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शिमला , 26 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने शोघी बैरियर घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में उपद्रव के आरोपियों को बचाने के लिए जिस तरह प्रदेश सरकार सक्रिय दिखी, उससे साफ है कि सत्ता कानून से ऊपर खुद को समझने लगी है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की छवि को सबसे ज्यादा नुकसान खुद मुख्यमंत्री के रवैये से हुआ है। राणा ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस को रोकना, उनसे बहस करना और उल्टा उन्हीं पर एफआईआर दर्ज करना यह दर्शाता है कि सरकार अपराधियों पर नहीं, बल्कि उन्हें बचाने वालों की भूमिका में खड़ी है। उन्होंने कहा कि अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलना इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई सही थी, जबकि प्रदेश सरकार का कदम राजनीतिक दबाव से प्रेरित था। उन्होंने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि हिमाचल देवभूमि है और यहां अपराधियों को संरक्षण देने की राजनीति को जनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। जिस व्यक्ति के हाथ में कानून की जिम्मेदारी हो, वही अगर कानून तोड़ने वालों का संरक्षक बन जाए तो यह शासन नहीं, सत्ता का दुरुपयोग कहलाता है। राणा ने मुख्यमंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि बचकानी, अपरिपक्व और अहंकार से भरी कार्यशैली के कारण प्रदेश की साख दांव पर लग गई है। जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी कि आखिर मुख्यमंत्री ने कानून का साथ दिया या कानून तोड़ने वालों का।
शिमला , 26 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने शोघी बैरियर घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में उपद्रव के आरोपियों को बचाने के लिए जिस तरह प्रदेश सरकार सक्रिय दिखी, उससे साफ है कि सत्ता कानून से ऊपर खुद को समझने लगी है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की छवि को सबसे ज्यादा नुकसान खुद मुख्यमंत्री के रवैये से हुआ है।
राणा ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस को रोकना, उनसे बहस करना और उल्टा उन्हीं पर एफआईआर दर्ज करना यह दर्शाता है कि सरकार अपराधियों पर नहीं, बल्कि उन्हें बचाने वालों की भूमिका में खड़ी है। उन्होंने कहा कि अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलना इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई सही थी, जबकि प्रदेश सरकार का कदम राजनीतिक दबाव से प्रेरित था।
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उन्होंने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि हिमाचल देवभूमि है और यहां अपराधियों को संरक्षण देने की राजनीति को जनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। जिस व्यक्ति के हाथ में कानून की जिम्मेदारी हो, वही अगर कानून तोड़ने वालों का संरक्षक बन जाए तो यह शासन नहीं, सत्ता का दुरुपयोग कहलाता है।
राणा ने मुख्यमंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि बचकानी, अपरिपक्व और अहंकार से भरी कार्यशैली के कारण प्रदेश की साख दांव पर लग गई है। जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी कि आखिर मुख्यमंत्री ने कानून का साथ दिया या कानून तोड़ने वालों का।
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