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शिमला ! कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार द्वारा कोविड 19 के चलते बाहरी लोगों के लिए प्रदेश की सीमाओं को खोलने के फैंसले को जल्दबाजी में केंद्र के दबाब में लिया गया एक गलत कदम बताया है।उन्होंने कहा है कि प्रदेश में दिंनो दिन कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है,इसलिए यह फैसला प्रदेश के लिए घातक सिद्ध होगा। राठौर ने पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा कि कांग्रेस प्रदेश की सीमाओं को खोलने की विरोधी नही है परन्तु जबतक कोविड संक्रमण जारी है तब तक सीमाओं पर बाहर से आने वाले लोगों विशेषकर पर्यटकों की कोविड रेपिड जांच होना बहुत ही आवश्यक है,जैसा कि हमारे पड़ोसी राज्य जम्मू कश्मीर व उत्तराखंड की सीमाओं पर किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के होटलियर भी यही चाहते ही कि पर्यटकों की पूरी कोविड स्वास्थ्य जांच के बाद ही उन्हें यहां आने दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है जहां कोविड जांच या अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है।ऐसे में अगर यह संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में फैलता है तो इसकी जिम्मेदारी किस की होगी।उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में इसका आंकड़ा दस हजार से ऊपर पहुँच गया है,और दिंनो दिन यह बढता ही जा रहा है।उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि प्रदेश में कोरोना सामुदायिक संक्रमण की ओर बढ़ रहा है,दूसरी तरफ बाहर से आने जाने वालों पर अब किसी भी प्रकार की कोई बंदिश नही होगी तो इस माहमारी पर रोक कैसे लगेगी। राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के दबाब में जनविरोधी फैसले ले रही है व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश हित की बात केंद्र के समक्ष प्रभावी ढंग से नही रख पा रहें है। राठौर ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कोविड 19 से निपटने में पूरी तरह असफल रही है।उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में लोगों को इस माहमारी के बीच जीने के लिए राम भरोसे छोड़ दिया है। राठौर ने सरकार से सभी बैंकों के कर्जदारों की ईएमआई मार्च 2021 तक स्थागित करने की मांग फिर दोहराई है।
शिमला ! कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार द्वारा कोविड 19 के चलते बाहरी लोगों के लिए प्रदेश की सीमाओं को खोलने के फैंसले को जल्दबाजी में केंद्र के दबाब में लिया गया एक गलत कदम बताया है।उन्होंने कहा है कि प्रदेश में दिंनो दिन कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है,इसलिए यह फैसला प्रदेश के लिए घातक सिद्ध होगा।
राठौर ने पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा कि कांग्रेस प्रदेश की सीमाओं को खोलने की विरोधी नही है परन्तु जबतक कोविड संक्रमण जारी है तब तक सीमाओं पर बाहर से आने वाले लोगों विशेषकर पर्यटकों की कोविड रेपिड जांच होना बहुत ही आवश्यक है,जैसा कि हमारे पड़ोसी राज्य जम्मू कश्मीर व उत्तराखंड की सीमाओं पर किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के होटलियर भी यही चाहते ही कि पर्यटकों की पूरी कोविड स्वास्थ्य जांच के बाद ही उन्हें यहां आने दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है जहां कोविड जांच या अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है।ऐसे में अगर यह संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में फैलता है तो इसकी जिम्मेदारी किस की होगी।उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में इसका आंकड़ा दस हजार से ऊपर पहुँच गया है,और दिंनो दिन यह बढता ही जा रहा है।उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि प्रदेश में कोरोना सामुदायिक संक्रमण की ओर बढ़ रहा है,दूसरी तरफ बाहर से आने जाने वालों पर अब किसी भी प्रकार की कोई बंदिश नही होगी तो इस माहमारी पर रोक कैसे लगेगी।
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राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के दबाब में जनविरोधी फैसले ले रही है व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश हित की बात केंद्र के समक्ष प्रभावी ढंग से नही रख पा रहें है।
राठौर ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कोविड 19 से निपटने में पूरी तरह असफल रही है।उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में लोगों को इस माहमारी के बीच जीने के लिए राम भरोसे छोड़ दिया है। राठौर ने सरकार से सभी बैंकों के कर्जदारों की ईएमआई मार्च 2021 तक स्थागित करने की मांग फिर दोहराई है।
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