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शिमला , 23 फरवरी [ विशाल सूद ] ! शिमला में दृष्टिबाधितों का आंदोलन लगातार जारी है।दृष्टिबाधित संघ पिछले दो वर्षों से अधिक समय से बैकलॉग भर्ती और अन्य मांगों को लेकर शिमला में धरने पर बैठा है, और अब 120 दिनों से प्रदेश सचिवालय के बाहर धरने पर हैं। संघ ने मांगें पूरी न होने की स्थिति में फिर आंदोलन और उग्र करने की चेतावनी दी है और बजट सत्र के दौरान फिर से पुरजोर तरीके से बात सरकार के समझ उठाने की बात कही है। दृष्टिबाधित संघ के सदस्य देशराज ने बताया कि संघ 121 दिनों से प्रदेश सचिवालय के बाहर डटे हुए हैं। सरकार बैकलॉग भर्ती और बैंकलॉग़ कोटा को लेकर ठोस निर्णय ले। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने लंबे समय से धरने पर बैठे होने के बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी ने उनसे मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करने की पहल नहीं की। दृष्टिबाधित संघ भी पिछले दो साल से अधिक समय से शिमला में अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। रिक्त पदों पर लंबित बैकलॉग भर्ती को जल्द भरा जाए और दिव्यांगों को उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश विधानसभा में विधायक विनोद कुमार ने भी दृष्टिबाधितों के मुद्दे को उठाते हुए सरकार से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग वर्ग की अनदेखी उचित नहीं है और उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। देश राज ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा चक्का जाम जैसे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
शिमला , 23 फरवरी [ विशाल सूद ] ! शिमला में दृष्टिबाधितों का आंदोलन लगातार जारी है।दृष्टिबाधित संघ पिछले दो वर्षों से अधिक समय से बैकलॉग भर्ती और अन्य मांगों को लेकर शिमला में धरने पर बैठा है, और अब 120 दिनों से प्रदेश सचिवालय के बाहर धरने पर हैं। संघ ने मांगें पूरी न होने की स्थिति में फिर आंदोलन और उग्र करने की चेतावनी दी है और बजट सत्र के दौरान फिर से पुरजोर तरीके से बात सरकार के समझ उठाने की बात कही है।
दृष्टिबाधित संघ के सदस्य देशराज ने बताया कि संघ 121 दिनों से प्रदेश सचिवालय के बाहर डटे हुए हैं। सरकार बैकलॉग भर्ती और बैंकलॉग़ कोटा को लेकर ठोस निर्णय ले। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने लंबे समय से धरने पर बैठे होने के बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी ने उनसे मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करने की पहल नहीं की।
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दृष्टिबाधित संघ भी पिछले दो साल से अधिक समय से शिमला में अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। रिक्त पदों पर लंबित बैकलॉग भर्ती को जल्द भरा जाए और दिव्यांगों को उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश विधानसभा में विधायक विनोद कुमार ने भी दृष्टिबाधितों के मुद्दे को उठाते हुए सरकार से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग वर्ग की अनदेखी उचित नहीं है और उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
देश राज ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा चक्का जाम जैसे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
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