अवैध खैर कटान और तस्करी पर सरकार मौन, कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई : संजीव कटवाल
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शिमला , 27 फरवरी [ विशाल सूद ] ! भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा और प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने बिलासपुर जिले में अवैध खैर तस्करी के दौरान रेंज ऑफिसर सहित पांच वन कर्मियों को वाहन से कुचलने के प्रयास की घटना को बेहद गंभीर बताते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार किया है। बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि हिमाचल प्रदेश में कानून का भय समाप्त हो चुका है। वन माफिया इतने बेखौफ हो गए हैं कि वे सरकारी अधिकारियों की जान लेने से भी नहीं हिचक रहे। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके चलते अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध खैर कटान और वन संपदा की तस्करी बढ़ना प्रशासनिक ढिलाई और राजनीतिक संरक्षण का परिणाम है। करोड़ों रुपये की वन संपदा लूटी जा रही है, लेकिन सरकार ठोस कार्रवाई करने में असफल साबित हो रही है। प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने कहा कि यह केवल वन विभाग पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रश्नचिन्ह है। यदि रेंज ऑफिसर और वन कर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी है? कटवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार न तो पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर है और न ही प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा को लेकर संवेदनशील। अवैध कटान से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है और हिमाचल की हरित छवि धूमिल हो रही है। भाजपा नेताओं ने मांग की कि वन माफिया के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, दोषियों पर सख्त धाराओं में मुकदमा चलाकर उदाहरण प्रस्तुत किया जाए तथा वन अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रोटोकॉल और टास्क फोर्स गठित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो भाजपा प्रदेशभर में जनआंदोलन छेड़ने को बाध्य होगी।
शिमला , 27 फरवरी [ विशाल सूद ] ! भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा और प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने बिलासपुर जिले में अवैध खैर तस्करी के दौरान रेंज ऑफिसर सहित पांच वन कर्मियों को वाहन से कुचलने के प्रयास की घटना को बेहद गंभीर बताते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि हिमाचल प्रदेश में कानून का भय समाप्त हो चुका है। वन माफिया इतने बेखौफ हो गए हैं कि वे सरकारी अधिकारियों की जान लेने से भी नहीं हिचक रहे। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके चलते अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं।
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शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध खैर कटान और वन संपदा की तस्करी बढ़ना प्रशासनिक ढिलाई और राजनीतिक संरक्षण का परिणाम है। करोड़ों रुपये की वन संपदा लूटी जा रही है, लेकिन सरकार ठोस कार्रवाई करने में असफल साबित हो रही है।
प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने कहा कि यह केवल वन विभाग पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रश्नचिन्ह है। यदि रेंज ऑफिसर और वन कर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
कटवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार न तो पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर है और न ही प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा को लेकर संवेदनशील। अवैध कटान से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है और हिमाचल की हरित छवि धूमिल हो रही है।
भाजपा नेताओं ने मांग की कि वन माफिया के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, दोषियों पर सख्त धाराओं में मुकदमा चलाकर उदाहरण प्रस्तुत किया जाए तथा वन अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रोटोकॉल और टास्क फोर्स गठित की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो भाजपा प्रदेशभर में जनआंदोलन छेड़ने को बाध्य होगी।
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