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चम्बा ! राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154 A में चनेड से लेकर मुख्यालय से साथ लगते करियाँ तक रास्ते में जगह-जगह लोगों ने अपने घरों के मकान निर्माण की सामग्री के ढेर लगाए हुए हैं। जिसकी वजह से यहां वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है। इन सभी ढेरों की वजह से अक्सर यहां वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं। सड़क के किनारे पर यह रेत बजरी और ईंटों के ढेर कई दिनों तक लगे रहते हैं हालांकि प्रशासन द्वारा बीच-बीच में इन लोगों के चालान भी काटे जाते हैं लेकिन उसके बावजूद भी यहां पर यह ढेर अक्सर देखने को मिल ही जाते हैं। वाहन चालक जब अपने ध्यान में गाड़ी चला रहे होते हैं तो एकदम आगे से जब यह रेत और बजरी के ढेर सामने आते हैं तो वहां पर उनके बाहन या तो स्किट मारते हैं या फिर उनके ऊपर ही चढ़ जाते हैं जिससे हमेशा दुर्घटनाएं होती रहती हैं। रावी नदी से रेत माफिया रेत निकाल कर रात के समय सड़कों पर फेंक देते हैं ताकि उनको वहां से दिन के समय उठा कर उसे बेच सकें। प्रशासन के इतने सख्त रवैया के बावजूद भी लोग इस तरह का यह गलत काम कर रहे हैं। अब प्रशासन को और भी कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि यहां राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर होने वाली छोटी-मोटी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। डीएसपी चंबा अजय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154A पर जगह-जगह जो लोगों ने मकान बनाने की सामग्री फेंक रखी होती है उसके लिए प्रशासनद्वारा समय-समय पर उनके चालान काटे जाते हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग रावी नदी से रेत निकाल सड़क के किनारे इकट्ठा करते हैं उनके वाहनों को जबत भी किया जाता है लेकिन उसके बावजूद भी लोग अगर नहीं मानते हैं तो उन पर और भी ज्यादा कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
चम्बा ! राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154 A में चनेड से लेकर मुख्यालय से साथ लगते करियाँ तक रास्ते में जगह-जगह लोगों ने अपने घरों के मकान निर्माण की सामग्री के ढेर लगाए हुए हैं। जिसकी वजह से यहां वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है। इन सभी ढेरों की वजह से अक्सर यहां वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं। सड़क के किनारे पर यह रेत बजरी और ईंटों के ढेर कई दिनों तक लगे रहते हैं हालांकि प्रशासन द्वारा बीच-बीच में इन लोगों के चालान भी काटे जाते हैं लेकिन उसके बावजूद भी यहां पर यह ढेर अक्सर देखने को मिल ही जाते हैं। वाहन चालक जब अपने ध्यान में गाड़ी चला रहे होते हैं तो एकदम आगे से जब यह रेत और बजरी के ढेर सामने आते हैं तो वहां पर उनके बाहन या तो स्किट मारते हैं या फिर उनके ऊपर ही चढ़ जाते हैं जिससे हमेशा दुर्घटनाएं होती रहती हैं। रावी नदी से रेत माफिया रेत निकाल कर रात के समय सड़कों पर फेंक देते हैं ताकि उनको वहां से दिन के समय उठा कर उसे बेच सकें।
प्रशासन के इतने सख्त रवैया के बावजूद भी लोग इस तरह का यह गलत काम कर रहे हैं। अब प्रशासन को और भी कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि यहां राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर होने वाली छोटी-मोटी दुर्घटनाओं से बचा जा सके। डीएसपी चंबा अजय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154A पर जगह-जगह जो लोगों ने मकान बनाने की सामग्री फेंक रखी होती है उसके लिए प्रशासनद्वारा समय-समय पर उनके चालान काटे जाते हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग रावी नदी से रेत निकाल सड़क के किनारे इकट्ठा करते हैं उनके वाहनों को जबत भी किया जाता है लेकिन उसके बावजूद भी लोग अगर नहीं मानते हैं तो उन पर और भी ज्यादा कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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