- विज्ञापन (Article Top Ad) -
बिलासपुर 22 मार्च ! राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। नलवाड़ी मेला में ओम नमः शिवाय स्वयं सहायता समूह, झंडुता द्वारा लगाया गया स्टॉल मेले में आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। इस स्टॉल पर पारंपरिक और घर के बने व्यंजनों की खुशबू दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींच रही है। समूह की महिलाएं चाय, सिड्डू, कचैरी, सीरा, सेवइयां और घर का बना हुआ आचार तैयार कर बेचा जा रहा है। इन व्यंजनों में स्थानीय स्वाद और पारंपरिक पकवानों की झलक दिखाई दे रही है जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं। मेले में आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग इन उत्पादों की सराहना करते नहीं थक रहे हैं और स्वाद का भरपूर आनंद ले रहे हैं। ओम नमः शिवाय स्वयं सहायता समूह को झंडुत्ता गांव की चार-पांच महिलाएं मिलकर चला रही हैं। इनमें डिंपल सोनी, परमिला देवी (प्रधान) और सपना देवी प्रमुख रूप से शामिल हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से इस स्टॉल को सफल बनाया है। उनका कहना है कि इस तरह के मेलों में भाग लेने से न केवल उनकी आय में वृद्धि होती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलता है। समूह की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। साथ ही यह स्टॉल न केवल स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि यह स्थानीय महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की कहानी भी बयां कर रहा है।
समूह की महिलाएं चाय, सिड्डू, कचैरी, सीरा, सेवइयां और घर का बना हुआ आचार तैयार कर बेचा जा रहा है। इन व्यंजनों में स्थानीय स्वाद और पारंपरिक पकवानों की झलक दिखाई दे रही है जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं। मेले में आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग इन उत्पादों की सराहना करते नहीं थक रहे हैं और स्वाद का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
ओम नमः शिवाय स्वयं सहायता समूह को झंडुत्ता गांव की चार-पांच महिलाएं मिलकर चला रही हैं। इनमें डिंपल सोनी, परमिला देवी (प्रधान) और सपना देवी प्रमुख रूप से शामिल हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से इस स्टॉल को सफल बनाया है। उनका कहना है कि इस तरह के मेलों में भाग लेने से न केवल उनकी आय में वृद्धि होती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलता है।
समूह की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। साथ ही यह स्टॉल न केवल स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि यह स्थानीय महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की कहानी भी बयां कर रहा है।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -