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हिमाचल करूणामुलक आश्रित परिवारों का एक प्रतिनिधि मण्डल माननीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी से पालमपुर आवास पर मिला। तथा मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भैट की और अपनी माँगो को उनके समक्ष् रखा, प्रतिनिधि मंडल अजय कुमार की अध्यक्षता में शुभम महंत, राजीव कुमार, मदन लाल, सुमित कुमार, अक्षय कुमार, राजीव कुमार ब शेखर आदि ने एक बार फिर सीएम जयराम ठाकुर को एक बार फिर करुणामूलक नोकरियाँ संबंधी ज्ञापन सौंपा | ज्ञापन् मैं करूणामूलक् के अाधार पर दी जाने वाली नौकरीयो से आय का दायरा हटाये जाने की मांग की और कहा गया कि पेंशन व अन्य भतो को सालाना इनकम में ना जोडा जाये और 5% कोटे की शर्त को पूर्ण रूप से हटा दिया जाए ताकि विभिन्न विभाग अपने तोर पर नोकरियाँ दे सकें और जिन आश्रितों की उम्र निकल चुकी है उन सभी को एक मुश्त मुआवजा दिया जाए तथा आश्रितों को शेक्षणिक योग्यता के अनुसार विभिन्न श्रणीयों मैं नोकरियाँ दी जाए | इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हमारी समस्याओं को गंम्भीरता से लिया । माननीय मुख्यमंत्री ने कहा जल्द ही करूणामुलक प्रतिनिधी मंडल के ज्ञापन की जल्द ही समीक्षा करेंगे। बता दें कि करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी देने के मामलों पर अभी सरकार कोई अंतिम फैसला नहीं ले पाई है। जवकि सरकार के पास विभिन्न विभागों में करुणामूलक के लंबित करीब 5000 मामले पहुंचे हैं और प्रभावित परिवार करीब 15 साल से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। कई विभागों में कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने के बाद आश्रित परिवार की महिला ने बच्चे छोटे होने के कारण नौकरी नहीं ली थी जब बच्चे नौकरी योग्य हुए तो उन्हें नोकरी के लिए अब धक्के खाने पड़ रहे है
हिमाचल करूणामुलक आश्रित परिवारों का एक प्रतिनिधि मण्डल माननीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी से पालमपुर आवास पर मिला। तथा मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भैट की और अपनी माँगो को उनके समक्ष् रखा, प्रतिनिधि मंडल अजय कुमार की अध्यक्षता में शुभम महंत, राजीव कुमार, मदन लाल, सुमित कुमार, अक्षय कुमार, राजीव कुमार ब शेखर आदि ने एक बार फिर सीएम जयराम ठाकुर को एक बार फिर करुणामूलक नोकरियाँ संबंधी ज्ञापन सौंपा | ज्ञापन् मैं करूणामूलक् के अाधार पर दी जाने वाली नौकरीयो से आय का दायरा हटाये जाने की मांग की और कहा गया कि पेंशन व अन्य भतो को सालाना इनकम में ना जोडा जाये और 5% कोटे की शर्त को पूर्ण रूप से हटा दिया जाए ताकि विभिन्न विभाग अपने तोर पर नोकरियाँ दे सकें और जिन आश्रितों की उम्र निकल चुकी है उन सभी को एक मुश्त मुआवजा दिया जाए तथा आश्रितों को शेक्षणिक योग्यता के अनुसार विभिन्न श्रणीयों मैं नोकरियाँ दी जाए |
इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हमारी समस्याओं को गंम्भीरता से लिया । माननीय मुख्यमंत्री ने कहा जल्द ही करूणामुलक प्रतिनिधी मंडल के ज्ञापन की जल्द ही समीक्षा करेंगे।
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बता दें कि करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी देने के मामलों पर अभी सरकार कोई अंतिम फैसला नहीं ले पाई है। जवकि सरकार के पास विभिन्न विभागों में करुणामूलक के लंबित करीब 5000 मामले पहुंचे हैं और प्रभावित परिवार करीब 15 साल से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। कई विभागों में कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने के बाद आश्रित परिवार की महिला ने बच्चे छोटे होने के कारण नौकरी नहीं ली थी जब बच्चे नौकरी योग्य हुए तो उन्हें नोकरी के लिए अब धक्के खाने पड़ रहे है
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