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सोलन, 30 जनवरी [ विशाल सूद ] !गत दिनों मंडी में 'हिम कॉर्पोरेट सेक्टर पेंशनर्स' की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भारी संख्या में भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुरानी समन्वय व संघर्ष समितियों को भंग कर, कॉर्पोरेट सेक्टर के पेंशनभोगियों को एक ही नाम और बैनर तले संगठित किया जाए। गहन चर्चा के बाद नई संस्था का नाम "हिम कॉर्पोरेट सेक्टर पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट (हि.प्र.)" रखा गया। नई कार्यकारिणी का निर्विरोध चुनाव:बैठक के दौरान नई प्रदेश कार्यकारिणी का निर्विरोध गठन किया गया, जिसमें निम्नलिखित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई:- * अध्यक्ष: भीम सिंह चौहान * वरिष्ठ उपाध्यक्ष: जोगिन्द्र सारटा * महासचिव: एन. के. बाली * मुख्य प्रवक्ता: कमलेश शांडिल * मुख्य प्रैस सचिव: विनोद कुमार गुप्ता * मुख्य कोषाधिकारी: डी. आर. ठाकुर * मुख्य ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी: केवल चौहान पेंशन बहाली हेतु संघर्ष की रणनीति:नव-नियुक्त अध्यक्ष भीम सिंह चौहान ने बताया कि फ्रंट की टीम ने हाल ही में एन.जी.ओ. संयुक्त मोर्चा फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा से भेंट की और उन्हें कॉर्पोरेट सेक्टर की पेंशन बहाली की मांग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शर्मा ने इस मांग का पूर्ण समर्थन किया और आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इस विषय पर माननीय मुख्यमंत्री महोदय से वार्ता करवाएंगे।इसके अतिरिक्त, फ्रंट के एक प्रतिनिधिमंडल ने डाडासीबा (कांगड़ा) में आयोजित अधिवेशन में भी भाग लिया, जहाँ आत्मा राम शर्मा ने सार्वजनिक रूप से कॉर्पोरेट सेक्टर की पेंशन मांग का समर्थन करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी इस लड़ाई में उनके साथ हैं। आभार एवं संकल्प:अध्यक्ष भीम सिंह चौहान ने प्रदेश भर से आए सदस्यों का निर्विरोध चुनाव और एकजुटता दिखाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नई समिति पेंशन के मुद्दे को पूरी तन्मयता के साथ सरकार के समक्ष उठाएगी और इसे सफ़ल बनाकर ही दम लेगी। यह जानकारी प्रदेश प्रैस सचिव विनोद कुमार गुप्ता ने दी।
सोलन, 30 जनवरी [ विशाल सूद ] !
गत दिनों मंडी में 'हिम कॉर्पोरेट सेक्टर पेंशनर्स' की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भारी संख्या में भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुरानी समन्वय व संघर्ष समितियों को भंग कर, कॉर्पोरेट सेक्टर के पेंशनभोगियों को एक ही नाम और बैनर तले संगठित किया जाए। गहन चर्चा के बाद नई संस्था का नाम "हिम कॉर्पोरेट सेक्टर पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट (हि.प्र.)" रखा गया।
नई कार्यकारिणी का निर्विरोध चुनाव:
बैठक के दौरान नई प्रदेश कार्यकारिणी का निर्विरोध गठन किया गया, जिसमें निम्नलिखित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई:-
* अध्यक्ष: भीम सिंह चौहान
* वरिष्ठ उपाध्यक्ष: जोगिन्द्र सारटा
* महासचिव: एन. के. बाली
* मुख्य प्रवक्ता: कमलेश शांडिल
* मुख्य प्रैस सचिव: विनोद कुमार गुप्ता
* मुख्य कोषाधिकारी: डी. आर. ठाकुर
* मुख्य ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी: केवल चौहान
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पेंशन बहाली हेतु संघर्ष की रणनीति:
नव-नियुक्त अध्यक्ष भीम सिंह चौहान ने बताया कि फ्रंट की टीम ने हाल ही में एन.जी.ओ. संयुक्त मोर्चा फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा से भेंट की और उन्हें कॉर्पोरेट सेक्टर की पेंशन बहाली की मांग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शर्मा ने इस मांग का पूर्ण समर्थन किया और आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इस विषय पर माननीय मुख्यमंत्री महोदय से वार्ता करवाएंगे।
इसके अतिरिक्त, फ्रंट के एक प्रतिनिधिमंडल ने डाडासीबा (कांगड़ा) में आयोजित अधिवेशन में भी भाग लिया, जहाँ आत्मा राम शर्मा ने सार्वजनिक रूप से कॉर्पोरेट सेक्टर की पेंशन मांग का समर्थन करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी इस लड़ाई में उनके साथ हैं।
आभार एवं संकल्प:
अध्यक्ष भीम सिंह चौहान ने प्रदेश भर से आए सदस्यों का निर्विरोध चुनाव और एकजुटता दिखाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नई समिति पेंशन के मुद्दे को पूरी तन्मयता के साथ सरकार के समक्ष उठाएगी और इसे सफ़ल बनाकर ही दम लेगी। यह जानकारी प्रदेश प्रैस सचिव विनोद कुमार गुप्ता ने दी।
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