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सुन्नी । सतलुज नदी पर बना सुन्नी-थली पुल सुसाइड प्वॉइंट बनता जा रहा है। इस पुल से कूद कर आत्महत्या करने वालों के मामले बढ़ते जा रहे है। पिछले सप्ताह ही एक महिला ने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मंगलवार सुबह पुलिस थाना सुन्नी को सूचना मिली कि पुल के ऊपर किसी की चप्पले पड़ी है। थाना प्रभारी जयदेव शर्मा सुबह ही पुल पर छानबीन के लिए पहुंचे जहां पर पुल पर से गुजरने वाले राहगीरों से पता चला कि सोमवार रात करीब 10 बजे भी चप्पलें पुल पर देखी गई थी, आशंका है कि कोई रात में ही नदी में कूद गया हो । एसएचओ जयदेव शर्मा ने बताया कि अभी तक आसपास के क्षेत्र से किसी की गुमशुदगी की खबर नहीं आई है। उन्होंने बताया है कि चप्पलों का साइज 10 नंबर है यदि किसी को इस विषय में कोई जानकारी हो तो वह पुलिस से संपर्क कर सहयोग करें। पुल के आसपास रहने वाले तथा क्षेत्र के समाजसेेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल पर ऊंची सुरक्षा जालियाँ लगाने की अपील की है उनका कहना है कि इससे पहले तत्तापानी पुल पर भी नदी में कूदने की घटनाएं होती रहती थी मगर जब से वहां पर सुरक्षा जालियां लगाई गयी है उस के बाद कोई भी ऐसी घटना तत्तापानी पुल पर नहीं हुई है। इस पुल पर भी जाली लगने के बाद इस प्रकार की घटनाओं में कमी आएगी इसलिए प्रशासन को यहां पर भी जालिया लगानी चाहिए।
सुन्नी । सतलुज नदी पर बना सुन्नी-थली पुल सुसाइड प्वॉइंट बनता जा रहा है। इस पुल से कूद कर आत्महत्या करने वालों के मामले बढ़ते जा रहे है। पिछले सप्ताह ही एक महिला ने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मंगलवार सुबह पुलिस थाना सुन्नी को सूचना मिली कि पुल के ऊपर किसी की चप्पले पड़ी है। थाना प्रभारी जयदेव शर्मा सुबह ही पुल पर छानबीन के लिए पहुंचे जहां पर पुल पर से गुजरने वाले राहगीरों से पता चला कि सोमवार रात करीब 10 बजे भी चप्पलें पुल पर देखी गई थी, आशंका है कि कोई रात में ही नदी में कूद गया हो ।
एसएचओ जयदेव शर्मा ने बताया कि अभी तक आसपास के क्षेत्र से किसी की गुमशुदगी की खबर नहीं आई है। उन्होंने बताया है कि चप्पलों का साइज 10 नंबर है यदि किसी को इस विषय में कोई जानकारी हो तो वह पुलिस से संपर्क कर सहयोग करें।
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पुल के आसपास रहने वाले तथा क्षेत्र के समाजसेेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल पर ऊंची सुरक्षा जालियाँ लगाने की अपील की है उनका कहना है कि इससे पहले तत्तापानी पुल पर भी नदी में कूदने की घटनाएं होती रहती थी मगर जब से वहां पर सुरक्षा जालियां लगाई गयी है उस के बाद कोई भी ऐसी घटना तत्तापानी पुल पर नहीं हुई है। इस पुल पर भी जाली लगने के बाद इस प्रकार की घटनाओं में कमी आएगी इसलिए प्रशासन को यहां पर भी जालिया लगानी चाहिए।
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