बजट 2026 निरंतरता, सुधार, आत्मनिर्भरता और सर्वसमावेशी विकास का रोडमैप
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शिमला , 08 फरवरी [ विशाल सूद ] ! केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से भारत एक स्पष्ट लक्ष्य और तय मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश भ्रष्टाचार, नीतिगत अस्थिरता और आर्थिक निराशा के दौर से गुजर रहा था, लेकिन पिछले 11 वर्षों में निर्णायक नीतियों और संरचनात्मक सुधारों के कारण भारत आज विश्व की शीर्ष मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में चौथे स्थान पर सम्मानपूर्वक खड़ा है और तीसरे स्थान की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बजट 2026 निरंतरता का बजट है, जिसमें स्थिरता, सर्वसमावेशिता और सतत विकास पर जोर दिया गया है। यह बजट “Action over Ambivalence, Reform over Rhetoric और People over Popularity” के सिद्धांतों पर आधारित है — यानी दुविधा नहीं, निर्णायक फैसले; केवल घोषणा नहीं, वास्तविक सुधार; और लोकप्रियता नहीं, जनशक्ति सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने बजट में सात प्रमुख आधार स्तंभ तय किए हैं — मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती, विरासत संरक्षण, MSME सशक्तिकरण, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, सतत विकास और आर्थिक स्थिरता। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ाकर लगभग ₹12.5 लाख करोड़ किया गया है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च का अर्थव्यवस्था पर कई गुना सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होता है। शेखावत ने कहा कि भारत ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में बड़ी छलांग लगाई है — जो देश 2014 में मोबाइल निर्माण नहीं करता था, आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्माता और निर्यातक है। बजट में बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और केमिकल पार्क जैसे भविष्य के क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उन्होंने कहा कि MSME क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ₹100 करोड़ का ग्रोथ फंड, TReDS प्लेटफॉर्म के विस्तार और सस्ते क्रेडिट की व्यवस्था की गई है। टियर-2 और टियर-3 शहरों को सिटी इकोनॉमिक हब के रूप में विकसित करने, पर्यटन और विरासत शहरों को विशेष रूप से सशक्त करने तथा शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने का प्रावधान भी बजट में किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, किसान कल्याण और गरीब कल्याण है। 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और तेजी से बढ़ते मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि बजट निर्माण से पहले हजारों युवाओं से सुझाव लेकर शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता आधारित रोडमैप तैयार किया गया है। शेखावत ने कहा कि आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबिलिटी आज राष्ट्रीय सुरक्षा के भी मूल मंत्र बन चुके हैं। बजट 2026 भारत को विकसित, सक्षम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी दस्तावेज है।
शिमला , 08 फरवरी [ विशाल सूद ] ! केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से भारत एक स्पष्ट लक्ष्य और तय मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश भ्रष्टाचार, नीतिगत अस्थिरता और आर्थिक निराशा के दौर से गुजर रहा था, लेकिन पिछले 11 वर्षों में निर्णायक नीतियों और संरचनात्मक सुधारों के कारण भारत आज विश्व की शीर्ष मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में चौथे स्थान पर सम्मानपूर्वक खड़ा है और तीसरे स्थान की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बजट 2026 निरंतरता का बजट है, जिसमें स्थिरता, सर्वसमावेशिता और सतत विकास पर जोर दिया गया है। यह बजट “Action over Ambivalence, Reform over Rhetoric और People over Popularity” के सिद्धांतों पर आधारित है — यानी दुविधा नहीं, निर्णायक फैसले; केवल घोषणा नहीं, वास्तविक सुधार; और लोकप्रियता नहीं, जनशक्ति सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने बजट में सात प्रमुख आधार स्तंभ तय किए हैं — मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती, विरासत संरक्षण, MSME सशक्तिकरण, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, सतत विकास और आर्थिक स्थिरता। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ाकर लगभग ₹12.5 लाख करोड़ किया गया है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च का अर्थव्यवस्था पर कई गुना सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होता है।
शेखावत ने कहा कि भारत ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में बड़ी छलांग लगाई है — जो देश 2014 में मोबाइल निर्माण नहीं करता था, आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्माता और निर्यातक है। बजट में बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और केमिकल पार्क जैसे भविष्य के क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है।
उन्होंने कहा कि MSME क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ₹100 करोड़ का ग्रोथ फंड, TReDS प्लेटफॉर्म के विस्तार और सस्ते क्रेडिट की व्यवस्था की गई है। टियर-2 और टियर-3 शहरों को सिटी इकोनॉमिक हब के रूप में विकसित करने, पर्यटन और विरासत शहरों को विशेष रूप से सशक्त करने तथा शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने का प्रावधान भी बजट में किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, किसान कल्याण और गरीब कल्याण है। 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और तेजी से बढ़ते मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि बजट निर्माण से पहले हजारों युवाओं से सुझाव लेकर शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता आधारित रोडमैप तैयार किया गया है।
शेखावत ने कहा कि आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबिलिटी आज राष्ट्रीय सुरक्षा के भी मूल मंत्र बन चुके हैं। बजट 2026 भारत को विकसित, सक्षम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी दस्तावेज है।
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