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बिलासपुर , 02 फरवरी [ विशाल सूद ] ! तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट पर गहरी चिंता जताई है। सोमवार को बिलासपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र के बजट में हिमाचल प्रदेश के साथ सरासर अन्याय किया गया है। वर्ष 1952 से घाटे की भरपाई के लिए प्रदेश को मिल रही विशेष ग्रांट को अचानक बंद कर दिया गया है, जो हिमाचल के लिए बड़ा झटका है। राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश की जनता को इस बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बजट ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। प्राकृतिक आपदाओं से बार-बार प्रभावित रहने वाले हिमाचल प्रदेश के लिए बजट में किसी भी तरह का विशेष राहत पैकेज शामिल नहीं किया गया, जो बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि यह कोई छोटी बात नहीं है, बल्कि यह हिमाचल के हक और अधिकारों की लड़ाई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर जल्द ही विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है और बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विशेष ग्रांट को बहाल किया जाए, ताकि प्रदेश के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
बिलासपुर , 02 फरवरी [ विशाल सूद ] ! तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट पर गहरी चिंता जताई है। सोमवार को बिलासपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र के बजट में हिमाचल प्रदेश के साथ सरासर अन्याय किया गया है। वर्ष 1952 से घाटे की भरपाई के लिए प्रदेश को मिल रही विशेष ग्रांट को अचानक बंद कर दिया गया है, जो हिमाचल के लिए बड़ा झटका है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश की जनता को इस बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बजट ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। प्राकृतिक आपदाओं से बार-बार प्रभावित रहने वाले हिमाचल प्रदेश के लिए बजट में किसी भी तरह का विशेष राहत पैकेज शामिल नहीं किया गया, जो बेहद निराशाजनक है।
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उन्होंने कहा कि यह कोई छोटी बात नहीं है, बल्कि यह हिमाचल के हक और अधिकारों की लड़ाई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर जल्द ही विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है और बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विशेष ग्रांट को बहाल किया जाए, ताकि प्रदेश के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
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