आमंत्रण पत्र व पोस्टरों में सैनिक की उपेक्षा, बाहर से भीड़ और सैनिक बुलाने के आरोप
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हमीरपुर , 14 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने सर्व कल्याणकारी संस्था द्वारा आयोजित तथाकथित सैनिक सम्मान समारोह पर कड़ा हमला बोलते हुए इसे सैनिकों के सम्मान के नाम पर ढोंग और राजनीतिक दिखावा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस सैनिक के नाम पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, उसका नाम आमंत्रण पत्र में सबसे नीचे दिया गया है, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे पोस्टरों में उस सैनिक का फोटो तक गायब है। यह सीधे-सीधे सैनिक सम्मान का अपमान है। विधायक ने कहा कि सैनिकों के सम्मान की बात करने वाले पूर्व विधायक जनता से जनबल हार चुके हैं और अब केवल राजनीति में जिंदाबाद रहने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पोस्टर ऐसा भी सामने आया है जिसमें महामहिम का फोटो और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का फोटो पीछे दिखाया गया है, जबकि राजा साहब और स्वयं पूर्व विधायक का फोटो आगे प्रमुखता से लगाया गया है। यह न केवल राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि सैनिक सम्मान जैसे पवित्र कार्यक्रम की भावना को भी ठेस पहुंचाता है। कैप्टन रणजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा सैनिकों का अपमान न कभी देखा है और न ही सुना है, जैसा आज सर्व कल्याणकारी संस्था द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जिला भाजपा के कई बड़े और सम्मानित नेताओं का रहा है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल और पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं, लेकिन न तो इन नेताओं का नाम आमंत्रण पत्र में है और न ही किसी सोशल मीडिया पोस्ट में उनका उल्लेख किया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि पूर्व विधायक अपने से बड़े किसी नेता को न देख सकते हैं और न ही स्वीकार कर पाते हैं। विधायक ने आगे कहा कि पूर्व विधायक केवल औपचारिकताएं निभाने में विश्वास रखते हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के लोग और अपने जिले के सैनिक पसंद नहीं हैं, बल्कि बाहर से आए लोग ही उन्हें अधिक प्रिय हैं। इसका उदाहरण उन्होंने वर्ष 2017 और 2024 की राजनीतिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए दिया, जब अपने ही गिरी जिले के मुख्यमंत्री को पद से हटाने के प्रयास किए गए। कैप्टन रणजीत सिंह ने आरोप लगाया कि सुजानपुर में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह पूरी तरह फ्लॉप हो चुका है, जिसके चलते अब बाहर से जनता और सैनिकों को बुलाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए मंडल अध्यक्षों, पदाधिकारियों और अन्य नेताओं को लगातार फोन किए जा रहे हैं तथा पूरा-पूरा खर्चा उठाने की बातें भी कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में पहले से ही लगभग 5000 से अधिक सैनिक मौजूद हैं, इसके बावजूद बाहर से लोगों को बुलाना पड़ रहा है। अंत में विधायक ने कहा कि सैनिक सम्मान समारोह के नाम पर सैनिकों की गरिमा और सम्मान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आमंत्रण पत्र और सोशल मीडिया पोस्ट इस सच्चाई को स्वयं उजागर कर रहे हैं और जनता सब कुछ देख व समझ रही है।
हमीरपुर , 14 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने सर्व कल्याणकारी संस्था द्वारा आयोजित तथाकथित सैनिक सम्मान समारोह पर कड़ा हमला बोलते हुए इसे सैनिकों के सम्मान के नाम पर ढोंग और राजनीतिक दिखावा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस सैनिक के नाम पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, उसका नाम आमंत्रण पत्र में सबसे नीचे दिया गया है, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे पोस्टरों में उस सैनिक का फोटो तक गायब है। यह सीधे-सीधे सैनिक सम्मान का अपमान है।
विधायक ने कहा कि सैनिकों के सम्मान की बात करने वाले पूर्व विधायक जनता से जनबल हार चुके हैं और अब केवल राजनीति में जिंदाबाद रहने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पोस्टर ऐसा भी सामने आया है जिसमें महामहिम का फोटो और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का फोटो पीछे दिखाया गया है, जबकि राजा साहब और स्वयं पूर्व विधायक का फोटो आगे प्रमुखता से लगाया गया है। यह न केवल राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि सैनिक सम्मान जैसे पवित्र कार्यक्रम की भावना को भी ठेस पहुंचाता है।
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कैप्टन रणजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा सैनिकों का अपमान न कभी देखा है और न ही सुना है, जैसा आज सर्व कल्याणकारी संस्था द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जिला भाजपा के कई बड़े और सम्मानित नेताओं का रहा है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल और पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं, लेकिन न तो इन नेताओं का नाम आमंत्रण पत्र में है और न ही किसी सोशल मीडिया पोस्ट में उनका उल्लेख किया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि पूर्व विधायक अपने से बड़े किसी नेता को न देख सकते हैं और न ही स्वीकार कर पाते हैं।
विधायक ने आगे कहा कि पूर्व विधायक केवल औपचारिकताएं निभाने में विश्वास रखते हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के लोग और अपने जिले के सैनिक पसंद नहीं हैं, बल्कि बाहर से आए लोग ही उन्हें अधिक प्रिय हैं। इसका उदाहरण उन्होंने वर्ष 2017 और 2024 की राजनीतिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए दिया, जब अपने ही गिरी जिले के मुख्यमंत्री को पद से हटाने के प्रयास किए गए।
कैप्टन रणजीत सिंह ने आरोप लगाया कि सुजानपुर में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह पूरी तरह फ्लॉप हो चुका है, जिसके चलते अब बाहर से जनता और सैनिकों को बुलाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए मंडल अध्यक्षों, पदाधिकारियों और अन्य नेताओं को लगातार फोन किए जा रहे हैं तथा पूरा-पूरा खर्चा उठाने की बातें भी कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में पहले से ही लगभग 5000 से अधिक सैनिक मौजूद हैं, इसके बावजूद बाहर से लोगों को बुलाना पड़ रहा है।
अंत में विधायक ने कहा कि सैनिक सम्मान समारोह के नाम पर सैनिकों की गरिमा और सम्मान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आमंत्रण पत्र और सोशल मीडिया पोस्ट इस सच्चाई को स्वयं उजागर कर रहे हैं और जनता सब कुछ देख व समझ रही है।
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