना पड़ेगा।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं, विशेषकर फायर सेफ्टी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सर्दियों में बिजली के उपकरणों का लोड बढ़ने से आग का खतरा बना रहता है। इसके लिए हमने फायर एक्सटिंगुइशर रिफिल करवाए हैं और स्टाफ को मॉक ड्रिल के जरिए भी ट्रेनिंग दी जा रही है। इस दौरान प्रबंधन ने अस्पताल के एग्जिट प्लान की भी समीक्षा की। जिन रास्तों में लोहे की जाली या अन्य बाधाएं थीं, उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों और डॉक्टरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
चम्बा , 10 फरवरी [ शिवानी ] ! चिकित्सा शिक्षा और रोगी सेवाओं में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा के प्रबंधन ने आज परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्थिति और अस्पताल परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ समय से स्वच्छता व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और इसे और बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। अस्पताल के बाहर निजी गाड़ियों के कारण होने वाली भीड़ को देखते हुए, प्रबंधन ने सभी निजी वाहनों को हटवा दिया है ताकि एम्बुलेंस और मरीजों की आवाजाही सुगम हो सके।
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अस्पताल में जल्द ही एक एआरटी सेंटर और कैंसर केयर सेंटर शुरू होने जा रहा है। इस सेंटर के शुरू होने से जिले के लगभग 180 एचआईवी मरीजों को उपचार के लिए टांडा नहीं जाना पड़ेगा।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं, विशेषकर फायर सेफ्टी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सर्दियों में बिजली के उपकरणों का लोड बढ़ने से आग का खतरा बना रहता है।
इसके लिए हमने फायर एक्सटिंगुइशर रिफिल करवाए हैं और स्टाफ को मॉक ड्रिल के जरिए भी ट्रेनिंग दी जा रही है। इस दौरान प्रबंधन ने अस्पताल के एग्जिट प्लान की भी समीक्षा की। जिन रास्तों में लोहे की जाली या अन्य बाधाएं थीं, उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों और डॉक्टरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
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