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शिमला , 02 फ़रवरी [ विशाल सूद ] ! भारतीय जनता पार्टी सोलन जिला प्रवक्ता अभिषेक ठाकुर ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार के करों के विभाज्य पूल में 0.914 प्रतिशत का हिस्सा दिया गया है, जो कि लगभग ₹13,949 करोड़ की राशि बनती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में ₹2,388.97 करोड़ अधिक है, जो केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को दी गई बढ़ी हुई आर्थिक सहायता को दर्शाती है। अभिषेक ठाकुर ने कहा कि इसके बावजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री आदरणीय सुखविंदर सिंह सुक्खू जी द्वारा यह कहना कि केंद्र सरकार हिमाचल के साथ भेदभाव कर रही है, पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है। मुख्यमंत्री द्वारा गलत आंकड़े और अधूरी जानकारी प्रस्तुत कर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब 15वें वित्त आयोग में हिमाचल का हिस्सा 0.830 प्रतिशत था और अब 16वें वित्त आयोग में इसे बढ़ाकर 0.914 प्रतिशत किया गया है, तो यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल के अधिकारों में कटौती नहीं बल्कि वृद्धि की है। ऐसे में मुख्यमंत्री का बयान सच्चाई से परे है। अभिषेक ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी को प्रदेश की जनता से इस झूठ और भ्रम फैलाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा होती है कि वह तथ्य और सच्चाई के साथ जनता के सामने बात रखे, न कि राजनीतिक कारणों से भ्रम पैदा करे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की जनता को सच्चाई बताने के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को दिए जा रहे हर सहयोग को तथ्यों के साथ जनता के सामने रखती रहेगी।
शिमला , 02 फ़रवरी [ विशाल सूद ] ! भारतीय जनता पार्टी सोलन जिला प्रवक्ता अभिषेक ठाकुर ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार के करों के विभाज्य पूल में 0.914 प्रतिशत का हिस्सा दिया गया है, जो कि लगभग ₹13,949 करोड़ की राशि बनती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में ₹2,388.97 करोड़ अधिक है, जो केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को दी गई बढ़ी हुई आर्थिक सहायता को दर्शाती है।
अभिषेक ठाकुर ने कहा कि इसके बावजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री आदरणीय सुखविंदर सिंह सुक्खू जी द्वारा यह कहना कि केंद्र सरकार हिमाचल के साथ भेदभाव कर रही है, पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है। मुख्यमंत्री द्वारा गलत आंकड़े और अधूरी जानकारी प्रस्तुत कर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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उन्होंने कहा कि जब 15वें वित्त आयोग में हिमाचल का हिस्सा 0.830 प्रतिशत था और अब 16वें वित्त आयोग में इसे बढ़ाकर 0.914 प्रतिशत किया गया है, तो यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल के अधिकारों में कटौती नहीं बल्कि वृद्धि की है। ऐसे में मुख्यमंत्री का बयान सच्चाई से परे है।
अभिषेक ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी को प्रदेश की जनता से इस झूठ और भ्रम फैलाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा होती है कि वह तथ्य और सच्चाई के साथ जनता के सामने बात रखे, न कि राजनीतिक कारणों से भ्रम पैदा करे।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की जनता को सच्चाई बताने के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को दिए जा रहे हर सहयोग को तथ्यों के साथ जनता के सामने रखती रहेगी।
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