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शिमला , 06 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य के करीब 10 हजार करोड़ रुपये रोके जाने के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकभवन जाने से कहीं बेहतर होता यदि भाजपा के नेता दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से हिमाचल के हक की लड़ाई लड़ते। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी (राज्य विकास अनुदान) योजना को 72 वर्षों के बाद बंद किया गया है, जो केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं है। यह योजना देश के कुल 17 राज्यों में बंद की गई है। हालांकि, हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं, जिसे केंद्र को समझना चाहिए।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आरडीजी की बहाली के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना आवश्यक है। उन्होंने भाजपा से अपील की कि वह इस विशेष सत्र में अपना पक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भाजपा को समय चाहिए तो सरकार उनके साथ मिलकर चलने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर बार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों को मजबूती से रखती रही है और आगे भी रखेगी। विधायक निधि न मिलने पर दी सफाईविधायक निधि को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक निधि तभी दी जा सकती है जब सरकार के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों। यदि किसी कारणवश विधायक निधि जारी नहीं हो पा रही है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि सरकार जानबूझकर ऐसा कर रही है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति से केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के विधायक भी प्रभावित हो रहे हैं। सरकार परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने को मजबूर है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने दोहराया कि सरकार टकराव नहीं बल्कि संवाद के रास्ते पर विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा यदि सहयोग करना चाहती है तो सरकार हर मुद्दे पर साथ चलने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राज्य के हित सर्वोपरि हैं और हिमाचल के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
शिमला , 06 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य के करीब 10 हजार करोड़ रुपये रोके जाने के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकभवन जाने से कहीं बेहतर होता यदि भाजपा के नेता दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से हिमाचल के हक की लड़ाई लड़ते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी (राज्य विकास अनुदान) योजना को 72 वर्षों के बाद बंद किया गया है, जो केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं है। यह योजना देश के कुल 17 राज्यों में बंद की गई है। हालांकि, हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं, जिसे केंद्र को समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आरडीजी की बहाली के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना आवश्यक है। उन्होंने भाजपा से अपील की कि वह इस विशेष सत्र में अपना पक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भाजपा को समय चाहिए तो सरकार उनके साथ मिलकर चलने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर बार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों को मजबूती से रखती रही है और आगे भी रखेगी।
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विधायक निधि न मिलने पर दी सफाई
विधायक निधि को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक निधि तभी दी जा सकती है जब सरकार के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों। यदि किसी कारणवश विधायक निधि जारी नहीं हो पा रही है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि सरकार जानबूझकर ऐसा कर रही है।
उन्होंने बताया कि इस स्थिति से केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के विधायक भी प्रभावित हो रहे हैं। सरकार परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने को मजबूर है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने दोहराया कि सरकार टकराव नहीं बल्कि संवाद के रास्ते पर विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा यदि सहयोग करना चाहती है तो सरकार हर मुद्दे पर साथ चलने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राज्य के हित सर्वोपरि हैं और हिमाचल के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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