नशे के खिलाफ एकजुट हिमाचल: क्यारी-घुंडाह से उठी चिंगारी पांवटा साहिब पहुँची, भाजपा-कांग्रेस नेता एक मंच पर
- विज्ञापन (Article Top Ad) -
सिरमौर , 25 जनवरी [ विशाल सूद ] ! नशे के खिलाफ हिमाचल प्रदेश में एक ऐतिहासिक जनआंदोलन आकार लेता जा रहा है। क्यारी-घुंडाह गांव से शुरू हुई नशा विरोधी पदयात्रा आज पांवटा साहिब पहुँची, जहाँ भारी जनसमर्थन के साथ पूरे शहर और बाजार क्षेत्र में विशाल रैली निकाली गई। रैली के दौरान नशा माफियाओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और “चिट्टा माफिया हो बर्बाद” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। इस रैली की सबसे बड़ी और अहम तस्वीर यह रही कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सियासी दीवारें टूटती नजर आईं। भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता एक मंच पर दिखाई दिए, जिससे यह संदेश गया कि नशे के खिलाफ जंग राजनीति से ऊपर है। रैली में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी और पूर्व विधायक बलदेव तोमर विशेष रूप से मौजूद रहे। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मीडिया से बातचीत में दो टूक कहा कि प्रदेश सरकार नशा माफियाओं पर लगातार शिकंजा कस रही है। उन्होंने बताया कि नशे से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने पर 11 पुलिस कांस्टेबलों को निलंबित किया गया है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि नशा माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले समय में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार और भी कड़े कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और स्कूल-कॉलेजों में छात्रों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है। वहीं विधायक सुखराम चौधरी ने शिलाई क्षेत्र के युवाओं द्वारा शुरू की गई इस मुहिम को एक मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस तरह के जनआंदोलन बेहद जरूरी हैं। विधायक ने प्रदेश सरकार से नशे के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को और सख्ती से लागू करने की मांग की तथा पांवटा साहिब क्षेत्र में सक्रिय नशा माफियाओं पर कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया। पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने भी शिलाई के युवाओं की पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ ऐसे अभियान ही समाज को सही दिशा दिखाते हैं और युवा पीढ़ी को अंधकार से बाहर निकालने का काम करते हैं। गौरतलब है कि यह नशा विरोधी पदयात्रा 12 जनवरी को घुंडाह गांव से शुरू हुई थी, जो 26 जनवरी को नाहन में संपन्न होगी। करीब 121 किलोमीटर लंबी इस यात्रा के माध्यम से दर्जनों गांवों को जोड़ा जा रहा है और लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक कर एक मजबूत सामाजिक संदेश दिया जा रहा है। नशे के खिलाफ यह पदयात्रा अब एक आंदोलन बन चुकी है—एक ऐसा आंदोलन, जिसमें जनता, युवा और जनप्रतिनिधि कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आ रहे हैं।
सिरमौर , 25 जनवरी [ विशाल सूद ] ! नशे के खिलाफ हिमाचल प्रदेश में एक ऐतिहासिक जनआंदोलन आकार लेता जा रहा है। क्यारी-घुंडाह गांव से शुरू हुई नशा विरोधी पदयात्रा आज पांवटा साहिब पहुँची, जहाँ भारी जनसमर्थन के साथ पूरे शहर और बाजार क्षेत्र में विशाल रैली निकाली गई। रैली के दौरान नशा माफियाओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और “चिट्टा माफिया हो बर्बाद” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
इस रैली की सबसे बड़ी और अहम तस्वीर यह रही कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सियासी दीवारें टूटती नजर आईं। भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता एक मंच पर दिखाई दिए, जिससे यह संदेश गया कि नशे के खिलाफ जंग राजनीति से ऊपर है। रैली में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी और पूर्व विधायक बलदेव तोमर विशेष रूप से मौजूद रहे।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मीडिया से बातचीत में दो टूक कहा कि प्रदेश सरकार नशा माफियाओं पर लगातार शिकंजा कस रही है। उन्होंने बताया कि नशे से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने पर 11 पुलिस कांस्टेबलों को निलंबित किया गया है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि नशा माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले समय में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार और भी कड़े कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और स्कूल-कॉलेजों में छात्रों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है।
वहीं विधायक सुखराम चौधरी ने शिलाई क्षेत्र के युवाओं द्वारा शुरू की गई इस मुहिम को एक मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस तरह के जनआंदोलन बेहद जरूरी हैं। विधायक ने प्रदेश सरकार से नशे के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को और सख्ती से लागू करने की मांग की तथा पांवटा साहिब क्षेत्र में सक्रिय नशा माफियाओं पर कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया।
पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने भी शिलाई के युवाओं की पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ ऐसे अभियान ही समाज को सही दिशा दिखाते हैं और युवा पीढ़ी को अंधकार से बाहर निकालने का काम करते हैं।
गौरतलब है कि यह नशा विरोधी पदयात्रा 12 जनवरी को घुंडाह गांव से शुरू हुई थी, जो 26 जनवरी को नाहन में संपन्न होगी। करीब 121 किलोमीटर लंबी इस यात्रा के माध्यम से दर्जनों गांवों को जोड़ा जा रहा है और लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक कर एक मजबूत सामाजिक संदेश दिया जा रहा है।
नशे के खिलाफ यह पदयात्रा अब एक आंदोलन बन चुकी है—एक ऐसा आंदोलन, जिसमें जनता, युवा और जनप्रतिनिधि कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आ रहे हैं।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -