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कुल्लू , 23 फरवरी [ विशाल सूद ] ! जिला कुल्लू के अखाड़ा बाजार के इनर क्षेत्र के आपदा प्रभावित परिवारों ने मंगलवार को उपायुक्त कुल्लू से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। प्रभावितों ने बताया कि कुछ माह पहले हुए भीषण भूस्खलन में लगभग 10 लोगों की जान चली गई थी, लेकिन आज तक इलाके से मलबा पूरी तरह नहीं हटाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद वे दो से तीन महीने तक घरों से बाहर रहे, मगर उन्हें अब तक किराया या पुनर्वास सहायता नहीं मिली, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा किराया देने की घोषणा की गई थी। मजबूरी में परिवारों को फिर से उन्हीं घरों में लौटना पड़ा है, जो अभी भी रेड जोन में हैं। प्रभावितों ने बताया कि बरसात के समय उनकी रातों की नींद उड़ जाती है। हर पल दोबारा भूस्खलन का डर बना रहता है। उनका आरोप है कि खराब ड्रेनेज सिस्टम भी इस आपदा का एक बड़ा कारण है, जिसे अब तक दुरुस्त नहीं किया गया। क्षेत्र में हजार से अधिक लोगों की जान जोखिम में बनी हुई है। स्थानीय निवासी पुष्पांजलि, रूबी ने आरोप लगाया कि ऊपर से आने वाला कचरा, कपड़े और अन्य सामग्री भी मलबे के साथ जमा हो रही है, जिससे हालात और गंभीर हो रहे हैं।प्रभावित परिवारों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द मलबा हटाया जाए, ड्रेनेज व्यवस्था सुधारी जाए और उचित मुआवजा व राहत प्रदान की जाए, ताकि वे सुरक्षित जीवन जी सकें।
कुल्लू , 23 फरवरी [ विशाल सूद ] ! जिला कुल्लू के अखाड़ा बाजार के इनर क्षेत्र के आपदा प्रभावित परिवारों ने मंगलवार को उपायुक्त कुल्लू से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। प्रभावितों ने बताया कि कुछ माह पहले हुए भीषण भूस्खलन में लगभग 10 लोगों की जान चली गई थी, लेकिन आज तक इलाके से मलबा पूरी तरह नहीं हटाया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद वे दो से तीन महीने तक घरों से बाहर रहे, मगर उन्हें अब तक किराया या पुनर्वास सहायता नहीं मिली, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा किराया देने की घोषणा की गई थी। मजबूरी में परिवारों को फिर से उन्हीं घरों में लौटना पड़ा है, जो अभी भी रेड जोन में हैं।
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प्रभावितों ने बताया कि बरसात के समय उनकी रातों की नींद उड़ जाती है। हर पल दोबारा भूस्खलन का डर बना रहता है। उनका आरोप है कि खराब ड्रेनेज सिस्टम भी इस आपदा का एक बड़ा कारण है, जिसे अब तक दुरुस्त नहीं किया गया। क्षेत्र में हजार से अधिक लोगों की जान जोखिम में बनी हुई है।
स्थानीय निवासी पुष्पांजलि, रूबी ने आरोप लगाया कि ऊपर से आने वाला कचरा, कपड़े और अन्य सामग्री भी मलबे के साथ जमा हो रही है, जिससे हालात और गंभीर हो रहे हैं।प्रभावित परिवारों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द मलबा हटाया जाए, ड्रेनेज व्यवस्था सुधारी जाए और उचित मुआवजा व राहत प्रदान की जाए, ताकि वे सुरक्षित जीवन जी सकें।
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