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शिमला , 14 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश में 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारी, सीटू के बैनर तले, 12 फरवरी से 16 फरवरी तक पांच दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी श्रम कानूनों व न्यायिक आदेशों के पालन, न्यूनतम वेतन, डबल ओवरटाइम, ईपीएफ-ईएसआई सुधार तथा कथित प्रताड़ना पर रोक की मांग कर रहे हैं। हड़ताल के चलते प्रदेशभर में एंबुलेंस सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हैं। हड़ताल के दौरान जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 16 फरवरी को शिमला के कुसुंपटी स्थित नेशनल हेल्थ मिशन कार्यालय के बाहर राज्य स्तरीय प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। हड़ताल के तीसरे दिन सेवाएं बुरी तरह बाधित रहीं और जिला मुख्यालयों सहित शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन हुआ। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि मेडस्वान फाउंडेशन के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को घोषित न्यूनतम वेतन व ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जा रहा तथा श्रम कानूनों और न्यायालयों के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। यूनियन ने न्यूनतम वेतन, डबल ओवरटाइम, छुट्टियों का प्रावधान, वेतन कटौती पर रोक, ईपीएफ-ईएसआई सुधार, यूनियन नेताओं के तबादले रद्द करने और पूर्व नियोक्ता जीवीके ईएमआरआई के कार्यकाल के बकाया भुगतान सहित विभिन्न मांगें रखी हैं। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
शिमला , 14 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश में 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारी, सीटू के बैनर तले, 12 फरवरी से 16 फरवरी तक पांच दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी श्रम कानूनों व न्यायिक आदेशों के पालन, न्यूनतम वेतन, डबल ओवरटाइम, ईपीएफ-ईएसआई सुधार तथा कथित प्रताड़ना पर रोक की मांग कर रहे हैं। हड़ताल के चलते प्रदेशभर में एंबुलेंस सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
हड़ताल के दौरान जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 16 फरवरी को शिमला के कुसुंपटी स्थित नेशनल हेल्थ मिशन कार्यालय के बाहर राज्य स्तरीय प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। हड़ताल के तीसरे दिन सेवाएं बुरी तरह बाधित रहीं और जिला मुख्यालयों सहित शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन हुआ। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि मेडस्वान फाउंडेशन के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को घोषित न्यूनतम वेतन व ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जा रहा तथा श्रम कानूनों और न्यायालयों के आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
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यूनियन ने न्यूनतम वेतन, डबल ओवरटाइम, छुट्टियों का प्रावधान, वेतन कटौती पर रोक, ईपीएफ-ईएसआई सुधार, यूनियन नेताओं के तबादले रद्द करने और पूर्व नियोक्ता जीवीके ईएमआरआई के कार्यकाल के बकाया भुगतान सहित विभिन्न मांगें रखी हैं। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
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