- विज्ञापन (Article Top Ad) -
हमीरपुर , 24 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! सुजानपुर के वार्ड नंबर-1 से ताल्लुक रखने वाले साहिल गुप्ता पुत्र मुकेश गुप्ता ने विदेश की धरती पर अपने हुनर और नेतृत्व से न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि पूरे सुजानपुर का नाम रोशन कर दिया। साहिल वर्तमान में दुबई में जॉब कर रहे हैं और वहीं रहते हुए उन्होंने क्रिकेट के माध्यम से भारत और हिमाचल की छवि को गर्व के साथ आगे बढ़ाया है। साहिल गुप्ता से बातचीत में पता चला कि दुबई में भी भारत की तरह बड़े स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किए जाते हैं, जिनमें भारत के महान लीजेंड्स के नाम पर टीमें बनाई जाती हैं। इसी कड़ी में सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से बनी टीम के कप्तान रहे साहिल गुप्ता। उनकी कप्तानी में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी टीमों को पछाड़कर टूर्नामेंट अपने नाम किया। साहिल का कहना है कि जीत किसी एक खिलाड़ी से नहीं, बल्कि टीम की एकता, अनुशासन और आपसी तालमेल से मिलती है। इस टूर्नामेंट में जीत के रूप में भारतीय मुद्रा में लगभग डेढ़ लाख रुपये की इनामी राशि प्राप्त हुई। साहिल ने इसमें से 50 हजार रुपये एक एनजीओ को दान किए, ताकि जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई और भविष्य संवर सके, जबकि शेष राशि टीम में समान रूप से वितरित की गई। साहिल गुप्ता का यह कार्य आज के युवाओं के लिए एक मिसाल है। एक युवा होकर दूसरों के बारे में सोचना और समाज को लौटाना, यही सच्ची जीत है। सुजानपुर के लोग इस उपलब्धि पर गर्व और हर्ष से भरे हुए हैं।
हमीरपुर , 24 जनवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! सुजानपुर के वार्ड नंबर-1 से ताल्लुक रखने वाले साहिल गुप्ता पुत्र मुकेश गुप्ता ने विदेश की धरती पर अपने हुनर और नेतृत्व से न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि पूरे सुजानपुर का नाम रोशन कर दिया। साहिल वर्तमान में दुबई में जॉब कर रहे हैं और वहीं रहते हुए उन्होंने क्रिकेट के माध्यम से भारत और हिमाचल की छवि को गर्व के साथ आगे बढ़ाया है।
साहिल गुप्ता से बातचीत में पता चला कि दुबई में भी भारत की तरह बड़े स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किए जाते हैं, जिनमें भारत के महान लीजेंड्स के नाम पर टीमें बनाई जाती हैं। इसी कड़ी में सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से बनी टीम के कप्तान रहे साहिल गुप्ता।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
उनकी कप्तानी में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी टीमों को पछाड़कर टूर्नामेंट अपने नाम किया। साहिल का कहना है कि जीत किसी एक खिलाड़ी से नहीं, बल्कि टीम की एकता, अनुशासन और आपसी तालमेल से मिलती है।
इस टूर्नामेंट में जीत के रूप में भारतीय मुद्रा में लगभग डेढ़ लाख रुपये की इनामी राशि प्राप्त हुई। साहिल ने इसमें से 50 हजार रुपये एक एनजीओ को दान किए, ताकि जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई और भविष्य संवर सके, जबकि शेष राशि टीम में समान रूप से वितरित की गई।
साहिल गुप्ता का यह कार्य आज के युवाओं के लिए एक मिसाल है। एक युवा होकर दूसरों के बारे में सोचना और समाज को लौटाना, यही सच्ची जीत है। सुजानपुर के लोग इस उपलब्धि पर गर्व और हर्ष से भरे हुए हैं।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -