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बिलासपुर, 07 जनवरी ! हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने आज वर्चुअल माध्यम से जिला मुख्यालय बिलासपुर न्यायालय परिसर में स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायाधीश बिलासपुर न्यायमूर्ति विपिन चंद्र नेगी भी विशेषतौर पर उपस्थित रहे। इस मौके पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बिलासपुर में लंबित मामलों को देखते हुए यहां पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय को स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम आगामी समय में आमजन के लिए न्याय प्राप्त करने में राहत कारी सिद्ध होगा। इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लोगों को शीघ्र एवं प्रभावी न्याय का लाभ मिलेगा।इस अवसर पर कोर्ट परिसर बिलासपुर में मौजूद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना सुमंत डडवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में बिलासपुर सिविल एवं सत्र मंडल में कुल 28,859 मामले लंबित हैं, जिनमें 9,235 सिविल तथा 19,624 फौजदारी मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना से पूर्व जहां केवल 15 दिनों के लिए कैंप के माध्यम से सुनवाई होती थी, वहीं अब प्रतिदिन नियमित सुनवाई संभव हो सकेगी, जिससे मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और आमजन को समयबद्ध न्याय प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जिससे लंबित मामलों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिलेगी। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.एल. ठाकुर ने बिलासपुर में स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना के लिए उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया और इसे अधिवक्ताओं तथा वादकारियों दोनों के हित में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय बताया। इस अवसर पर नव नियुक्त अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीश भारद्वाज ने अपने पद का कार्यभार भी ग्रहण किया।इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ मोहित बंसल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षी शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रतीक गुप्ता, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सोनिया गुप्ता तथा मोबाइल ट्रैफिक मजिस्ट्रेट राघव गुप्ता सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और न्यायालय स्टाफ उपस्थित रहे।
बिलासपुर, 07 जनवरी ! हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने आज वर्चुअल माध्यम से जिला मुख्यालय बिलासपुर न्यायालय परिसर में स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायाधीश बिलासपुर न्यायमूर्ति विपिन चंद्र नेगी भी विशेषतौर पर उपस्थित रहे।
इस मौके पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बिलासपुर में लंबित मामलों को देखते हुए यहां पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय को स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम आगामी समय में आमजन के लिए न्याय प्राप्त करने में राहत कारी सिद्ध होगा। इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लोगों को शीघ्र एवं प्रभावी न्याय का लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर कोर्ट परिसर बिलासपुर में मौजूद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना सुमंत डडवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में बिलासपुर सिविल एवं सत्र मंडल में कुल 28,859 मामले लंबित हैं, जिनमें 9,235 सिविल तथा 19,624 फौजदारी मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना से पूर्व जहां केवल 15 दिनों के लिए कैंप के माध्यम से सुनवाई होती थी, वहीं अब प्रतिदिन नियमित सुनवाई संभव हो सकेगी, जिससे मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और आमजन को समयबद्ध न्याय प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जिससे लंबित मामलों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
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इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.एल. ठाकुर ने बिलासपुर में स्थायी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय की स्थापना के लिए उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया और इसे अधिवक्ताओं तथा वादकारियों दोनों के हित में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय बताया।
इस अवसर पर नव नियुक्त अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीश भारद्वाज ने अपने पद का कार्यभार भी ग्रहण किया।इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ मोहित बंसल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षी शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रतीक गुप्ता, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सोनिया गुप्ता तथा मोबाइल ट्रैफिक मजिस्ट्रेट राघव गुप्ता सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और न्यायालय स्टाफ उपस्थित रहे।
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