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बिलासपुर पुलिस की सतर्कता का आभास उस समय हुआ जब जीप में छिप कर जा रहे प्रवासी लोगो को उन्होंने पकड़ लिया । ये लोग मंडी पुलिस को तो चकमा देकर निकल गए थे परंतु बिलासपुर पुलिस के हाथ लग गए । कोविड-19 के चलते सिर्फ जरूरी सामान लाने व ले जाने के लिए कुछ गाड़ियाें को दी गई छूट प्रवासियों को आवागमन करवाने का साधन बनने लगी हैं। इसका स्पष्ट उदाहरण बस अड्डा बिलासपुर में वीरवार को उस समय देखने को मिला जब एक जीप चालक 4 प्रवासी मजदूरों को मंडी से लेकर बिलासपुर तक पहुंच गया। यह जीप अंगूर छोड़कर वापस पंजाब जा रही थी। पुलिस नाके के दौरान 4 प्रवासी मजदूरों को पकड़ा। जानकारी के अनुसार यह जीप पटियाला से अंगूर लेकर गत दिवस मंडी गई थी तथा वीरवार को मंडी से वापस पटियाला जा रही थी। जीप चालक ने जीप के डाले में क्रेटों को इस तरह लगाया था कि इसमें बैठे लोगों का पता नहीं चल रहा था। जीप चालक ने इन चारों प्रवासियों को मंडी से बिठाया तथा इन्हें रोपड़ पहुंचाना था। इसके लिए इनसे 1200 रुपए का किराया भी लिया था। जब यह जीप बिलासपुर बस अड्डा के बाहर लगे नाके पर पहुंची तो पुलिस ने इसे जांच के लिए रोका तथा जीप चालक का नाम-पता लिखा। इस दौरान पुलिस को जीप चालक पर कुछ शक हुआ। इससे पहले की पुलिस जीप की तलाशी ले पाती कि एक जागरूक नागरिक विकास ने साथ लगती ईमारत से जीप के डाले में छिपकर बैठे 4 लोगों को देखा तथा पुलिस को इस बारे इशारा किया। पुलिस ने जब जीप की तलाशी ली तो जीप में 4 प्रवासी युवकों को बैठे पाया। यातायात पुलिस के जावन ने जब इस बारे में जीप चालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि ये मजदूर हैं, और रोपड़ ले जा रहा है। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में इन चारों प्रवासियों ने बताया कि वे सहारनपुर के रहने वाले हैं तथा मंडी में एक ठेकेदार के पास कार्य करते हैं। प्रवासी युवकों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने जीप चालक को 1200 रुपए दिए हैं। पूछताछ करने के बाद यातायात प्रभारी जगदीश सैणी ने सिटी चौकी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सिटी चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची तथा चारों का बयान कलमबद्ध किया। पुलिस ने चारों युवकों व जीप चालक को क्वारंटाइन के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा भेज दिया।
बिलासपुर पुलिस की सतर्कता का आभास उस समय हुआ जब जीप में छिप कर जा रहे प्रवासी लोगो को उन्होंने पकड़ लिया । ये लोग मंडी पुलिस को तो चकमा देकर निकल गए थे परंतु बिलासपुर पुलिस के हाथ लग गए । कोविड-19 के चलते सिर्फ जरूरी सामान लाने व ले जाने के लिए कुछ गाड़ियाें को दी गई छूट प्रवासियों को आवागमन करवाने का साधन बनने लगी हैं। इसका स्पष्ट उदाहरण बस अड्डा बिलासपुर में वीरवार को उस समय देखने को मिला जब एक जीप चालक 4 प्रवासी मजदूरों को मंडी से लेकर बिलासपुर तक पहुंच गया। यह जीप अंगूर छोड़कर वापस पंजाब जा रही थी। पुलिस नाके के दौरान 4 प्रवासी मजदूरों को पकड़ा।
जानकारी के अनुसार यह जीप पटियाला से अंगूर लेकर गत दिवस मंडी गई थी तथा वीरवार को मंडी से वापस पटियाला जा रही थी। जीप चालक ने जीप के डाले में क्रेटों को इस तरह लगाया था कि इसमें बैठे लोगों का पता नहीं चल रहा था। जीप चालक ने इन चारों प्रवासियों को मंडी से बिठाया तथा इन्हें रोपड़ पहुंचाना था। इसके लिए इनसे 1200 रुपए का किराया भी लिया था। जब यह जीप बिलासपुर बस अड्डा के बाहर लगे नाके पर पहुंची तो पुलिस ने इसे जांच के लिए रोका तथा जीप चालक का नाम-पता लिखा। इस दौरान पुलिस को जीप चालक पर कुछ शक हुआ।
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इससे पहले की पुलिस जीप की तलाशी ले पाती कि एक जागरूक नागरिक विकास ने साथ लगती ईमारत से जीप के डाले में छिपकर बैठे 4 लोगों को देखा तथा पुलिस को इस बारे इशारा किया। पुलिस ने जब जीप की तलाशी ली तो जीप में 4 प्रवासी युवकों को बैठे पाया। यातायात पुलिस के जावन ने जब इस बारे में जीप चालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि ये मजदूर हैं, और रोपड़ ले जा रहा है।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में इन चारों प्रवासियों ने बताया कि वे सहारनपुर के रहने वाले हैं तथा मंडी में एक ठेकेदार के पास कार्य करते हैं। प्रवासी युवकों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने जीप चालक को 1200 रुपए दिए हैं। पूछताछ करने के बाद यातायात प्रभारी जगदीश सैणी ने सिटी चौकी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सिटी चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची तथा चारों का बयान कलमबद्ध किया। पुलिस ने चारों युवकों व जीप चालक को क्वारंटाइन के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा भेज दिया।
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