बसों की कमी का बहाना बनाकर सरकार कर रही राजगढ़ की अनदेखी, छात्रों व ग्रामीणों को भारी परेशानी
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सिरमौर , 08 जनवरी [ विशाल सूद ] ! राजगढ़ क्षेत्र में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवाएं लंबे समय से सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। सरकार द्वारा बसों की कमी का हवाला देकर राजगढ़ क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है। यह आरोप पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीना कश्यप ने मिडिया से विशेष बातचीत में लगाए। विधायक रीना कश्यप ने कहा कि राजगढ़ सब-डिपो के अंतर्गत चलने वाली परिवहन निगम की बसें नियमित रूप से नहीं चल पा रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 10 बसों के माध्यम से 25 लोकल रूट संचालित किए जा रहे हैं, जो जरूरत की तुलना में बेहद कम हैं। सोलन डिपो पर पूरी तरह निर्भर है राजगढ़ सब-डिपो विधायक ने बताया कि राजगढ़ का सब-डिपो पूरी तरह से सोलन डिपो पर निर्भर है। बसें सोलन डिपो से आती हैं डीज़ल की आपूर्ति भी सोलन से होती है। यहां तक कि बस खराब होने की स्थिति में मिस्त्री भी सोलन से ही बुलाने पड़ते हैं। ऐसे में यदि कोई बस रास्ते में खराब हो जाती है तो जब तक सोलन से मिस्त्री पहुंचता है, तब तक दो से तीन रूट फेल हो जाते हैं। इसका सीधा असर यात्रियों, विशेषकर स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ता है। निजी बसों के अभाव में जनता मजबूररीना कश्यप ने कहा कि राजगढ़ क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में निजी बस सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं और वहां केवल पथ परिवहन निगम की बसें ही आवाजाही का एकमात्र साधन हैं। बसों के नियमित न चलने से लोगों को समय पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और कार्यालय पहुंचने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।विधानसभा में उठाया मुद्दा, जवाब से नहीं हुई संतुष्टि विधायक ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया, लेकिन सरकार की ओर से केवल बसों की कमी को ही कारण बताया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि“क्या बसों की कमी केवल राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए ही है? अगर नहीं, तो फिर इस क्षेत्र के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?”स्थायी समाधान की मांग विधायक रीना कश्यप ने मांग की किराजगढ़ सब-डिपो को स्वतंत्र रूप से सशक्त किया जाए पर्याप्त बसों की तैनाती होडीज़ल और मरम्मत की स्थानीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके और बस सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो सकें।
सिरमौर , 08 जनवरी [ विशाल सूद ] ! राजगढ़ क्षेत्र में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस सेवाएं लंबे समय से सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। सरकार द्वारा बसों की कमी का हवाला देकर राजगढ़ क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है। यह आरोप पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीना कश्यप ने मिडिया से विशेष बातचीत में लगाए।
विधायक रीना कश्यप ने कहा कि राजगढ़ सब-डिपो के अंतर्गत चलने वाली परिवहन निगम की बसें नियमित रूप से नहीं चल पा रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 10 बसों के माध्यम से 25 लोकल रूट संचालित किए जा रहे हैं, जो जरूरत की तुलना में बेहद कम हैं।
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सोलन डिपो पर पूरी तरह निर्भर है राजगढ़ सब-डिपो विधायक ने बताया कि राजगढ़ का सब-डिपो पूरी तरह से सोलन डिपो पर निर्भर है। बसें सोलन डिपो से आती हैं डीज़ल की आपूर्ति भी सोलन से होती है। यहां तक कि बस खराब होने की स्थिति में मिस्त्री भी सोलन से ही बुलाने पड़ते हैं। ऐसे में यदि कोई बस रास्ते में खराब हो जाती है तो जब तक सोलन से मिस्त्री पहुंचता है, तब तक दो से तीन रूट फेल हो जाते हैं। इसका सीधा असर यात्रियों, विशेषकर स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ता है।
निजी बसों के अभाव में जनता मजबूर
रीना कश्यप ने कहा कि राजगढ़ क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में निजी बस सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं और वहां केवल पथ परिवहन निगम की बसें ही आवाजाही का एकमात्र साधन हैं। बसों के नियमित न चलने से लोगों को समय पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और कार्यालय पहुंचने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विधानसभा में उठाया मुद्दा, जवाब से नहीं हुई संतुष्टि विधायक ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया, लेकिन सरकार की ओर से केवल बसों की कमी को ही कारण बताया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि
“क्या बसों की कमी केवल राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए ही है?
अगर नहीं, तो फिर इस क्षेत्र के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?”
स्थायी समाधान की मांग विधायक रीना कश्यप ने मांग की किराजगढ़ सब-डिपो को स्वतंत्र रूप से सशक्त किया जाए पर्याप्त बसों की तैनाती हो
डीज़ल और मरम्मत की स्थानीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके और बस सेवाएं नियमित रूप से संचालित हो सकें।
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