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ऊना , 05 फरवरी [ विशाल सूद ] : राज्य खाद्य सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश कत्याल ने वीरवार को लघु सचिवालय ऊना में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति को लेकर एक समीक्षा बैठक की। बैठक में ज़िला अधिकारियों के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा पोषण से सम्बन्धित केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के ज़िला में प्रभावी कार्यान्वयन बारे विस्तृत समीक्षा की गई। डॉ. सत्य प्रकाश कत्याल ने कहा कि लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न एवं पोषण आहार पहुँचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने हितधारकों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाने पर बल देते हुए सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा अधिकारी नियमित रूप से फील्ड विजिट कर धरातलीय वास्तविकता की जानकारी लें तथा डाटा अपडेट रखें। राशन की समय पर पहुंच तथा भंडारण की स्थिति का अधिकारी स्वयं जायजा लें। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, बाल एवं महिला विकास एवं शिक्षा विभाग आपसी तालमेल से संचालित करें ताकि अंतिम पैदान पर बैठे लाभार्थी तक इन योजनाओं का लाभ मिल सके। डॉ. कत्याल ने जिला में नागरिक एवं खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित राशन वितरण, खाद्यान्नों की गुणवत्ता, शिकायत निवारण प्रणाली जांच और निवारण का विस्तृत व्यौरा लिया और सुधार को लेकर आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने शिक्षा विभाग में स्कूलों में मिड डे मील की उपलब्धता, डाइट चार्ट, आहार गुणवत्ता, शौचालयों की स्थिति, सेनेटरी पैड की उपलब्धता, न्यूट्रिशियन गार्डन की उपलब्धता व उपयोगिता की समीक्षा के अलावा महिला व बाल विकास विभाग से आंगनवाड़ियों के संचालन, शिशु स्वास्थ्य व देखभाल व पोषण तथा स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा नवजात शिशुओं के नियमित स्वास्थ्य जांच व पोषण, संतुलित आहार बारे जागरुकता से सम्बन्धित योजनाओं बारे विस्तृत चर्चा व फीडबैक ली। उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण के समय हितग्राहियों से भी चर्चा कर फीडबैक लेने का परामर्श दिया ताकि कमियों को दूर किया जा सके। स्कूलों में न्यूट्रीशन गार्डन के लिए समुचित भूमि की उपलब्धता व उपयोगिता सम्बन्धित डाटा उपलब्ध करवाया जाए। इसके अलावा कुपोषण प्रभावित बच्चों की जांच व खुराक की उपलब्धता के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य सुधार से सम्बन्धित रिपोर्ट का डाटा भी बनाया जाए ताकि योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त महेन्द्र पाल गुर्जर ने जानकारी दी कि ज़िला ऊना में एक लाख 42 हजार 90 राशनकार्डधारकों को 326 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से सस्ती दर पर राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है और जनसंख्या के आधार पर आवश्यकता अनुसार नई दुकानों को भी खोला जा रहा है। विभाग द्वारा भंडारण और राशन गुणवत्ता जांच के लिए नियमित निरीक्षण के साथ-साथ नियमित नमूने लेकर जांच भी की जाती है। इसके अलावा औचक निरीक्षण भी किये जा रहे हैं। शिकायत मिलने पर तुरन्त प्रतिक्रिया करके हल सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने बताया कि ज़िला के सभी स्कूलों में शौचालय मौजूद हैं और इनकी स्वच्छता बनाने रखने की उचित व्यवस्था तय की गई है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार निर्धारित मापदण्डों के अनुसार मिड डे मील चार्ट के अनुसार ज़िला सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को आहार का प्रावधान है। ज़िला में 0 से 6 वर्ष की आयु तक के शिशुओं को आयुवर्ग के अनुसार जरूरी वैक्सीनेशन प्रक्रिया सुनिश्चित बनाई गई है। इसके अलावा मातृ वन्दना योजना के तहत प्रथम शिश के जन्म पर दी जाने वाली राशि को ज़िला में सभी पात्र महिलाओं दिया जा रहा है। बैठक में जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक राजीव शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जगदीश धीमान, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह, उपनिदेशक शिक्षा सोम लाल धीमान, सीडीपीओ शिव वर्मा सहित सम्बन्धित विभागों की अधिकारियों ने भाग लिया।
ऊना , 05 फरवरी [ विशाल सूद ] : राज्य खाद्य सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश कत्याल ने वीरवार को लघु सचिवालय ऊना में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति को लेकर एक समीक्षा बैठक की। बैठक में ज़िला अधिकारियों के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा पोषण से सम्बन्धित केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के ज़िला में प्रभावी कार्यान्वयन बारे विस्तृत समीक्षा की गई।
डॉ. सत्य प्रकाश कत्याल ने कहा कि लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न एवं पोषण आहार पहुँचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने हितधारकों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाने पर बल देते हुए सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिये।
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उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा अधिकारी नियमित रूप से फील्ड विजिट कर धरातलीय वास्तविकता की जानकारी लें तथा डाटा अपडेट रखें। राशन की समय पर पहुंच तथा भंडारण की स्थिति का अधिकारी स्वयं जायजा लें। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, बाल एवं महिला विकास एवं शिक्षा विभाग आपसी तालमेल से संचालित करें ताकि अंतिम पैदान पर बैठे लाभार्थी तक इन योजनाओं का लाभ मिल सके।
डॉ. कत्याल ने जिला में नागरिक एवं खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित राशन वितरण, खाद्यान्नों की गुणवत्ता, शिकायत निवारण प्रणाली जांच और निवारण का विस्तृत व्यौरा लिया और सुधार को लेकर आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने शिक्षा विभाग में स्कूलों में मिड डे मील की उपलब्धता, डाइट चार्ट, आहार गुणवत्ता, शौचालयों की स्थिति, सेनेटरी पैड की उपलब्धता, न्यूट्रिशियन गार्डन की उपलब्धता व उपयोगिता की समीक्षा के अलावा महिला व बाल विकास विभाग से आंगनवाड़ियों के संचालन, शिशु स्वास्थ्य व देखभाल व पोषण तथा स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा नवजात शिशुओं के नियमित स्वास्थ्य जांच व पोषण, संतुलित आहार बारे जागरुकता से सम्बन्धित योजनाओं बारे विस्तृत चर्चा व फीडबैक ली।
उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण के समय हितग्राहियों से भी चर्चा कर फीडबैक लेने का परामर्श दिया ताकि कमियों को दूर किया जा सके। स्कूलों में न्यूट्रीशन गार्डन के लिए समुचित भूमि की उपलब्धता व उपयोगिता सम्बन्धित डाटा उपलब्ध करवाया जाए। इसके अलावा कुपोषण प्रभावित बच्चों की जांच व खुराक की उपलब्धता के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य सुधार से सम्बन्धित रिपोर्ट का डाटा भी बनाया जाए ताकि योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त महेन्द्र पाल गुर्जर ने जानकारी दी कि ज़िला ऊना में एक लाख 42 हजार 90 राशनकार्डधारकों को 326 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से सस्ती दर पर राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है और जनसंख्या के आधार पर आवश्यकता अनुसार नई दुकानों को भी खोला जा रहा है। विभाग द्वारा भंडारण और राशन गुणवत्ता जांच के लिए नियमित निरीक्षण के साथ-साथ नियमित नमूने लेकर जांच भी की जाती है। इसके अलावा औचक निरीक्षण भी किये जा रहे हैं। शिकायत मिलने पर तुरन्त प्रतिक्रिया करके हल सुनिश्चित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि ज़िला के सभी स्कूलों में शौचालय मौजूद हैं और इनकी स्वच्छता बनाने रखने की उचित व्यवस्था तय की गई है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार निर्धारित मापदण्डों के अनुसार मिड डे मील चार्ट के अनुसार ज़िला सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को आहार का प्रावधान है। ज़िला में 0 से 6 वर्ष की आयु तक के शिशुओं को आयुवर्ग के अनुसार जरूरी वैक्सीनेशन प्रक्रिया सुनिश्चित बनाई गई है। इसके अलावा मातृ वन्दना योजना के तहत प्रथम शिश के जन्म पर दी जाने वाली राशि को ज़िला में सभी पात्र महिलाओं दिया जा रहा है।
बैठक में जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक राजीव शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जगदीश धीमान, स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह, उपनिदेशक शिक्षा सोम लाल धीमान, सीडीपीओ शिव वर्मा सहित सम्बन्धित विभागों की अधिकारियों ने भाग लिया।
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