- विज्ञापन (Article Top Ad) -
हमीरपुर , 01 दिसंबर [ बिंदिया ठाकुर ] ! सुजानपुर का ऐतिहासिक चौगान, जो कभी सफाई और सुव्यवस्था के लिए पहचाना जाता था, आज बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच चौहान में दर्जनों गौवंश बेसहारा अवस्था में जीवन व्यतीत करते नजर आ रहे हैं। न उनके रहने के लिए कोई सुरक्षित स्थान है और न ही खाने के लिए हरी घास की व्यवस्था। ठंड से कांपते नवजात बछड़े और गायें खुले चौगान में बैठी हुई दिखाई दे रही हैं। यह स्थिति केवल लावारिस गौवंश तक सीमित नहीं है। कई पशुपालक दिनभर अपने पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे वे सड़कों और चौगान में भटकते रहते हैं। इससे न सिर्फ पशुओं की जान को खतरा बना रहता है, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। जिस चौगान को कभी स्वच्छता की मिसाल माना जाता था, आज वहीं कूड़े के ढेर और गंदगी साफ देखी जा सकती है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। आम आदमी द्वारा खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है और जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक गौवंश इस तरह ठंड में बेसहारा बैठे रहेंगे? क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देंगे या फिर यह ऐतिहासिक चौहान यूं ही उपेक्षा का शिकार बना रहेगा? यह वीडियो सुजानपुर चौहान की सच्चाई और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हमीरपुर , 01 दिसंबर [ बिंदिया ठाकुर ] ! सुजानपुर का ऐतिहासिक चौगान, जो कभी सफाई और सुव्यवस्था के लिए पहचाना जाता था, आज बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच चौहान में दर्जनों गौवंश बेसहारा अवस्था में जीवन व्यतीत करते नजर आ रहे हैं। न उनके रहने के लिए कोई सुरक्षित स्थान है और न ही खाने के लिए हरी घास की व्यवस्था। ठंड से कांपते नवजात बछड़े और गायें खुले चौगान में बैठी हुई दिखाई दे रही हैं।
यह स्थिति केवल लावारिस गौवंश तक सीमित नहीं है। कई पशुपालक दिनभर अपने पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे वे सड़कों और चौगान में भटकते रहते हैं। इससे न सिर्फ पशुओं की जान को खतरा बना रहता है, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। जिस चौगान को कभी स्वच्छता की मिसाल माना जाता था, आज वहीं कूड़े के ढेर और गंदगी साफ देखी जा सकती है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। आम आदमी द्वारा खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है और जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक गौवंश इस तरह ठंड में बेसहारा बैठे रहेंगे? क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देंगे या फिर यह ऐतिहासिक चौहान यूं ही उपेक्षा का शिकार बना रहेगा? यह वीडियो सुजानपुर चौहान की सच्चाई और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -