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बिलासपुर , 05 फरवरी [ विशाल सूद ] ! 69वीं राष्ट्रीय स्कूल गेम्स की अंडर-19 छात्रा हैंडबाल प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश की बेटियों ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाते हुए छठी बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। प्रतियोगिता में पहुंचे मुख्यातिथि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विजेता एवं उपविजेता टीमों की सभी खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही विजेता टीम को 20 लाख देने की घोषणा की। उन्होंने बेटियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न केवल अनुशासन और आत्मविश्वास सिखाता है, बल्कि एकता और खेल भावना को भी मजबूत करता है। इससे पहले खचाखच भरे खेल मैदान में खेले गए फाइनल मुकाबले में मेजबान हिमाचल ने राजस्थान की मजबूत टीम को 31-20 के बड़े अंतर से पराजित कर स्वर्णिम जीत दर्ज की।मैच की शुरुआत से ही हिमाचल की टीम आत्मविश्वास और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरी। पहले हाफ में ही हिमाचल की खिलाड़ियों ने विपक्षी टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया और 19-5 की निर्णायक बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में राजस्थान ने वापसी का प्रयास जरूर किया, लेकिन हिमाचल की सशक्त डिफेंस लाइन और तेज काउंटर अटैक के आगे उनकी एक न चली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों के विकास के लिए गंभीर है। उन्होंने बताया कि यदि कोई खिलाड़ी प्रतियोगिता के लिए 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर प्रदेश से बाहर जाता है, तो उसे हवाई यात्रा की सुविधा दी जाती है और प्रतिदिन 500 रुपये की डाइट मनी भी प्रदान की जाती है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करें। हिमाचल की बेटियों की इस ऐतिहासिक जीत से पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है। घुमारवीं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह भूमि केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं की भी जननी है। मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाड़ीयों को मेडल पहनाएं और 20 लाख रुपए देने की घोषणा की ।
बिलासपुर , 05 फरवरी [ विशाल सूद ] ! 69वीं राष्ट्रीय स्कूल गेम्स की अंडर-19 छात्रा हैंडबाल प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश की बेटियों ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाते हुए छठी बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया।
प्रतियोगिता में पहुंचे मुख्यातिथि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विजेता एवं उपविजेता टीमों की सभी खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही विजेता टीम को 20 लाख देने की घोषणा की। उन्होंने बेटियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न केवल अनुशासन और आत्मविश्वास सिखाता है, बल्कि एकता और खेल भावना को भी मजबूत करता है।
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इससे पहले खचाखच भरे खेल मैदान में खेले गए फाइनल मुकाबले में मेजबान हिमाचल ने राजस्थान की मजबूत टीम को 31-20 के बड़े अंतर से पराजित कर स्वर्णिम जीत दर्ज की।
मैच की शुरुआत से ही हिमाचल की टीम आत्मविश्वास और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरी।
पहले हाफ में ही हिमाचल की खिलाड़ियों ने विपक्षी टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया और 19-5 की निर्णायक बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में राजस्थान ने वापसी का प्रयास जरूर किया, लेकिन हिमाचल की सशक्त डिफेंस लाइन और तेज काउंटर अटैक के आगे उनकी एक न चली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों के विकास के लिए गंभीर है। उन्होंने बताया कि यदि कोई खिलाड़ी प्रतियोगिता के लिए 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर प्रदेश से बाहर जाता है, तो उसे हवाई यात्रा की सुविधा दी जाती है और प्रतिदिन 500 रुपये की डाइट मनी भी प्रदान की जाती है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करें।
हिमाचल की बेटियों की इस ऐतिहासिक जीत से पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है। घुमारवीं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह भूमि केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं की भी जननी है। मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाड़ीयों को मेडल पहनाएं और 20 लाख रुपए देने की घोषणा की ।
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