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हमीरपुर , 06 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! सुजानपुर के निकट दाडला पंचायत के वार्ड नंबर 4 में एक हिरण के पानी के खाली टैंक में गिर जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई जब स्थानीय लोगों ने टैंक के भीतर हिरण को फंसा हुआ देखा। सूचना मिलते ही पंचायत उप प्रधान जगन कटोच ने तुरंत वन विभाग और प्रशासन को अवगत कराया, जिसके बाद एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब 8 घंटे तक चले इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान में फॉरेस्ट गार्ड टीम, दमकल विभाग, आपदा रेस्क्यू टीम और वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों ने आपसी तालमेल के साथ काम किया। टैंक गहरा और संकरा होने के कारण हिरण को सुरक्षित बाहर निकालना आसान नहीं था, लेकिन टीमों ने पूरी सावधानी और धैर्य के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। रेस्क्यू के दौरान हिरण की सेहत का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि उसे किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। अंततः सभी टीमों की कड़ी मेहनत रंग लाई और हिरण को सुरक्षित टैंक से बाहर निकाल लिया गया। बाहर आते ही हिरण को प्राथमिक जांच के बाद सुरक्षित जंगल की ओर छोड़ दिया गया। इस सफल रेस्क्यू अभियान के लिए स्थानीय लोगों ने सभी संबंधित विभागों और विशेष रूप से उप प्रधान जगन कटोच की त्वरित सूचना और सक्रिय भूमिका की सराहना की। यह घटना न केवल मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि समय पर सूचना और सामूहिक प्रयास से किसी भी आपदा का सफल समाधान संभव है।
हमीरपुर , 06 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! सुजानपुर के निकट दाडला पंचायत के वार्ड नंबर 4 में एक हिरण के पानी के खाली टैंक में गिर जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई जब स्थानीय लोगों ने टैंक के भीतर हिरण को फंसा हुआ देखा। सूचना मिलते ही पंचायत उप प्रधान जगन कटोच ने तुरंत वन विभाग और प्रशासन को अवगत कराया, जिसके बाद एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
करीब 8 घंटे तक चले इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान में फॉरेस्ट गार्ड टीम, दमकल विभाग, आपदा रेस्क्यू टीम और वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों ने आपसी तालमेल के साथ काम किया। टैंक गहरा और संकरा होने के कारण हिरण को सुरक्षित बाहर निकालना आसान नहीं था, लेकिन टीमों ने पूरी सावधानी और धैर्य के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया।
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रेस्क्यू के दौरान हिरण की सेहत का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि उसे किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। अंततः सभी टीमों की कड़ी मेहनत रंग लाई और हिरण को सुरक्षित टैंक से बाहर निकाल लिया गया। बाहर आते ही हिरण को प्राथमिक जांच के बाद सुरक्षित जंगल की ओर छोड़ दिया गया।
इस सफल रेस्क्यू अभियान के लिए स्थानीय लोगों ने सभी संबंधित विभागों और विशेष रूप से उप प्रधान जगन कटोच की त्वरित सूचना और सक्रिय भूमिका की सराहना की। यह घटना न केवल मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि समय पर सूचना और सामूहिक प्रयास से किसी भी आपदा का सफल समाधान संभव है।
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