हवाई मार्ग से लोगों को निकालने पर वसूले 75 हज़ार, बसों का भी लिया गया किराया “एक दिन भी और चली यह सरकार तो प्रदेश की बदकिस्मती होगी” – हर्ष महाजन
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चम्बा , 31 अगस्त [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से चारों ओर तबाही का मंजर है। प्रदेश के दुर्गम जिले चंबा में भी आपदा से भारी नुकसान हुआ है। इस कठिन समय में भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने प्रदेश सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। महाजन ने कहा कि चंबा में सड़कों को बड़ा नुकसान हुआ, लेकिन आपदा के दौरान मुख्यमंत्री बिहार में व्यस्त रहे और जिला प्रशासन घरों में बैठा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके से नदारद रहे। चंबा, भरमौर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन तक मौजूद नहीं थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपदा में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने के लिए 75 हज़ार रुपये वसूले गए और बसों का भी किराया लिया गया। “मैं खुद चंबा से आता हूँ और पहली बार जिले में इतनी भीषण आपदा देख रहा हूँ। चार दिन तक लगातार नुकसान होता रहा लेकिन प्रशासन पूरी तरह फेल रहा। मुख्यमंत्री तो बिहार में थे और स्थानीय अधिकारी घरों में बैठे रहे।” उन्होंने कहा कि मंत्री जगत सिंह नेगी और विक्रमादित्य सिंह चंबा का दौरा तो जरूर करने पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री ने मंत्रियों की शक्ति छीनकर उन्हें पूरी तरह असहाय बना दिया है। प्रदेश सरकार केवल बजट डाइवर्ट करने और प्रकृति से खिलवाड़ करने में लगी हुई है, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। महाजन ने बताया कि वर्ष 2023 और 2024 में आई आपदा के लिए प्रदेश सरकार को पहले ही केंद्र सरकार से राहत राशि मिल चुकी है। केंद्र की 9 टीमों ने आकलन कर प्रदेश को सहायता दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 20 हज़ार करोड़ की मांग कर सकती है, लेकिन राहत उतनी ही दी जाती है जितना वास्तविक नुकसान होता है। महाजन ने कहा कि प्रदेश की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। पुराने और अक्षम अधिकारियों को एक्सटेंशन दी जा रही है। युवाओं को रोजगार के नाम पर वन मित्र योजना में केवल 5 हज़ार रुपये देकर ठगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी सांसद – जयराम ठाकुर, राजीव बिंदल और जगत प्रकाश नड्डा – ने केंद्र के समक्ष हिमाचल का पक्ष मजबूती से रखा है और केंद्र से राज्य को उचित सहायता अवश्य मिलेगी। यह सरकार एक दिन भी और चलती है तो यह प्रदेश की बदकिस्मती होगी ।
चम्बा , 31 अगस्त [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से चारों ओर तबाही का मंजर है। प्रदेश के दुर्गम जिले चंबा में भी आपदा से भारी नुकसान हुआ है। इस कठिन समय में भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने प्रदेश सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।
महाजन ने कहा कि चंबा में सड़कों को बड़ा नुकसान हुआ, लेकिन आपदा के दौरान मुख्यमंत्री बिहार में व्यस्त रहे और जिला प्रशासन घरों में बैठा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके से नदारद रहे। चंबा, भरमौर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन तक मौजूद नहीं थे।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपदा में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने के लिए 75 हज़ार रुपये वसूले गए और बसों का भी किराया लिया गया।
“मैं खुद चंबा से आता हूँ और पहली बार जिले में इतनी भीषण आपदा देख रहा हूँ। चार दिन तक लगातार नुकसान होता रहा लेकिन प्रशासन पूरी तरह फेल रहा। मुख्यमंत्री तो बिहार में थे और स्थानीय अधिकारी घरों में बैठे रहे।”
उन्होंने कहा कि मंत्री जगत सिंह नेगी और विक्रमादित्य सिंह चंबा का दौरा तो जरूर करने पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री ने मंत्रियों की शक्ति छीनकर उन्हें पूरी तरह असहाय बना दिया है। प्रदेश सरकार केवल बजट डाइवर्ट करने और प्रकृति से खिलवाड़ करने में लगी हुई है, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
महाजन ने बताया कि वर्ष 2023 और 2024 में आई आपदा के लिए प्रदेश सरकार को पहले ही केंद्र सरकार से राहत राशि मिल चुकी है। केंद्र की 9 टीमों ने आकलन कर प्रदेश को सहायता दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 20 हज़ार करोड़ की मांग कर सकती है, लेकिन राहत उतनी ही दी जाती है जितना वास्तविक नुकसान होता है।
महाजन ने कहा कि प्रदेश की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। पुराने और अक्षम अधिकारियों को एक्सटेंशन दी जा रही है। युवाओं को रोजगार के नाम पर वन मित्र योजना में केवल 5 हज़ार रुपये देकर ठगा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी सांसद – जयराम ठाकुर, राजीव बिंदल और जगत प्रकाश नड्डा – ने केंद्र के समक्ष हिमाचल का पक्ष मजबूती से रखा है और केंद्र से राज्य को उचित सहायता अवश्य मिलेगी। यह सरकार एक दिन भी और चलती है तो यह प्रदेश की बदकिस्मती होगी ।
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