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शिमला ! कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार से मांग की है हिमाचल प्रदेश में जिन लोगों व कारोबारियों ने बैंकों से लोन ले रखे है, उन सब की ईएमआई को इस साल के अंत तक स्थगित रखा जाए। उनका कहना है कि हिमाचल प्रदेश को विशेष दर्जे के तहत यह राहत दी जानी चाहिए, क्योंकि प्रदेश में अस्सी प्रतिशत से अधिक लोग अपने अपने कारोवार से है,जिनमें होटल,ट्रांसपोर्टर,दुकानदार, किसान व बागवान शामिल है,मध्यम वर्ग से सभी ने इसके लिए बैंकों से कुछ न कुछ लोन ले रखें है,इसलिए इन्हें राहत देने की बहुत आवश्यकता है। राठौर ने कहा है कि देश मे कोविड 19 के चलते प्रदेश में सभी प्रकार की व्यपारिक गतिविधियां पिछले चार महीनों से पूरी तरह बंद पड़ी है।प्रदेश में पर्यटन और बागवानी ही मुख्य व्यवसाय है ।उनका कहना है कि प्रदेश में लोगों की पूरी आर्थिकी इसी पर निर्भर है,ऐसे में सभी लोगों का जिन्होंने बैंकों से किसी न किसी रूप में लोन ले रखे है उन्हें इस साल दिसम्बर माह तक ईएमआई जमा करने में छूट जारी रहनी चाहिए,जिसकी छूट अबधि इसी माह खत्म हो रही है। राठौर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश को दिये गए बीस लाख करोड़ के कथित पैकज से प्रेदश के लोगों को कोई राहत नही मिली है।उनका कहना है कि भाजपा के नेता इस बारे अपने बड़े बड़े बयान दागते रहते है पर वह सब यह नही बता पा रहें है कि प्रदेश को इसका कितना लाभ मिला।लोगों को इस पैकज से कितनी राहत मिली। राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों पर महंगाई थोप रही है।ऐसे में जबकि प्रदेश के लोगों की आर्थिकी बुरी तरह प्रभावित है,बिजली,पानी व बस किरायों में बड़ी बृद्वि कर सरकार ने लोगों के जीवन को मुश्किलों में डाल दिया है।उनका कहना है कि अगर केंद्र ने प्रदेश सरकार की कोई आर्थिक मदद की है तो उसे आज इनके मूल्यों को बढ़ाने की क्या जरूरत पड़ गई है। राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के उस बयान पर जिसमें उन्होंने प्रदेश को तीस हजार करोड़ के घाटे की बात कही है पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को केंद्र से विशेष आर्थिक मदद की मांग करनी चाहिए जिससे लोगों को कोई राहत मिल सकें।
शिमला ! कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार से मांग की है हिमाचल प्रदेश में जिन लोगों व कारोबारियों ने बैंकों से लोन ले रखे है, उन सब की ईएमआई को इस साल के अंत तक स्थगित रखा जाए। उनका कहना है कि हिमाचल प्रदेश को विशेष दर्जे के तहत यह राहत दी जानी चाहिए, क्योंकि प्रदेश में अस्सी प्रतिशत से अधिक लोग अपने अपने कारोवार से है,जिनमें होटल,ट्रांसपोर्टर,दुकानदार, किसान व बागवान शामिल है,मध्यम वर्ग से सभी ने इसके लिए बैंकों से कुछ न कुछ लोन ले रखें है,इसलिए इन्हें राहत देने की बहुत आवश्यकता है।
राठौर ने कहा है कि देश मे कोविड 19 के चलते प्रदेश में सभी प्रकार की व्यपारिक गतिविधियां पिछले चार महीनों से पूरी तरह बंद पड़ी है।प्रदेश में पर्यटन और बागवानी ही मुख्य व्यवसाय है ।उनका कहना है कि प्रदेश में लोगों की पूरी आर्थिकी इसी पर निर्भर है,ऐसे में सभी लोगों का जिन्होंने बैंकों से किसी न किसी रूप में लोन ले रखे है उन्हें इस साल दिसम्बर माह तक ईएमआई जमा करने में छूट जारी रहनी चाहिए,जिसकी छूट अबधि इसी माह खत्म हो रही है।
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राठौर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश को दिये गए बीस लाख करोड़ के कथित पैकज से प्रेदश के लोगों को कोई राहत नही मिली है।उनका कहना है कि भाजपा के नेता इस बारे अपने बड़े बड़े बयान दागते रहते है पर वह सब यह नही बता पा रहें है कि प्रदेश को इसका कितना लाभ मिला।लोगों को इस पैकज से कितनी राहत मिली।
राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों पर महंगाई थोप रही है।ऐसे में जबकि प्रदेश के लोगों की आर्थिकी बुरी तरह प्रभावित है,बिजली,पानी व बस किरायों में बड़ी बृद्वि कर सरकार ने लोगों के जीवन को मुश्किलों में डाल दिया है।उनका कहना है कि अगर केंद्र ने प्रदेश सरकार की कोई आर्थिक मदद की है तो उसे आज इनके मूल्यों को बढ़ाने की क्या जरूरत पड़ गई है।
राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के उस बयान पर जिसमें उन्होंने प्रदेश को तीस हजार करोड़ के घाटे की बात कही है पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को केंद्र से विशेष आर्थिक मदद की मांग करनी चाहिए जिससे लोगों को कोई राहत मिल सकें।
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