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बददी ! आन लाइन पास न होने से हरियाणा से बद्दी व बरोटीवाला आने वाले कामगारों को बिना काम के वापस लौटना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने इन कामगारों को किसी प्रकार के पास न देने से कामगारों में रोष व्याप्त है। भारतीय मजदूर संघ ने इसका विरोध किया है। संघ के कहना हैै कि हरियाणा से हजारों की सं या में कामगार बद्दी व बरोटीवाला उद्योगों में आते है लेकिन सीमा पर पुलिस चेकिंग के दौरान उनके पास आने की परमिशन न होने से वह बैंरग वापस लौट रहे है। जिससे एक ओर कामगारों को शोषण हो रहा है वहीं दूसरी ओर उद्योगों में भी कामगारों की कमी के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है। भामस ने इस संबध में प्रदेश के मु यमंंत्री व उद्योग मंत्री को पत्र लिख कर इस मामले को स्थानीय स्तर पर सुलझाने की मांग की है। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मेला राम चंदेल ने बताया कि बीबीएन में हरियाणा से हजारों की सं या में कामगार ड्यूटी करने आते है। इन कामगारों की रिहायश हरियाणा में है और यह ड्यूटी हिमाचल में करते है लेकिन वर्तमान में बिना पास के इन कामगारों को हिमाचल में घुसने नहीं दिया जा रहा है। यह कामगार हर रोज बैरियरों पर धूप व बारिश में अंदर आने का प्रयास करत है लेकिन उन्हें मान्य नहीं है। इन कामगारों को जिला उपायुक्त से आन लाईन परमिशन की बात की जाती है जो कि इनके साथ एक भद्दा मजाक है। इन कामगारों को आनलाईन परमिशन लेने का ज्ञान नहीं है। जिससे कामगारों का रोजगार छिन रहा है। पहले स्थानीय स्तर पर अधिकारी इन पास दे देते थे लेकिन अब यह पास नहीं चल रहे है। जिससे कामगार काफी परेशान है। उन्होंने कहा कि अगर कामगार नहीं आएँगे यहां के उद्योग कैसे चलेंगे। लगातार कामगारों की कमी से उद्योग प्रभावित हो रहे है। भारतीय मजदूर संघ ने सीएम को पत्र लिख कर कामगारों के लिए उद्योगों में आने के लिए स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को परमिशन देने की मांग की है जिससे कामगारों को दिहाड़ी मिल जाए साथ ही आसानी से उद्योग चल सके। प्रदेश सचिव राज भारद्वाज, रणजीत सिंह, खेम राज, अश्वनी कुमार, सुनिता राय, महेंद्र सिंह व अनिता ने मजदूरों की समस्या को हल करने की प्रदेश सरकार से अपील की है।
बददी ! आन लाइन पास न होने से हरियाणा से बद्दी व बरोटीवाला आने वाले कामगारों को बिना काम के वापस लौटना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने इन कामगारों को किसी प्रकार के पास न देने से कामगारों में रोष व्याप्त है। भारतीय मजदूर संघ ने इसका विरोध किया है। संघ के कहना हैै कि हरियाणा से हजारों की सं या में कामगार बद्दी व बरोटीवाला उद्योगों में आते है लेकिन सीमा पर पुलिस चेकिंग के दौरान उनके पास आने की परमिशन न होने से वह बैंरग वापस लौट रहे है। जिससे एक ओर कामगारों को शोषण हो रहा है वहीं दूसरी ओर उद्योगों में भी कामगारों की कमी के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है। भामस ने इस संबध में प्रदेश के मु यमंंत्री व उद्योग मंत्री को पत्र लिख कर इस मामले को स्थानीय स्तर पर सुलझाने की मांग की है। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मेला राम चंदेल ने बताया कि बीबीएन में हरियाणा से हजारों की सं या में कामगार ड्यूटी करने आते है।
इन कामगारों की रिहायश हरियाणा में है और यह ड्यूटी हिमाचल में करते है लेकिन वर्तमान में बिना पास के इन कामगारों को हिमाचल में घुसने नहीं दिया जा रहा है। यह कामगार हर रोज बैरियरों पर धूप व बारिश में अंदर आने का प्रयास करत है लेकिन उन्हें मान्य नहीं है। इन कामगारों को जिला उपायुक्त से आन लाईन परमिशन की बात की जाती है जो कि इनके साथ एक भद्दा मजाक है। इन कामगारों को आनलाईन परमिशन लेने का ज्ञान नहीं है। जिससे कामगारों का रोजगार छिन रहा है। पहले स्थानीय स्तर पर अधिकारी इन पास दे देते थे लेकिन अब यह पास नहीं चल रहे है। जिससे कामगार काफी परेशान है।
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उन्होंने कहा कि अगर कामगार नहीं आएँगे यहां के उद्योग कैसे चलेंगे। लगातार कामगारों की कमी से उद्योग प्रभावित हो रहे है। भारतीय मजदूर संघ ने सीएम को पत्र लिख कर कामगारों के लिए उद्योगों में आने के लिए स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को परमिशन देने की मांग की है जिससे कामगारों को दिहाड़ी मिल जाए साथ ही आसानी से उद्योग चल सके। प्रदेश सचिव राज भारद्वाज, रणजीत सिंह, खेम राज, अश्वनी कुमार, सुनिता राय, महेंद्र सिंह व अनिता ने मजदूरों की समस्या को हल करने की प्रदेश सरकार से अपील की है।
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