बेटियों से उपलब्धियों का समाज हित में प्रयोग करने का किया आह्वान। आपदा राहत कोष में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायकों ने दिया ₹25000 का योगदान
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हमीरपुर , 31 जनवरी [ विशाल सूद ] ! बेटियां मानव समाज का गौरव और सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। वे समाज का प्रथम और सर्वाधिक मजबूत स्तंभ तथा ईश्वर से मानवता को दिया गया सबसे कीमती उपहार हैं। शिक्षित, प्रगतिशील एवं आत्मनिर्भर बेटियां ही सशक्त एवं समृद्ध राष्ट्र का आधार हैं। अतः एक सभ्य समाज के रूप में मानवता की इस सांझी विरासत को सहेज कर रखना, उनकी प्रगति और सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करना तथा उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाना हम सबका दायित्व है। उक्त विचार सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैप्टन रंजीत सिंह राणा ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत सीडीपीओ टौणी देवी और जिला बाल संरक्षण अधिकारी हमीरपुर के सौजन्य से विकासखंड बमसन की 21 पंचायतों से विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली 65 चैंपियन बेटियों और उनके अभिभावकों के लिए माता टौणी देवी मंदिर प्रांगण में आयोजित प्रेरक संवाद एवं सम्मान समारोह में बेटियों तथा उनके अभिभावकों से रूबरू होते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि बेटियां सुखद भविष्य की संभावनाएं और मंगल कामनाएं हैं। वे जहां ग्रीष्म ऋतु में हवा के शीतल झोंके की तरह निराश मन में आशा का संचार करने वाली होती हैं, वहीं सीमित अवसरों और सीमित संसाधनों में भी अपनी योग्यता का लोहा बनाने वाली वीरांगनाएं भी होती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रतिस्पर्धी और प्रगतिशील समाज केवल सामानता और सम्मान के सिद्धांतों पर चलकर ही प्राप्त किया जा सकता है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का उद्देश्य ऐसे ही परिवेश की स्थापना करना है जिसमें बिना किसी भेदभाव के बेटियों को समान अवसर और उचित सम्मान प्राप्त हो। उन्होंने चैंपियन बेटियों से अपनी उपलब्धियों का समाज हित में उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने चैंपियन बेटियों से बाल विवाह, बाल मजदूरी इत्यादि सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने तथा समाज के उपेक्षित वर्गों की पहुंच विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तक सुनिश्चित करने में अपना योगदान देने के लिए कहा। उन्होंने चैंपियन बेटियों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, शाल, प्रेरक पुस्तक एवं नाम पट्टिका देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में₹25000 का योगदान दिया। इससे पूर्व प्रेरणादायक संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट अनुभव एवं विशेषज्ञता रखने वाले वक्ताओं ने बेटियों को जीवन और समाज उपयोगी विषयों पर प्रेरणादायक विचारों एवं जानकारी से अवगत कराया। सीडीपीओ टौणी देवी कुलदीप सिंह चौहान ने बेटियों से संवाद करते हुए कहा कि चैंपियन बेटी संवाद का उद्देश्य बेटियों को प्रेरित कर उनकी क्षमताओं, सृजनात्मक कौशलों ज्ञान और अनुभवों को सांझा करने का अवसर प्रदान करना है ताकि वे भावी जीवन में आने वाली कठिनाइयों और उपलब्ध संभावनाओं को अवसरों में बदलने की कला से पारंगत हो सकें। ऐसे आयोजन युवाओं को जीवन शिक्षा देकर उन्हें भावी जीवन के लिए परिपक्व बनाते हैं तथा उनके आत्मविश्वास में वृद्धि कर उन्हें उच्च स्तरीय नेतृत्व के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से ऐसे बच्चों विशेषकर बेटियों को गोद लेने का आह्वान किया जिनके सिर पर माता-पिता का साया न हो अथवा जिनके अभिभावकों के पास अत्यंत सीमित साधन हों । वीडीओ बमसन सुश्री वैशाली शर्मा ने ग्रामीण विकास में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए युवा बेटियों को चुनौतियों को स्वीकारने , ग्रामीण विकास में सलाहकार, सहभागी और नवप्रयोगों की प्रणेता बनकर समाज निर्माण में भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती बबली देवी एवं प्रधान ग्राम पंचायत टपरे श्री दीवान चंद विशेष रूप से उपस्थित रहे।
हमीरपुर , 31 जनवरी [ विशाल सूद ] ! बेटियां मानव समाज का गौरव और सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। वे समाज का प्रथम और सर्वाधिक मजबूत स्तंभ तथा ईश्वर से मानवता को दिया गया सबसे कीमती उपहार हैं। शिक्षित, प्रगतिशील एवं आत्मनिर्भर बेटियां ही सशक्त एवं समृद्ध राष्ट्र का आधार हैं।
अतः एक सभ्य समाज के रूप में मानवता की इस सांझी विरासत को सहेज कर रखना, उनकी प्रगति और सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करना तथा उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाना हम सबका दायित्व है। उक्त विचार सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैप्टन रंजीत सिंह राणा ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत सीडीपीओ टौणी देवी और जिला बाल संरक्षण अधिकारी हमीरपुर के सौजन्य से विकासखंड बमसन की 21 पंचायतों से विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली 65 चैंपियन बेटियों और उनके अभिभावकों के लिए माता टौणी देवी मंदिर प्रांगण में आयोजित प्रेरक संवाद एवं सम्मान समारोह में बेटियों तथा उनके अभिभावकों से रूबरू होते हुए व्यक्त किये।
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उन्होंने कहा कि बेटियां सुखद भविष्य की संभावनाएं और मंगल कामनाएं हैं। वे जहां ग्रीष्म ऋतु में हवा के शीतल झोंके की तरह निराश मन में आशा का संचार करने वाली होती हैं, वहीं सीमित अवसरों और सीमित संसाधनों में भी अपनी योग्यता का लोहा बनाने वाली वीरांगनाएं भी होती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रतिस्पर्धी और प्रगतिशील समाज केवल सामानता और सम्मान के सिद्धांतों पर चलकर ही प्राप्त किया जा सकता है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का उद्देश्य ऐसे ही परिवेश की स्थापना करना है जिसमें बिना किसी भेदभाव के बेटियों को समान अवसर और उचित सम्मान प्राप्त हो। उन्होंने चैंपियन बेटियों से अपनी उपलब्धियों का समाज हित में उपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने चैंपियन बेटियों से बाल विवाह, बाल मजदूरी इत्यादि सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने तथा समाज के उपेक्षित वर्गों की पहुंच विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तक सुनिश्चित करने में अपना योगदान देने के लिए कहा। उन्होंने चैंपियन बेटियों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, शाल, प्रेरक पुस्तक एवं नाम पट्टिका देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में₹25000 का योगदान दिया।
इससे पूर्व प्रेरणादायक संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट अनुभव एवं विशेषज्ञता रखने वाले वक्ताओं ने बेटियों को जीवन और समाज उपयोगी विषयों पर प्रेरणादायक विचारों एवं जानकारी से अवगत कराया। सीडीपीओ टौणी देवी कुलदीप सिंह चौहान ने बेटियों से संवाद करते हुए कहा कि चैंपियन बेटी संवाद का उद्देश्य बेटियों को प्रेरित कर उनकी क्षमताओं, सृजनात्मक कौशलों ज्ञान और अनुभवों को सांझा करने का अवसर प्रदान करना है ताकि वे भावी जीवन में आने वाली कठिनाइयों और उपलब्ध संभावनाओं को अवसरों में बदलने की कला से पारंगत हो सकें। ऐसे आयोजन युवाओं को जीवन शिक्षा देकर उन्हें भावी जीवन के लिए परिपक्व बनाते हैं तथा उनके आत्मविश्वास में वृद्धि कर उन्हें उच्च स्तरीय नेतृत्व के लिए तैयार करते हैं।
उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से ऐसे बच्चों विशेषकर बेटियों को गोद लेने का आह्वान किया जिनके सिर पर माता-पिता का साया न हो अथवा जिनके अभिभावकों के पास अत्यंत सीमित साधन हों । वीडीओ बमसन सुश्री वैशाली शर्मा ने ग्रामीण विकास में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए युवा बेटियों को चुनौतियों को स्वीकारने , ग्रामीण विकास में सलाहकार, सहभागी और नवप्रयोगों की प्रणेता बनकर समाज निर्माण में भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती बबली देवी एवं प्रधान ग्राम पंचायत टपरे श्री दीवान चंद विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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