• लंबे वक्त से पड़े सूखे को लेकर भी जाहिर की चिंता, कहा- यह भी आपदा जैसी स्थिति
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शिमला , 21 जनवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार के साथ अच्छे संबंधों की जरूरत को दोहराया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कोने का विकास उनका लक्ष्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में आगे बढ़ने की बात कही। विक्रमादित्य ने कहा कि वे वीरभद्र सिंह की सोच को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने साल 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-Ⅳ बैच-Ⅰ के तहत हिमाचल प्रदेश की प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दे दी है। इन प्रस्तावों की समीक्षा सशक्त समिति ने 4 नवंबर, 2025 को आयोजित बैठक में की गई थी। विक्रमादित्य सिंह ने लंबे वक्त से पड़े सूखे को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह भी आपदा जैसी स्थिति है, जिसके बर्फबारी और बारिश नहीं हो रही है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं से राज्य के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सड़क संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे लोगों की आवाजाही सुगम होने के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी तथा स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक अवसरों में वृद्धि होगी। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि 294 सड़क कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 1,538.058 किलोमीटर है। इसकी लागत 2,247.24 करोड़ रुपये है। इसमें से 2,019.70 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास मंत्रालय वहन करेगा, जबकि राज्य सरकार का अंश 227.54 करोड़ रुपये होगा। इसमें उच्च विनिर्देश लागत के रूप में 3.124 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसकी प्रति किलोमीटर औसत लागत 146.11 लाख रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि इनमें से चार सड़कें बिलासपुर, 65 चंबा, दो हमीरपुर, 12 कांगड़ा, आठ किन्नौर, 65 कुल्लू, दो लाहौल-स्पीति, 23 मंडी, 97 शिमला, 11 सिरमौर, तीन सोलन और दो ऊना जिले के लिए स्वीकृत की गई हैं।
शिमला , 21 जनवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार के साथ अच्छे संबंधों की जरूरत को दोहराया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कोने का विकास उनका लक्ष्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में आगे बढ़ने की बात कही। विक्रमादित्य ने कहा कि वे वीरभद्र सिंह की सोच को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने साल 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-Ⅳ बैच-Ⅰ के तहत हिमाचल प्रदेश की प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दे दी है।
इन प्रस्तावों की समीक्षा सशक्त समिति ने 4 नवंबर, 2025 को आयोजित बैठक में की गई थी। विक्रमादित्य सिंह ने लंबे वक्त से पड़े सूखे को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह भी आपदा जैसी स्थिति है, जिसके बर्फबारी और बारिश नहीं हो रही है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं से राज्य के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सड़क संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे लोगों की आवाजाही सुगम होने के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी तथा स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक अवसरों में वृद्धि होगी। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि 294 सड़क कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 1,538.058 किलोमीटर है।
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इसकी लागत 2,247.24 करोड़ रुपये है। इसमें से 2,019.70 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास मंत्रालय वहन करेगा, जबकि राज्य सरकार का अंश 227.54 करोड़ रुपये होगा। इसमें उच्च विनिर्देश लागत के रूप में 3.124 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसकी प्रति किलोमीटर औसत लागत 146.11 लाख रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि इनमें से चार सड़कें बिलासपुर, 65 चंबा, दो हमीरपुर, 12 कांगड़ा, आठ किन्नौर, 65 कुल्लू, दो लाहौल-स्पीति, 23 मंडी, 97 शिमला, 11 सिरमौर, तीन सोलन और दो ऊना जिले के लिए स्वीकृत की गई हैं।
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