जनवरी में होने थे चुनाव, अप्रैल तक घसीटे गए; लोकतंत्र से कांग्रेस का डर साफ दिखाई दे रहा है
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शिमला , 10 जनवरी [ विशाल सूद ] ! भाजपा विधायक एवं प्रवक्ता आशीष शर्मा ने पंचायती राज चुनावों को लेकर कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की मंशा शुरू से ही पंचायत चुनाव टालने की रही है। अब जब माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं, तब भी कांग्रेस सरकार किसी न किसी बहाने से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। आशीष शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि पंचायती राज चुनाव जनवरी में संपन्न होने थे, लेकिन सरकार की नीयत में खोट होने के कारण इन्हें जानबूझकर टाला गया। आज स्थिति यह है कि न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सरकार पर चुनाव कराने का दबाव बना है, फिर भी कांग्रेस के नेता और सरकारी तंत्र भ्रम फैलाकर चुनाव प्रक्रिया को धीमा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कभी आपदा कानून, कभी परिसीमन और कभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का बहाना बनाकर पंचायत चुनावों को टालने का प्रयास किया। यह साफ दर्शाता है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था और पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करना चाहती है, क्योंकि उसे जमीनी स्तर पर जनता का समर्थन खोने का भय सता रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में लगातार संवैधानिक संस्थाओं और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी रही। राज्य चुनाव आयोग ने समय पर चुनाव करवाने के लिए बार-बार सरकार को आगाह किया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उसकी बातों को भी नजरअंदाज किया। यही कारण है कि अंततः माननीय उच्च न्यायालय को सख्त आदेश देने पड़े। आशीष शर्मा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी कांग्रेस चाहती है कि किसी तकनीकी अड़चन या नए बहाने के जरिए उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद चुनाव आगे खिसक जाएं। यह न केवल अदालत की अवमानना की मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि लोकतंत्र के प्रति कांग्रेस की असंवेदनशील सोच को भी उजागर करता है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की बुनियाद हैं और भाजपा किसी भी कीमत पर इन्हें कमजोर नहीं होने देगी। भाजपा ने हमेशा समय पर चुनाव, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की है और आगे भी कांग्रेस सरकार की हर चुनाव-विरोधी चाल को जनता के सामने लाती रहेगी। आशीष शर्मा ने कहा कि अब कांग्रेस सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पूर्ण पालन करना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है, और किसी भी सूरत में पंचायती राज चुनावों को और टालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। भाजपा इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखे हुए है और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी।
शिमला , 10 जनवरी [ विशाल सूद ] ! भाजपा विधायक एवं प्रवक्ता आशीष शर्मा ने पंचायती राज चुनावों को लेकर कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की मंशा शुरू से ही पंचायत चुनाव टालने की रही है। अब जब माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं, तब भी कांग्रेस सरकार किसी न किसी बहाने से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
आशीष शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि पंचायती राज चुनाव जनवरी में संपन्न होने थे, लेकिन सरकार की नीयत में खोट होने के कारण इन्हें जानबूझकर टाला गया। आज स्थिति यह है कि न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सरकार पर चुनाव कराने का दबाव बना है, फिर भी कांग्रेस के नेता और सरकारी तंत्र भ्रम फैलाकर चुनाव प्रक्रिया को धीमा करना चाहते हैं।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कभी आपदा कानून, कभी परिसीमन और कभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का बहाना बनाकर पंचायत चुनावों को टालने का प्रयास किया। यह साफ दर्शाता है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था और पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करना चाहती है, क्योंकि उसे जमीनी स्तर पर जनता का समर्थन खोने का भय सता रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में लगातार संवैधानिक संस्थाओं और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी रही। राज्य चुनाव आयोग ने समय पर चुनाव करवाने के लिए बार-बार सरकार को आगाह किया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उसकी बातों को भी नजरअंदाज किया। यही कारण है कि अंततः माननीय उच्च न्यायालय को सख्त आदेश देने पड़े।
आशीष शर्मा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी कांग्रेस चाहती है कि किसी तकनीकी अड़चन या नए बहाने के जरिए उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद चुनाव आगे खिसक जाएं। यह न केवल अदालत की अवमानना की मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि लोकतंत्र के प्रति कांग्रेस की असंवेदनशील सोच को भी उजागर करता है।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की बुनियाद हैं और भाजपा किसी भी कीमत पर इन्हें कमजोर नहीं होने देगी। भाजपा ने हमेशा समय पर चुनाव, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की है और आगे भी कांग्रेस सरकार की हर चुनाव-विरोधी चाल को जनता के सामने लाती रहेगी।
आशीष शर्मा ने कहा कि अब कांग्रेस सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पूर्ण पालन करना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है, और किसी भी सूरत में पंचायती राज चुनावों को और टालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। भाजपा इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखे हुए है और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी।
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