100 करोड़ से होगी ट्यूबवेल्स की रिमॉडलिंग, पंडोगा में 10 करोड़ से बनेगी रोप-वे परियोजना हरोली को 2027 तक शत-प्रतिशत पेयजल व सिंचाई सुविधा से संपन्न बनाने का लक्ष्य
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ऊना , 29 जनवरी [ विशाल सूद ] ! उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गुरुवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बढ़ेड़ा में नवनिर्मित पंचायत सामुदायिक केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री द्वारा कुल 1.14 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई थी, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, जबकि दूसरे तल का निर्माण कार्य दूसरे चरण में किया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर सुदृढ़ अधोसंरचना ही ग्रामीण विकास की वास्तविक रीढ़ होती है। उन्होंने पंचायत में आपसी एकजुटता से हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति मिलती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अब तक लगभग 300 ट्यूबवेल स्थापित किए जा चुके हैं। इन ट्यूबवेल्स की रिमॉडलिंग पर करीब 100 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। इसके अतिरिक्त 135 करोड़ रुपये की लागत से विभोर साहिब जल योजना की रिमॉडलिंग भी की जाएगी, जिससे क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
ऊना , 29 जनवरी [ विशाल सूद ] ! उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गुरुवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बढ़ेड़ा में नवनिर्मित पंचायत सामुदायिक केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री द्वारा कुल 1.14 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई थी, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, जबकि दूसरे तल का निर्माण कार्य दूसरे चरण में किया जाएगा।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर सुदृढ़ अधोसंरचना ही ग्रामीण विकास की वास्तविक रीढ़ होती है। उन्होंने पंचायत में आपसी एकजुटता से हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति मिलती है।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अब तक लगभग 300 ट्यूबवेल स्थापित किए जा चुके हैं। इन ट्यूबवेल्स की रिमॉडलिंग पर करीब 100 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। इसके अतिरिक्त 135 करोड़ रुपये की लागत से विभोर साहिब जल योजना की रिमॉडलिंग भी की जाएगी, जिससे क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
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