- विज्ञापन (Article Top Ad) -
शिमला , 09 जनवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता अनूप रतन ने कहा है कि राज्य सरकार कभी पंचायती राज चुनाव से पीछे नहीं हटी. हाईकोर्ट के फ़ैसले को राज्य सरकार के लिए झटका के तौर पर दिखाने की कोशिश हो रही है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है. आपदा आने से पहले ही राज्य सरकार चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर चुकी थी. महाधिवक्ता ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेशों के बारे में राज्य सरकार के साथ चर्चा करेंगे. चर्चा के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने के संबंध में फ़ैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार चुनाव कराने के पक्ष में ही बात कर रही थी, लेकिन चुनाव आयोग और संवेदनशील होकर चुनाव करवाना चाहता था. उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में जनता रहेगी, तभी चुनाव होंगे. महाधिवक्ता अनूप रतन ने कहा कि अदालत के फ़ैसले में जो टाइमलाइन तय की गई है, उसमें चुनाव करवाने में मुश्किल हो सकती है. उन्होंने कहा कि सभी तरह की अड़चन पर राज्य सरकार के साथ चर्चा की जाएगी.रतन ने कहा कि मार्च और अप्रैल के महीने में स्कूलों में परीक्षाएं भी होनी हैं. चुनाव में भी स्कूल के अध्यापकों की ड्यूटी रहती है.ऐसे में चुनाव सम्पन्न करवानाआसान नहीं होगा.इसी तरह रोस्टर जारी होने के बाद भी ऑब्जेक्शन के लिए भी ज़्यादा वक़्त नहीं मिल सकेगा.
शिमला , 09 जनवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता अनूप रतन ने कहा है कि राज्य सरकार कभी पंचायती राज चुनाव से पीछे नहीं हटी. हाईकोर्ट के फ़ैसले को राज्य सरकार के लिए झटका के तौर पर दिखाने की कोशिश हो रही है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है. आपदा आने से पहले ही राज्य सरकार चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर चुकी थी.
महाधिवक्ता ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेशों के बारे में राज्य सरकार के साथ चर्चा करेंगे. चर्चा के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने के संबंध में फ़ैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार चुनाव कराने के पक्ष में ही बात कर रही थी, लेकिन चुनाव आयोग और संवेदनशील होकर चुनाव करवाना चाहता था. उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में जनता रहेगी, तभी चुनाव होंगे.
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
महाधिवक्ता अनूप रतन ने कहा कि अदालत के फ़ैसले में जो टाइमलाइन तय की गई है, उसमें चुनाव करवाने में मुश्किल हो सकती है. उन्होंने कहा कि सभी तरह की अड़चन पर राज्य सरकार के साथ चर्चा की जाएगी.रतन ने कहा कि मार्च और अप्रैल के महीने में स्कूलों में परीक्षाएं भी होनी हैं. चुनाव में भी स्कूल के अध्यापकों की ड्यूटी रहती है.ऐसे में चुनाव सम्पन्न करवानाआसान नहीं होगा.इसी तरह रोस्टर जारी होने के बाद भी ऑब्जेक्शन के लिए भी ज़्यादा वक़्त नहीं मिल सकेगा.
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -